मंगलवार, 16 नवंबर 2010

मन अशांत हैं? इसे आजमाएँ...

कहते हैं,हमारा दिमाग कभी आराम नहीं करता, हमेशा कार्य करता है। यहां तक कि जब हम सोते हैं तब भी हमारा दिमाग सतत सोचते रहता है। ऐसे में कार्य की अधिकता से दिमाग पर प्रेशर बना रहता है। ऐसी स्थिति के चलते कुछ समय बाद हमारा स्वभाव चिढ़चिढ़ा, गुस्सेवाला और अशांत हो जाता है।
योगासन के माध्यम से मन की अशांति दूर की जा सकती है। प्रतिदिन सुबह निम्नलिखित क्रिया करें। लाभ अवश्य प्राप्त होगा। - किसी शांत और हवादार स्थान पर आसन बिछाकर बैठ जाएं। - पद्मासन की अवस्था में आ जाएं। - अब हाथ व अंगूलियों को ज्ञान मुद्रा की स्थिति में रखें। - फिर पीठ को तान कर रीढ़ को एकदम सीधा करें। - गर्दन को ढीला छोड़ दें। - अब गर्दन को एक बार ऊपर-नीचे करें। - इसके बाद गर्दन को दाएं-बाएं घुमाएं। उक्त क्रिया को चारों तरफ कम से कम 5-5 बार करें। धीरे-धीरे कुछ दिनों इस क्रिया की अवधि बढ़ाना शुरू करें। इस क्रिया से आप बहुत जल्द मानसिक तनाव से मुक्त हो जाएंगे। मन को शांति मिलेगी। (दैनिक भास्कर,उज्जैन,17.8.2010)

4 टिप्‍पणियां:

  1. Indeed the Asanas and pranayaam helps a great deal in relieving stress.

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  2. i don't understand that kind of stress is that gets revealed by pranayaam...

    if someone is frustrated due to unemployment, how can prayaam help him...that tension will still be there..

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  3. बड़े काम के हैं ये आसन और अभ्यास... और सबसे बड़ी बात कि इन्हें करने के लिए किसी विशेष तैयारी की आवश्यकता भी नहीं!!

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