बुधवार, 1 दिसंबर 2010

अदरक

जाड़े के मौसम में अदरक कई छोटे-छोटे मौसमी रोगों में बेहद फायदेमंद साबित होता है। यह मानव शरीर के स्वस्थ बने रहने में बहुत बड़ा योगदान देता है। जब यह गीले स्वरूप में रहता है तो इसे अदरक तथा सूखने पर सौंठ पुकारा जाता है। यह भारत भर में मिलता है। अब काफी हद तक लोग इसके गुणों को जानने लगे हैं। दरअसल, अदरक की साधारण-सी नजर आने वाली गांठों में काया को निरोगी बनाने के अचूक गुण हैं। इसका सेवन जुकाम-बुखार से लेकर जोड़ों के दर्द तक में फायदा पहुंचाता है। इसको खाने से न सिर्फ भूख खुलकर लगती है,बल्कि यह बादी करने वाली चीजों को पचाने में भी मददगार है। यह अपच निवारक तो है ही।  अदरक का प्रयोग कई प्रकार से कि या जा सक ता हैः
*भोजन के पूर्व इसके टुकड़ों पर सेंधा नमक डालकर खाने से जीभ और गला साफ होता है और भोजन के प्रति अरुचि दूर होती है। 
अदरक की चाय: पांच ग्राम अदरक कू टक र पाव भर पानी में पकाएं। आधा पाव पानी रहने पर चाय की पत्ती, दूध और चीनी मिलाकर पिएं। यह कफ, खांसी, जुकाम, सिरदर्द, कमर दर्द, पसली और छाती की पीड़ा दूर करने में सहायक साबित होता है। कुछ लोग तो मात्र चाय का स्वाद बढ़ाने की खूबी मानकर भी इसका सेवन करते हैं। अदरक-इलायची की चाय पीने में भी लोगों को स्वादिष्ट लगती है। 
अदरक की शर्बत: अदरक की शर्बत भी स्वास्थ्य की दृष्टि से गुणकारी है। इसके लिए एक पाव मिश्री को आधा लीटर पानी में डालकर चाशनी बना लें। फिर, पाव भर अदरक के रस में पकाएं। एक तार की चाशनी रह जाने पर उसमें दो माशा असली केसर डालकर बोतल में भर लें। छोटे बच्चों को भी पिलाया जा सकता है। सुबह-सुबह इसका सेवन भूख जगाने का काम करता है और सर्दी-जुकाम, खांसी और श्वास के रोगियों के लिए भी फायदेमंद है। 
*बच्चों में अपच, दस्त आदि में इसक सेवन लाभदायक है। 
*जुकाम में तीन ग्राम अदरक, पचास ग्राम् काली मिर्च, छह ग्राम मिश्री को कूटकर एक कप पानी में ओटा लें व चौथाई कप रहने पर चाय की तरह गरम पिएं। ज्वर, वायरल, डेंगू व ऋतु परिवर्तन वाले बुखार, गले में खराश आदि में अदरक का रस दो चम्मच और एक चम्मच शहद, सौंठ, काली मिर्च पीसकर मिलाएं और हल्का गरम कर चटाएं। 
*शरीर दर्द, कफ, खांसी व इन्फ्लुएंजा में भी यह शीघ्र लाभ करता है।(हिंदुस्तान,दिल्ली,30.11.2010)

अदरक के बारे में एक उपयोगी आलेख यहां है

3 टिप्‍पणियां:

  1. कुछ लोग तो बिना इसके चाय पीना पसन्‍द ही नहीं करते ...बेहतरीन प्रस्‍तुति ।

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