शुक्रवार, 21 सितंबर 2012

वरदान है नींबू

विटामिन-सी से भरपूर नीबू स्फूर्तिदायक और रोग निवारक फल है। नीबू बहुत उपयोगी फल है। इसका वानस्पतिक नाम साइट्रस लिमोनम है। इसे संस्कृत में लिम्बुका, अरेबिक में लेमुन और अंग्रेजी में लेमन कहते हैं। इसका रंग पीला या हरा तथा स्वाद खट्टा होता है। विश्व में सबसे अधिक नीबू का उत्पादन भारत में होता है। भारत विश्व के कुल नीबू उत्पादन का १६ प्रतिशत भाग उत्पन्ना करता है। मलेशिया, मैक्सिको, अर्जेंटीना, ब्राजील एवं स्पेन अन्य मुख्य उत्पादक देश हैं। 

नीबू की कई किस्में होती हैं, लेकिन कागजी नीबू, कागजी कलाँ, गलगल तथा लाइम सिलहट ही अधिकता घरेलू उपयोग में आते हैं। इनमें कागजी नीबू सबसे अधिक लोकप्रिय है। विद्यमान विटामिन-सी की गुणवत्ता को बढ़ाता है। नीबू में विटामिन-सी के अलावा एक बहुत महत्वपूर्ण तत्व साइट्रिक एसिड (७.२ प्रश) होता है। इसके अलावा इसमें विटामिन-ए, नायसिन और थायमिन भी होते हैं। यह जबर्दस्त एंटीऑक्सीडेंट है और इम्युनिटी बढ़ाता है। नीबू खट्टा, गर्म, हल्का और तीखा होता है। विटामिन-सी के सर्वोत्तम स्रोत नीबू का उपयोग भोजन के साथ सलाद, शर्बत, आचार एवं सौंदर्य प्रसाधन के अलावा दवाओं में भी होता है। नीबू स्वाद में अम्लीय लगता है, लेकिन शरीर पर इसका प्रभाव क्षारीय है। इसलिए यह शरीर में अम्लता को कम करते है।

दाँतों का वैद्य है नीबू : 
नीबू का रस लगाने से दाँत के दर्द में आराम मिलता है। मसूड़ों पर नीबू का रस मलने से मसूड़ों से खून आना बंद हो जाता है। नीबू मुँह से आने वाली दुर्गंध में भी फायदा करता है। नीबू के सूखे छलकों को जला कर पीस लें और नमक मिला कर दंतमंजन बना लें। यह मंजन दांतों को चमका देता है और कुछ ही दिनों में दांतों पर लगी गंदगी साफ हो जाती है। नींबू का रस हमेशा पानी या किसी अन्य जूस में मिलाकर पीना चाहिए। नींबू के रस में साइट्रिक एसिड होता है जो दांतों के एनामल को नुक़सान पहुंचा सकता है। 

पाचन विकार और कब्ज़ भगाए 
यदि प्रातःकाल गुनगुने पानी में नींबू का रस और शहद मिलाकर लिया जाए तो पूरे शरीर का शोधन हो जाता है,पाचन-क्रिया चुस्त हो जाती है और कब्ज भी नहीं रहता। उदर विकार में तुरंत फायदा पहुंचता है। नींबू र्त-शोधक है और शरीर से विषैले पदार्थों का उत्सर्जन करता है। हिचकी बहुत देर से आ रही हो तो नींबू के रस में 2 छोटे चम्मच काला नमक,शहद का 1 छोटा चम्मच मिलाकर पीएं। यह पेट के कीड़े मार देता है। यह वमन का उपचार है और हैपेटाइटिस तथा अन्य रोगों में उपयोगी है। भोजन के बाद नींबू पानी एक उत्कृष्ट पेय माना गया है।

कैंसर का विनाशक 
नींबू में कैंसर कोशिकाओं का सफाया करने की चमत्कारिक क्षमता है। नींबू सभी प्रकार के कैंसर के बचाव और उपचार में बहुत कारगर है। यह कीमोथेरेपी से अधिक असरदार साबित हुई है। इसका स्वाद उम्दा है और शरीर पर कोई कुप्रभाव भी नहीं होता है। नीबू का सेवन कीमो और रेडियो के कुप्रभावों को भी कम करता है। शोधकर्ताओं ने नीबू में कुछ ऐसे तत्वों का पता लगाया है जो आँत, स्तन, प्रोस्टेट, फेफड़ा, अग्न्याशय आदि समेत १२ प्रकार के कैंसर में बहुत असरदार है। ये तत्व प्रचलित कैंसररोधी दवा एड्रियामाइसिन से १०,००० गुना असरदार है। विशेष बात यह है कि ये तत्व सिर्फ कैंसर कोशिका को ही मारते हैं, स्वस्थ कोशिकाओं पर कोई बुरा असर नहीं डालते।

रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है
नीबू के जूस से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है लेकिन इससे मोटापा नहीं बढ़ता है। पानी में नीबू और शहद मिला कर रोज पीने से आप बिना कमजोरी के वजन घटा सकते हैं।

घरेलू शैंपू है - नीबू का रस बालों की सेहत के लिए बहुत उपयोगी है। नीबू का रस लगाने से डेंड्रफ, बाल झड़ना आदि रोग मिट जाते हैं और वे चमक उठते हैं(डॉ. ओपी वर्मा,सेहत,नई दुनिया,सितम्बर 2012 प्रथमांक)।

8 टिप्‍पणियां:

  1. भोजन में नियमित करूँ, निम्बू का उपयोग |
    निश्चित ही बचता रहा, रहता सुखी निरोग |
    रहता सुखी निरोग , बड़ा नींबू गुणकारी |
    प्रस्तुति है उत्कृष्ट, सभी पाठक आभारी |
    लगे स्वाद अम्लीय, मगर क्षारीय असर है |
    खावो नींबू खूब, स्वस्थ रखता रविकर है ||

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  2. बेहतरीन प्रस्‍तुति।

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  3. सचमुच बहुत गुणकारी है नींबू !

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  4. नीम्बू का इस्तेमाल शीघ्र ही शुरू कर देंगे...

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  5. बढ़िया खट्टे फल की मीठे उपयोग...
    आभार
    अनु

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  6. नींबू तो बेहतर सस्ता उपाय है.... कुछ रोग विशेष में इसे खाने की इजाजत नहीं है। याद नहीं रोगों के नाम। पर सामान्य तौर पर अगर इसका सेवन स्वास्थ्यवर्धक है।

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