रविवार, 6 मार्च 2011

मन की शांति के लिए शवासन

कई आसन ऐसे हैं जिनसे हम अपने मन को शांत कर सकते हैं। लेकिन कभी अपने आलस के कारण या समय की कमी की वजह से या उनकी विधियां कठिन होने के कारण उन पर अमल नहीं कर पाते। आइए जानते हैं मन को शांत करने की सबसे सरल विधि जिसे हम शवासन कहते हैं।

विधि: 
इस आसन में आपको कुछ नहीं करना है बस पीठ के बल लेट जाइए। पैरों को ढीला छोड़कर हाथों को शरीर से सटाकर बगल में रख लें। शरीर को फर्श पर एकदम ढीला छोड़ दें। अब शरीर के हर एक अंग पर ध्यान केन्द्रित करते हुए उन्हें बिल्कुल शांत एवं स्वस्थ महसूस करें । ऐसी कल्पना करें कि शरीर का हर एक अंग शांत,स्वस्थ,निरोग एवं शक्तिशाली बन रहा है। शवासन में आपका मन जितना अधिक शांत एवं एकाग्र होगा उतना ही अधिक लाभ होगा।

लाभ:  
इस आसन से शारीरिक और मानसिक थकान दूर होती है। जो मानसिक रूप से जल्दी थक जाते हैं और तनाव ग्रस्त रहते हैं उनके लिए यह आसन बहुत लाभदायक है। शवासन से मानसिक बीमारियां जैसे डिप्रेशन, हिस्टीरिया, चिंता, घबराहट, अनिद्रा आदि में लाभ होता है। शवासन से मन की बैचेनी, घबराहट, तुरंत दूर होती है। प्रत्येक कठिन आसन के बाद भी शवासन करना चाहिए(दैनिक भास्कर,उज्जैन,5.3.11)।

3 टिप्‍पणियां:

  1. बेशक , सबसे आसान और लाभदायक आसन है ।
    इसे कोई भी कभी भी कर सकता है ।

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  2. सबसे आसान तो है ही ये....और लाभकारी भी....नींद बहुत जल्दी आती है ऐसा करने पर.

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  3. यह आलसियों के बचाव का एक सर्वोत्तम उत्तर भी बन गया है :
    जब भी कोई पूछता है — "क्या कर रहे हो?
    तपाक से कहते हैं —"शव आसन कर रहा हूँ."
    या 'थोड़ा शवासन कर लूँ."

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