शुक्रवार, 25 नवंबर 2011

सिर की त्वचा को रखें नम;समझें शैम्पू और कंडिशनर के फ़र्क़ को

शरीर के सभी अवयवों की तरह सिर की त्वचा को भी नमी की जरूरत होती है। सिर की त्वचा की नमी का खयाल इसलिए नहीं हो पाता क्योंकि वह खुद को दिखाई नहीं देती। सिर की त्वचा को भी नमी पहुँचाई जा सकती है। इससे आप न सिर्फ डैंड्रफ जैसी शर्मनाक स्थिति से उबर आएँगे बल्कि आपके बाल भी चमकीले और स्वस्थ बने रहेंगे। बाल मजबूत बनेंगे और लंबे समय तक आपका साथ देंगे। 

सिर की त्वचा आसानी से नहीं दिखती क्योंकि यह बालों से ढँकी होती है, शायद इसीलिए त्वचा की देखभाल के दौरान इस हिस्से की त्वचा को मॉश्चराइज़ करना भूल जाते हैं। समय-समय पर शैंपू और कंडिशनर का उपयोग बालों के लिए भले ही पर्याप्त हो लेकिन सिर की त्वचा को नमी पहुँचाने के लिए कुछ अन्य उपायों की ज़रूरत होती है। सिर की त्वचा को मॉइश्चराइज़ करने से बाल भी मज़बूत बनते हैं और डैंड्रफ की आशंका भी कम होती है। अगर आपकी त्वचा रुखी है तो सिर की त्वचा भी इसी प्रकृति की होगी रुखी त्वचा वालों को सिर की त्वचा का सोराइसिस (स्कैल्प सोराइसिस) हो सकता है। इस समस्या में रुखी त्वचा के छोटे-छोटे टुकड़े खिरने लगते हैं जो डैंड्रफ जैसे ही दिखाई देते हैं। इसके विपरीत तैलीय त्वचा वालों को एक अन्य परेशानी होने की संभावना रहती है जिसमें सिर की त्वचा पर चिपचिपे चकत्ते बनने लगते हैं। इसके अलावा जो सबसे आम समस्या होती है वह है डैंड्रफ। डैंड्रफ का कारण चाहे जो हो सिर की त्चचा को समय-समय पर मॉइश्चराइज़ करते रहें तो इस समस्या से बचा जा सकता है। इसके अलावा बालों की स्टाइलिंग के लिए कम से कम उत्पादों का उपयोग करें तो अच्छा रहेगा। बालों की देखभाल के लिए क्रीम आदि के बजाय तेल बेहतर होते हैं।  

त्वचा को नर्म रखने के लिए तेल 
त्वचा के नीचे स्थित तैलीय ग्रंथि से सीबम या तेल बनता है। हालाँकि कई बार यह ग्रंथि पर्याप्त मात्रा में सीबम का उत्पादन नहीं करती, जिससे त्वचा रुखी हो जाती है। ऐसी त्वचा पर तेल लगाना फायदेमंद होता है। किसी मॉश्चराइज़िंग क्रीम या लोशन के मुकाबले तेल गहराई से और ज़्यादा समय तक असर करता है, इसीलिए इसका उपयोग बेहतर है। सिर की त्वचा के लिए कई तरह के तेलों का उपयोग किया जा सकता है,जैसे जोजोबा का तेल। मॉश्चराइज़ेशन इसके विभिन्ना फायदों में से एक है। मिनरल ऑयल, कॉड लिवर ऑयल और नारियल तेल का प्रयोग सिर की त्वचा को मॉश्चराइज़ करने के लिए किया जाता है। सिर की त्वचा स्वस्थ रहेगी तो बाल भी बेहतर बनेंगे। 

