शुक्रवार, 24 सितंबर 2010

डेंगू की पहचान 14 घंटे में

रोजाना बढ़ रहे डेंगू के मामलों के बीच एक राहत भरी खबर है। अब इसके मरीज और उनका इलाज कर रहे डॉक्टर पांच से छह दिन तक अंधेरे में नहीं रहेंगे। बल्कि संक्रमण के 14 घंटे के अंदर लिए गए नमूने में भी इसके वायरस आसानी से पकड़ में आ जाएंगे। पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) की मदद से अब प्रमुख सरकारी अस्पतालों में रीयल टाइम पीसीआर (पॉलीमरेज चेन रिएक्शन) तकनीक से इन मामलों की जांच की जा सकेगी। प्रारंभिक चरण के तौर पर दिल्ली के कुछ सरकारी अस्पतालों में इसे शुरू कर दिया गया है। जल्दी ही इसे व्यापक स्तर पर उपलब्ध करवाया जाएगा। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक विश्व मोहन कटोच बताते हैं कि यह जांच अब तक की सबसे सटीक और संवेदनशील जांच है। डेंगू के इसी मौसम में इसे व्यापक स्तर पर शुरू कर दिया जाना है। कोशिश है कि दिल्ली के बाद देश भर से ऐसे नमूनों की रीयल टाइम पीसीआर जांच उपलब्ध हो सके। इस समय लिए जा रहे नमूने दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) की केंद्रीय प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। एनसीडीसी की एक वरिष्ठ चिकित्सा वैज्ञानिक बताती हैं कि अब तक डेंगू का पता लगाने के लिए आम तौर पर एलिजा जांच का ही सहारा लिया जाता रहा है। लेकिन इस जांच के जरिए शुरुआती पांच से छह दिन तक इसके संक्रमण का पता नहीं लग पता। जबकि रीयल टाइम पीसीआर के जरिए डेंगू के सभी चारों सीरोटाइप का सटीक पता बहुत जल्दी लग जाता है। अब एनसीडीसी में नमूने आने के आठ घंटे के अंदर इसके नतीजे हासिल किए जा सकते हैं। डेंगू के मामलों में उसके डॉक्टरी परीक्षण के साथ ही वायरस विशेष के एंटीबॉडी की पहचान भी जरूरी होती है। इसलिए जांच की यह तकनीक सुलभ होने के बाद डेंगू का कहर निश्चित तौर पर बहुत हद तक काबू में होगा। जानकार बताते हैं कि बुखार के सभी मामलों में पहले 14 घंटे के अंदर नमूनों को रीयल टाइम पीसीआर जांच के लिए भेजे जाने की जरूरत नहीं होगी। लेकिन कुछ मरीज ऐसे होते हैं, जिनमें डेंगू का पता देर से लगने पर इलाज बहुत मुश्किल हो जाता है(मुकेश केजरीवाल,दैनिक जागरण,दिल्ली,24.9.2010)।

7 टिप्‍पणियां:

  1. जानकारी मिली पढकर बहुत अच्छा लगा
    हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है।

    मालीगांव
    साया
    लक्ष्य

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  2. thank you for this useful and progressive information.
    aapki blog par swathya se judi kai achhhi jaankariyan hain.

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  3. ऐक ज़रूरी जानकारी कुत्ते और गीदर के काटने पर उसे कभी भी नज़र अंदाज़ न करें हो सके तो फ़ौरन उसका ईलाज करें ईलाज ना करने की वजह से कभी भी हड़क उठ सकती है । और इंसान या पालतू जानवर जिसके भी काटा हो मर सकता है। और अगर ईलाज के लिये पैसे न हों तो आप बेफ़िक्र होकर हमारे पास चले आइये। या हमसे बात कीजिये।
    हमारे यहाँ सभी ज़हरीले जानवरों, कीड़े-मकोड़ों का ईलाज एकदम फ्री किया जाता है। हमारा कोन्टेक्ट और वहटसप नंबर है।
    बाक़र हुसैन बिजनोरी +919917813838

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