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दिल्ली के मेदांता सिटी अस्पताल में, पहली बार, 73 वर्षीय वृद्ध में आधुनिक पेसमेकर की सर्जरी की गई। अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. बलवीर सिंह ने बताया कि वृद्ध को दिल की गंभीर ब्रायक्रायडिया बीमारी थी, जिसमें एक मिनट मे 60 से भी कम बार दिल धड़कता है. हार्ट बीट कम होने के कारण वृद्ध की सर्जरी करना अधिक जटिल था। उम्र अधिक होने के कारण वृद्ध में इस तरह से पेसमेकर लगाने का निर्णय लिया गया, जिससे अन्य जरूरी जांच भी सामान्य रूप से हो सकें । चूंकि पेसमेकर से इलेक्ट्रोमैगनेटिक तरंगे निक लती हैं,इसलिए पेसमेकर के बाद मरीजों को हाई रेडिएशन की जांच जैसे एमआरआई और अल्ट्रासाउंड आदि कराने के लिए मना किया जाता है। डॉ. बलवीर सिंह ने बताया कि ये सर्जरी आधुनिक एडवाइजा एमआरआई जांच मशीन के साथ की जाती है,जिसमें ऑप्टीवाल फ्लूड तकनीक से हृदय की मॉनिटरिंग की जाती है। सर्जरी में रेडिएशन के प्रभाव की जगह डॉप्लर का प्रयोग किया जाता है। सर्जरी को एमवीपी (मैनेज्ड वेंट्रिकल पेसिंग) कहा जाता है । सर्जरी में एमआरआई सहित 2.5 लाख का खर्च आता है(हिंदुस्तान,दिल्ली,23.8.2010)।
एक अच्छी जनकारी।
जवाब देंहटाएंबढिया जानकारी .. रक्षाबंधन की बधाई और शुभकामनाएं !!
जवाब देंहटाएंबढ़िया उत्साहजनक जानकारी.
जवाब देंहटाएंरक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ.
एक अच्छी जानकारी. चूंकी मेरी मां को पेसमेकर लगा हुआ है इसलिये इस जानकारी का मेरे लिये ज्यादा महत्व है.
जवाब देंहटाएंधन्यवाद.