शनिवार, 2 अप्रैल 2011

मर्म चिकित्सा

खानपान में गड़बड़ी व अनियमित जीवनशैली की वजह से होने वाली बीमारियों में मर्म चिकित्सा बहुत कारगर साबित हो सकती है।

ऐसी बीमारियां जिनका एलौपेथी में या तो बहुत महंगा इलाज है या वे लाइलाज हैं, मर्म चिकित्सा ऐसे सभी रोगों पर जादू सा असर करती है। 

मर्म चिकित्सा के जानकार व चिकित्सक डॉ. सुनील जोशी  ने शुक्रवार को दिल्ली के भारतीय विद्या भवन में मर्म चिकित्सा पर आयोजित एक कार्यशाला में इस पर विस्तार से जानकारी दी और लोगों को इसकी बारीकियां सिखाईं। इस मौके पर उन्होंने तमाम मरीजों को मर्म चिकित्सा के जरिए उपचार देकर फौरन फायदा पहुंचाकर भी दिखाया।

उन्होंने कहा कि मर्म चिकित्सा दरअसल अपने अंदर की शक्ति को पहचानने जैसा है। दरअसल, शरीर की स्वचिकित्सा शक्ति (सेल्फ हीलिंग पॉवर) ही मर्म चिकित्सा है। मर्म चिकित्सा से सबसे पहले शांति व आत्म नियंत्रण आता है और सुख का अहसास होता है।

उन्होंने बताया कि शरीर में 107 मर्म स्थान हैं, जिनसे मेडिकल के छात्रों को उपचार व सर्जरी के दौरान बचाने की सीख दी जाती है। 37 बिंदु शरीर में गले से ऊपर के हिस्से में होते हैं और उनसे लापरवाही भरी कोई छेड़छाड़ जानलेवा भी साबित हो सकती है, इसलिए उनके साथ केवल चिकित्सकों को ही उपचार की अनुमति है, लेकिन अन्य बिंदुओं की जानकारी होने पर आम लोग भी अपने या परिजनों, मित्रों या किसी भी रोगी का इलाज कर सकते हैं।

शरीर के हर हिस्से व अंग के लिए शरीर में अलग-अलग हिस्सों में मर्म स्थान नियत हैं। किसी भी अंग में होने वाली परेशानी के लिए उससे संबंधित मर्म स्थान को 0.8 सैकेंड की दर से बार-बार दबाकर स्टिमुलेट करने से फौरन राहत मिलती है।

गर्दन, पीठ, कमर व पैर दर्द में तो मर्म चिकित्सा के जरिए चुटकी में खत्म हो सकता है। डॉ. जोशी ने एक प्रजेंटेशन के जरिए दिखाया कि सेरीब्रल एटेक्सिया, पोस्ट पोलियो पेरेसिस, फेशियल पेरालेसिस, हाइपरटेंशन,एंकाइलोजिंग स्पोंडिलोसिस बीमारियों में जब दवाएं भी काम नहीं कर पाइं तब मर्म चिकित्सा से लाभ हुआ। खास बात यह है कि डॉ. जोशी यह उपचार मुफ्त में करते हैं। और इसे उन्होंने मृत्युंजय मिशन नाम दिया है।

उनका कहना है कि इस तरीके में न पैसा लगता है न ही मरीज को राहत देने के बाद श्रेय लेने की बात है।

वह चाहते हैं कि अधिक से अधिक लोग इसे सीखें और खुद व दूसरों का इलाज करें।इस कार्यशाला का आयोजन ज्योतिष मर्मज्ञ केएन राव ने किया था(दैनिक भास्कर,दिल्ली,2.4.11)।

3 टिप्‍पणियां:

  1. my dear sir,
    I want to learn this Mritunjay Therapy.I will be obliged if u please willprovide more informations of it with complete contact details of dr joshi.
    my cell no is 9425898136 and email is bksrewa@gmail.com
    regards,
    dr.bhoopendra singh
    flat no 6,
    gopalpur tower,
    tala house campus
    rewa mp
    486001

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  2. dear sir,plsee the comments and respond accordingly otherwise its useless to make a comment.I have asked you for detailed information and where it can be availed[marm chikitsa]
    but you didnt paid attention and oblige.regards,
    dr.bhoopendra singh

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