शैंपू करते समय सावधानियाँ 
बाल धोने के लिए शैंपू और फिर कंडिशनर का उपयोग कई लोग करते हैं। इन उत्पादों का इस्तेमाल करते हुए कुछ सावधानियाँ बरतनी चाहिए ताकि बालों को इनसे फायदे के बजाय नुकसान न पहुँचे। इसके लिए यह समझना ज़रूरी हबाल धोने के लिए शैंपू और फिर कंडिशनर का उपयोग कई लोग करते हैं। इन उत्पादों का इस्तेमाल करते हुए कुछ सावधानियाँ बरतनी चाहिए ताकि बालों को इनसे फायदे के बजाय नुकसान न पहुँचे। इसके लिए यह समझना ज़रूरी है कि शैंपू और कंडिश्नर कैसे काम करते हैं। 

शैंपू करने पर बालों के क्यूटिकल्स (रोम-कूप) खुल जाते हैं। वहींबाल धोने के लिए शैंपू और फिर कंडिशनर का उपयोग कई लोग करते हैं। इन उत्पादों का इस्तेमाल करते हुए कुछ सावधानियाँ बरतनी चाहिए ताकि बालों को इनसे फायदे के बजाय नुकसान न पहुँचे। इसके लिए यह समझना ज़रूरी है कि शैंपू और कंडिश्नर कैसे काम करते हैं। -शैम्पू करने पर बालों के क्यूटिकल्स(रोम-कूप) खुल जाते हैं। वहीं कंडिशनर लगाने से ये क्यूटिकल्स बंद हो जाते हैं। -कंडिशनर का उपयोग करते समय विशेष ध्यान रखें कि गलती से भी बालों की जड़ों यानी कि त्वचा पर न लगे। -ऐसे उत्पादों का उपयोग बिल्कुल न करें जिनमें शैम्पू और कंडिशनर दोनों एक साथ मिलाए गए हों। -शैम्पू करते हुए कुनकुने पानी का उपयोग करना चाहिए क्योंकि इससे क्यूटिकल्स खुल जाते हैं और कंडिशनर का उपयोग करते हुए ठंडे पानी का उपयोग करना बेहतर होता है क्योंकि उसके इस्तेमाल से क्यूटिकल्स बंद हो जात हैं। 

डैंड्रफ से जुड़े तथ्य 
-बालों को शैंपू करना डैंड्रफ से छुटकारा पाने का आसान तरीका है, इससे सिर की त्वचा में जमी गंदगी, अतिरिक्त तेल और डैंड्रफ साफ हो जाते हैं। 

-हर बार बाल धोने के लिए एंटी डेंड्रफ शैंपू का इस्तेमाल करना ग़लत है। हर बार एंटी डैंड्रफ शैंपू के उपयोग से समस्या बढ़ सकती है। एंटी डैंड्रफ शैंपू के इस्तेमाल से कोई फायदा न हो रहा हो तो शैंपू को बदलकर देखें। 

-दो-तीन प्रकार के एंटी डैंड्रफ शैंपू का इस्तेमाल करके आप जान जाएँगे कि आपके लिए कौनसा सबसे अच्छा है। 

-ज़िंक पायरिथियोन फंगस घटाता है। सेलिसिलिक एसिड त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाता है। कीटोकोनाज़ोल फंगस पर असरकारी होता है। 

-डैंड्रफ के कारण सिर में खुजली होती है और यदि खुजलाने की वजह से सिर में घाव हो गए हों तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सिर की सफाई और भी ज़रूरी हो जाती है। इसके लिए साधारण शैंपू के बजाय बेबी शैंपू का इस्तेमाल करें(डॉ. अप्रतिम गोयल,सेहत,नई दुनिया,नवम्बर तृतीयांक 2011) । 


 कल सुबह सात बजे जानिए 


 क्या है प्रोस्टेट ग्रंथि और उसका इलाज़

4 टिप्‍पणियां:

  1. एक वैज्ञानिक सौन्दर्य -सुरक्षा आलेख ......

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  2. सच में बड़ी उपयोगी जानकारी है !
    आभार .......

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  3. बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी दी है आपने ....आभार

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  4. यह टिप देखने में बड़ा साधारण लगता हो, पर है बड़े काम का।

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