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आसन की विधि: कंबल या दरी बिछाकर पीठ के बल लेट जाएं। फिर दाहिने पैर को घुटने से मोड़कर छाती पर ले आएं। अब घुटने से थोड़ा नीचे पिंडली पर उंगलियां आपस में फंसा कर, दोनों हाथों का पंजा कसें। यही क्रिया बाएं पैर से करें। दो मिनिट तक प्रतिदिन यह आसन करें।
आसन के लाभ: सुप्त पवन मुक्तासन के नियमित अभ्यास से अपच और गैस की समस्या दूर होती है। साथ ही घुटनों और कमर के दर्द में भी राहत मिलती है। इस आसन से नितंब सुंदर और पुष्ट बनते हैं(दैनिक भास्कर,उज्जैन,8.10.2010)।
ज्ञानवर्धक जानकारी ।
जवाब देंहटाएंबहुत उपयोगी आसन है। इसे नियमित करना लाभकारी होगा। इसे करने का सही समय क्या है? सुबह खाली पेट या कभी भी?
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