सोमवार, 27 सितंबर 2010

थाली से गायब हुआ विटामिन-बी12 । बढ़ रहा है हृदयाघात का खतरा

विटामिन बी१२ की कमी की वजह से भी हृदय का दौरा प़ड़ सकता है! दिल्ली जैसे शहरों में ब़ढ़ते फास्ट फूड के चलन की वजह से भोजन से पोषकता गायब हो रही है। महानगरों में लोग फूल (मोटापा) रहे हैं और भोजन की थाली से विटामिन १२ जैसे विटामिन गायब हो रहे हैं। इसी महीने लॉस एंजिल्स में हुए "वर्ल्ड कांग्रेस फॉर ओबेसिटी" में यह खुलासा हुआ है। लेप्रो ओबेस सेंटर के निदेशक डॉ. शशांक साह के अनुसार विटामिन बी१२ मूल रूप से पशु उत्पाद में पाया जाता है। दूध, अंडा और मांसाहारी भोजन इसके मुख्य स्रोत हैं। भारत में वैसे तो शाकाहारी भोजन अधिक लोग पसंद करते हैं, लेकिन उसमें हरी सब्जियों की मात्रा लोगों को स्वस्थ्य रखती है। दिल्ली जैसे महानगरों में पिछले कुछ वर्षों में जंक फूड का चलन ब़ढ़ा है, जिस कारण घरों से सुबह के नाश्ते से दूध व अंडा विदा हो रहा है। इसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य, खासकर हृदय पर प़ड़ रहा है। सरगंगाराम अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सुजॉय साद के मुताबिक मधुमेह व उच्च रक्तचाप के मरीजों की संख्या भी लगातार ब़ढ़ रही है। ये दोनों ही बीमारी हृदयाघात को ब़ढ़ाते हैं। आज हृदय रोग जीवनशैली से जु़ड़ी बीमारी बन चुकी है। लोगों के जीवन से शारीरिक श्रम गायब होता जा रहा है, ऐसे में इस बीमारी के मामले ब़ढ़ रहे हैं। पहले जहां अधे़ड़ लोग इसके शिकार होते थे, वहीं अब इससे शिकार लोगों की औसत आयु ४० से घटकर ३० आ गई है। मेडांटा मेडीसीटी के इंटरवेंशन कॉर्डियोलॉजी के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण चंद्रा, एस्कॉर्टस के वरिष्ठ हृदय रोग विशेष प्रवीर अग्रवाल, कालरा अस्पताल के निदेशक डॉ. आरएन कालरा, बीएल कपूर के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज भल्ला आदि के मुताबिक भोजन में मौजूद चर्बी एलडीएल बनकर धमनियों में जमा होता है और उन्हें संकरा करता चला जाता है। इससे हृदय को खून की आपूर्ति में बाधा पहुंचती है, जिससे दिल का दौरा प़ड़ता है। इसी वजह से भोजन में तेल, घी ओर मिठाई आदि से परहेज करने की सलाह दी जाती है। हृदय रोग से बचाव के उपाय खेल व स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. एसपी छाव़ड़ा के अनुसार हृदय रोग से बचने के निम्न उपाय हैं- *४० वर्ष की उम्र के बाद साल में एक या दो बार हृदय की जांच कराएं *व्यायाम- जॉगिंग, साइक्लिंग और डॉक्टर की परामर्श पर कार्डियो, रसिस्टेंस, स्ट्रेचिंग जैसे व्यायाम नियमित करें *खान-पान- कोलस्ट्रॉल व वसा नसों की दीवारों को क़ड़ा बना देते हैं, जिससे वे लचीलापन खो देती हैं। घी, मक्खन आदि से परहेज करना चाहिए तथा सिर्फ वनस्पति से प्राप्त वसा ही लेना चाहिए। जैतून का तेल वसा के लिए सबसे अच्छा विकल्प है, जिसे लिया जाना चाहिए । *नमक का सेवन कम से कम करना चाहिए। अधिक नमक उच्च रक्तचाप को आमंत्रण देता है। *वजन पर नियंत्रण रखने के हिसाब से मैदा और चीनी जैसे रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स नहीं लेने चाहिए। रिफाइंड आटे से परहेज करना चाहिए, साबुत गेहूं स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है (संदीप देव,नई दुनिया,दिल्ली,26.9.2010)।

2 टिप्‍पणियां:

  1. सही सलाह दी है ।
    जंक फूड्स शरीर के दुश्मन हैं ।

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  2. लेख अच्छा लिखा है ........
    ज्ञानवर्धक जानकारी दी है आपने ........ आभार

    पढ़िए और मुस्कुराइए :-
    आप ही बताये कैसे पार की जाये नदी ?

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