शनिवार, 2 अप्रैल 2011

महज 185 रूपए में दूर कीजिए नसों की रुकावट

पैरों की नसों के फूलने और ऐंठने की बीमारी ‘वैरोकोस वेन’ को मात्र एक इंजेक्शन से ठीक किया जा सकता है। इसके लिए अब अस्पताल में भर्ती होने और सर्जरी कराने की जरूरत नहीं है। सीधे नस में दी जाने वाली ये दवा नस को पतला कर खून की रफ्तार को सही कर देती है। इससे पैर में अल्सर होने की संभावना भी खत्म हो जाती है और पैर काटने की नौबत नहीं आती। शरीर के अंगों में रक्त के साथ ऑक्सीजन धमनियां पहुंचाती हैं जबकि शिराएं आक्सीजन विहीन रक्त को दिल और फेफड़े तक वापस लाती हैं। इन्हीं शिराओं के मोटी होने, मुड़ने या ऐंठने की परेशानी को ही वैरीकोस वेन कहते हैं। ये परेशानी पैर व जांघ की नसों में होती है। इसमें पीछे की तरफ नसें फूली हुई दिखायी पड़ती है। इसकी वजह से पैर में दर्द, थकान, सूजन, पैर के बनावट में विकृति और अल्सर होने की आशंका रहती है। वैरीकोस वेन का इलाज अब मात्र १८५ रूपए में संभव हो गया है। रेडियोलॉजिकल इंटरवेंशन तकनीक के जरिए नस में पौलीडोकनाल दवा डाली जाती है। ये दवा नस को पतला कर रक्त प्रवाह सामान्य कर देती है। वैरीकोस वेन का इलाज अभी तक रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन के जरिए था। इसमें शिराओं के अंदर इलेक्ट्रोड डालकर पंद्रह सेकेंड के रेडियोवेव दिया जाता है। इससे अंदर का तापमान १२० डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाता है और अंदर की कोशिकाएं जल जाती हैं। पौलीडोकनाल दवा को हवा से झाग बना कर नस में इंजेक्ट किया जाता है। इलाज के दौरान वैरीकोस वेन के कारण हुआ अल्सर भी एक माह के अंदर भरने लगता है। केवल पांच फीसदी मरीजों में दोबारा दवा इंजेक्ट करनी होती है। ये बीमारी महिलाओं में अधिक होती है। गर्भावस्था, लंबे समय तक खड़े रहना, मोटापा, कब्ज, पैर के ऊपर पैर रख कर लंबे समय तक बैठने से ये बीमारी बढ़ जाती है। देर तक एक ही जगह न बैठे। लखनऊ के एसजीपीजीआई में कई मरीजों को इस तकनीक से निजात दिलाई गई है(अमर उजाला,लखनऊ,2.4.11)।

12 टिप्‍पणियां:

  1. क्या ये दवा खडे रहने पर पैरों में सुन्नता महसूस करने वाले मरीजों के लिये भी उपयोगी हो सकती है ?

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  2. ये इंजेक्शन कहा मिलेगा और इसका पूरा नाम बताने का कष्ट करेंगे ?

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  3. ये इंजेक्शन कहा मिलेगा और इसका पूरा नाम बताने का कष्ट करेंगे ?

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  5. मै विक्रांत धामा मेरे बाय पैर मे ये ही समस्या है सर मुझे इस दावई का पूरा नाम बताने कास्ट करे

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  6. क्या हम इस दावई को किसी भी मेडिकल से ले सकते ह क्या

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