शनिवार, 28 मई 2011

सावधान! हाजमा बिगाड़ सकता है बदलता मौसम

आए दिन होने वाली बारिश तथा कुछ ही घंटों में तेज धूप का लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। हालांकि दिन और रात के इस तापांतर से बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं, पर औरतें और बुजुर्ग भी इससे कम पीड़ित नहीं हैं। तापांतर का सबसे ज्यादा असर पेट पर ही होता है और मौसम बदलने के साथ यह हर आयुवर्ग को अपना शिकार बना लेता है। ऐसे में सभी को साफ सफाई और खान-पान पर विशेष ध्यान देना जरूरी हो जाता है।

साथ ही इस मौसम के दुष्प्रभाव से महिलाओं में त्वचा रोग तथा वृद्धों में आर्थराइटिस की समस्याएं ज्यादा सताती हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ के मुताबिक बच्चों का हाइपोथैलेमस (शरीर का ताप नियंत्रित करने वाला अंग) बहुत सशक्त नहीं होता है। अस्पताल में प्रतिदिन ओपीडी में आने वाले मरीज़ों की संख्या बढ़ी  है जिनमें अधिक संख्या बच्चों की है।

बच्चों को होने वाले रोग : 
सर्दी-खांसी, एलर्जी, दस्त, दम फूलना, पेट में गड़बड़ी, डायरिया, खसरा, चेचक व रोटोवायरल।
बचाव को रखें ध्यान :
सिविल अस्पताल के सजर्न डा. आदित्य चौधरी के मुताबिक बदलते मौसम में निम्नलिखित सावधानियां बरतें :-
-खाने से पहले और बाद में साबुन से धोयें हाथ
-घर में बना हुआ खाना ही खायें
-पेयजल में क्लोरीन की गोलियां मिलाएं और पानी उबाल कर पिएं
-अधपके व कच्चे पदार्थो से करें परहेज
-बाहर बिकने वाले कटे फल, दही-भल्ले, गोल-गप्पे व चटनी सलाद आदि से बचें
-दुकान कितनी ही साफ दिखे गन्ने का रस, मैंगो शेक जैसी चीजों का प्रयोग न करें
-ज्यादा ठंडा पानी न पिलाएं
-गर्मी है समझ कर बच्चों की ओर से लापरवाह न करें, अभी उन्हें अधिक ठंडी से भी बचायें
-आइसक्रीम खिलाएं पर उन्हीं दुकानों से जहां से काफी बिकती हो अर्थात गुणवत्तापूर्ण हो(हिंदुस्तान,पलवल,27.5.11)

6 टिप्‍पणियां:

  1. ज़रूरी बातें ।
    इण्डिया में हाइजीन रखना एक बड़ा मुश्किल काम है । यदि देख लें तो बाहर कहीं भी न खा पायें ।

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  2. बहुत अच्छी और जागरूक करने वाली पोस्ट ..

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  3. bahut hi achchi gyaanverdhak post,badhaai aapko.


    please visit my blog and feel free to comment.thanks.

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