आज World Chronic Fatigue Syndrome Awareness Day है।
इन दिनों थकान का ज़्यादा होना एक सामान्य अनुभव है। जानिए,बगैर ग्लूकोज लिए थकान मिटाने के नुस्खेः
1. वज्र मुद्राः
हमें चाय-कॉफी या ऐसे किसी अन्य उत्तेजक पदार्थ से थकान में जो राहत मिलती है,इस मुद्रा से वही लाभ मिलता है क्योंकि शरीर में सबसे मज़बूत नाड़ी वज्र नाड़ी ही होती है और वज्र मुद्रा वज्र नाड़ी को ऊर्जा प्रदान करती है।
कैसे लगाएं: कनिष्ठा,अनामिका और मध्यमा को इस प्रकार मिलाएं कि तीनों उंगलियों के नाखून एक सीध में रहें। अब अंगूठे के शीर्ष भाग को मध्यमा के शीर्ष भाग के किनारे पर इस तरह रखें कि अंगूठे का अग्रभाग मध्यमा के नाखून के कोने को छूता हुआ हो। तर्जनी उंगली सीधी रहे।
कितनी देरःपांच-पांच मिनट तीन बार।
2. शिवलिंग मुद्राः खासकर अवसाद और निराशा से हुए थकान को दूर करने में यह मुद्रा बहुत उपयोगी है। इस मुद्रा से एक प्रकार की मस्ती अथवा स्वीकार-भाव पैदा होता है।
कैसे करें: बांयी हथेली को अपने पेट के पास लाकर उस पर दांयी हथेली से इस प्रकार मुट्ठी बनाकर रखें कि दांया अंगूठी सीधा ऊपर की ओर रहे। बांये हाथ की सभी उंगलियां मिली रहें और दोनों कोहनियां भी एकदम सीधी रहें।
कितनी देरः पांच-पांच मिनट दो बार।
3. शक्ति मुद्राः
अहंकार,क्रोध,द्वेष,ईर्ष्या,लोभ और मोह हमें शक्तिहीन बनाते हैं। खासकर क्रोध से शक्ति बहुत जल्दी क्षीण हो जाती है। शक्ति मुद्रा ऐसी स्थिति में बहुत कारगर है। जो अत्यधिक शारीरिक श्रम के कारण थक जाते हैं,उन्हें भी इस मुद्रा से काफी लाभ होगा।
कैसे करें: दोनों हाथों के अंगूठों को मुट्ठियों में बंद कर लें। वज्रासन में बैठकर अथवा लेटकर शक्ति मुद्रा बनाकर अपनी हथेलियों को नाभि के नीचे हल्के से रखें। मुट्ठियों की उंगलियां नीचे की ओर न होकर,आमने-सामने सीधी हों। दोनों मुट्टियों के बीच लगभग दो इंच का अंतर रहे।
कितनी देरः आधा घंटा।
4. प्राण मुद्राः इससे रक्तप्रवाह बढ़ता है और पूरे शरीर को ऊर्जा मिलती है।
कैसे करें: दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में फंसा लें और हाथ खोलकर अपनी छाती के सामने रखें।
कितनी बारः दो से तीन बार,जितनी देर तक सहज हो।
पुनश्चः प्राण मुद्रा के साथ होम्योपैथिक दवा फास्फोरस 200 का सेवन करने से दुर्बलता बहुत जल्दी दूर हो जाती है।
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