सोमवार, 29 नवंबर 2010

तपेदिक के शिकंजे में पंजाबी

क्या आप जानते हैं कि विश्व में जितने भी लोग तपेदिक रोग से पीड़ित हैं, उनमें से हर तीसरा व्यक्ति चीनी व भारतीय है। जी हां, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को होने वाले तपेदिक रोग के कारण देश में आए दिन करीब एक हजार व्यक्तियों की मृत्यु हो जाती है। तपेदिक रोग के शिकंजे में आने वाले मरीजों की संख्या में हजारों की तादात में पंजाबी भी शामिल हैं। जिनमें से करीब 40 प्रतिशत महिलाएं हैं। तपेदिक मरीजों की सही संख्या जानने के लिए सेहत विभाग द्वारा हर साल सर्वे किया जाता है, लेकिन फिर भी काफी ज्यादा लोग सर्वे से छूट जाते हैं। जिसका एकमात्र कारण विभागीय अधिकारी लोगों की आंखों पर बंधी सोसायटी नामक पट्टी को मान रहे हैं ताकि किसी दूसरे व्यक्ति को इनके रोग संबंधी पता न चल जाए।

विभाग द्वारा विभिन्न समय पर किए सर्वे में बढ़ रही तपेदिक मरीजों की संख्या को विभाग दो अलग-अलग नजरिए से देख रहा है। पहला यह कि राज्य में तपेदिक रोग के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और दूसरा यह कि तपेदिक के नए मरीजों की पहचान हुई है, जो किसी कारण पहले हुए सर्वे में शामिल नहीं थे। पंजाब में तपेदिक रोग को रोकने के लिए सेहत विभाग द्वारा वर्ष 2002 में रिवाइज्ड नेशनल ट्यूब्लक्लोसिस कंट्रोल प्रोग्राम (आरएनटीसीपी) शुरू किया गया था। जिसके चलते राज्य के प्रत्येक गांव में डॉट सेंटर खोले गए, यहां पर तपेदिक रोग के मरीज को मुफ्त दवा दी जाती है। सेहत व परिवार कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2009 में किए सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार तपेदिक रोग के मरीजों की संख्या लुधियाना में सबसे ज्यादा व मोगा से सबसे कम है। सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में कुल 35,395 मरीज तपेदिक रोग का शिकार हैं, जिनमें से मर्दो की संख्या 22,106 व औरतों की संख्या 13,289 है। अगर पिछले सर्वे की रिपोर्ट देखें तो तपेदिक रोग के मरीजों की संख्या में हर साल इजाफा हो रहा है।
 
तपेदिक रोग के मरीजों की बढ़ रही संख्या संबंधी सेहत व परिवार कल्याण विभाग के डायरेक्टर डा. जेपी सिंह ने कहा कि विभाग द्वारा तैनात तपेदिक रोग के मरीज को समय पर दवा देने के लिए आशा वर्कर्स की नियुक्ति की गई है।
राज्य में वर्ष 2009 के अनुसार तपेदिक रोग सर्वे
जिला-मरीजों की संख्या
अमृतसर-3650
बठिंडा-2183
बरनाला-717
फरीदकोट-1231
फतेहगढ़ साहिब-870
फिरोजपुर-2196
गुरदासपुर-2687
होशियारपुर-2075
जालंधर-1321
कपूरथला-994
लुधियाना-4883
मानसा-1082
मोगा-614
मोहाली-1248
मुक्तसर-1227
नवांशहर-897
पटियाला-2627
रोपड़-962
संगरूर-2278
तरनतारन-1653

विभाग द्वारा किए सर्वे की रिपोर्ट
वर्ष-मरीजों की संख्या
2004-17825
2005-28728
2006-31538
2007-34455
2008-34057
2009-35395(रोहित जिंदल,दैनिक जागरण,बठिंडा,29.11.2010)

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