रविवार, 23 जनवरी 2011

भारत में कैंसर की दुष्प्रभावरहित दवा खोजने का दावा

बुलंदशङर के डीएवी पीजी कालेज के रसायन विभाग की एक शोध छात्रा ने मेडिकल क्षेत्र में तहलका मचाने वाली खोज की है। उसने एक ऐसी दवा की खोज की है जो कैंसर को फैलने से रोकती है। सीडीआरआई लखनऊ, आईआईटी रुड़की और दिल्ली के पूसा इंस्टीट्यूट में परीक्षण के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया है। बेहतर निष्कर्ष के लिए इस खोज के परीक्षण को जनरल ऑफ क्रोमैटोलॉजी,अमेरिका भेजा गया है। डीएवी पीजी कालेज के रसायन विभागाध्यक्ष डॉ. एपी तिवारी के निर्देशन में खुर्जा की हिमानी शर्मा सिंथेसिस करेक्टराइजेशन एंड बायोलॉजीकल स्टडीज ऑफ थायोजोलिडिनोनस पर शोध कार्य कर रही हैं। अपने शोध की जानकारी देते हुए हिमानी ने बताया कि सल्फा ड्रग्स स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक हैं। उन्होंने शोध के बाद एक बायोकेमिकल दवा थायोजोलिडिनोन की खोज की है। यह शरीर पर एलोपैथिक दवाइयों की तरह दुष्प्रभाव भी नहीं छोड़ती है। थायोजोलिडिनोनस का बेंजाइल स्वरूप शरीर में पेनक्रियाज को संतुलित रखता है, जो इंसुलिन का निर्माण करती है। यह शुगर की भी अचूक दवा है। थायोजोलिडिनोनस काऐसाइल स्वरूप रेड ब्लड सेल्स को मजबूत बनाता है। यदि कैंसर रोग के प्रारंभिक काल में इस दवा का सेवन किया जाए तो कैंसर रोग आगे नहीं बढ़ पाता है। इतना ही नहीं इसका क्लोरेफिलाइल स्वरूप मटर, गाजर और गेहूं को बड़ा और भारी बनाने में उपयोगी है। शोध निर्देशक डॉ. एपी तिवारी ने बताया कि हिमानी ने अथक मेहनत के बाद यह सफलता प्राप्त की है। उन्होंने इस खोज को मेडिकल क्षेत्र में तहलका मचाने वाला बताया। उन्होंने बताया कि लखनऊ के सीडीआरआई, आईआईटी रुड़की स्थित प्रयोगशाला और दिल्ली विवि के पूसा इंस्टीट्यूट में परीक्षण के बाद आए निष्कर्ष से यह नतीजा निकाला गया है। अब सभी को अमेरिका से मिलने वाले जवाब का इंतजार है(हिमांशु शर्मा,दैनिक जागरण,बुलंदशहर,23.1.11)।

2 टिप्‍पणियां:

  1. इंतजार हमें भी है। ऐसी खबरों का जमावड़ा चाहिए हमें।

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