शनिवार, 29 मई 2010

आप कितने इच्छुक हैं सिगरेट छोड़ने के?

विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रतिवर्ष यह माह तंबाकू निषेध अभियान माह के रूप में मनाता है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी यह माह यों ही गुज़र गया। कहीं से कोई विशेष पहल इस दिशा में होती नहीं दिखी। ख़ैर, जहां अमेरिका और यूरोप के लोगों में सिगरेट छोड़ने की दर ४० प्रतिशत है वहीं भारत में यह दर सिर्फ दो प्रतिशत है । भारत के लोग एक्स स्मोकर कहलाना पसंद नहीं करते जबकि अमेरिका में इससे गर्व महसूस किया जाता है । एक ताजा अध्ययन के मुताबिक भारत में सिगरेट छोड़ने की दर हर राज्यों में अलग-अलग है । जहां केरल में ७ प्रतिशत लोग सिगरेट पीना छोड़ कर एक्स स्मोकर कहलाना पसंद करते हैं वहीं दिल्ली में किसी को ऐसा कहलाना पसंद नहीं है । एक प्रतिशत से भी कम लोग दिल्ली में सिगरेट छोड़ पाते हैं। यह अध्ययन नेशनल इंस्टिच्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस फॉर ग्लोबल हेल्थ रिसर्च ने जारी किया है ।
अध्ययन के मुताबिक सिगरेट के गिरफ्त में शिकार लोगों में जीवन की प्रत्याशा एक साल कम हो जाती है । अध्ययन में यह भी कहा गया है कि १९९९ में २० से २४ साल के युवाओं में जहां सिगरेट पीने वालों की दर १३ प्रतिशत तक बढ़ी थी वहीं २००६ में यह संख्या २६ प्रतिशत तक हो गई ।
निकोटिन ऐसा पदार्थ है, जो शरीर के लिए सिर्फ हानिकारक ही होता है। यह एक तथ्य है कि तंबाकू में चार हजार से अधिक हानिकारक रसायन होते हैं, इनमें से १८ से अधिक कैंसर कारक माने जाते हैं। हालांकि भारत में सिगरेट पीना लोग देर से शुरू करते हैं लेकिन जब बात इसे छोड़ने की आती है तो इस मामले में भारतीय बहुत पीछे हैं । अक्सर तंबाकू या सिगरेट छोड़ने के लिए आग्रह किया जाता है, लेकिन इस पर बात नहीं की जाती है कि इसे कैसे छोड़ें। नई दुनिया के मई द्वितीय अंक में,नॉर्दर्न रेलवे सेंट्रल हॉस्पीटल,दिल्ली के डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने कुछ उपाय सुझाए हैं-
यूँ तो किसी भी लत को छोड़ना आसान नहीं होता, लेकिन ठान लेने के बाद कोई काम मुश्किल भी नहीं होता। सिगरेट या बीड़ी की लत को छोड़ने के लिए केवल एक सख्त इरादे की जरूरत होती है। चीनी कहावत है कि हजारों मील का लंबा सफर एक कदम से शुरू होता है। सिगरेट-बीड़ी छोड़ने की राह में आपको सिर्फ ६ कदम उठाने हैं और मंजिल आपके सामने होगी।
पहला कदम : इरादा करें
यदि आप पहले भी सिगरेट या बीड़ी छोड़ने के कई असफल प्रयास कर चुके हैं तब भी तंबाकू मुक्त जीवन की ओर एक और कदम उठाया जा सकता है। इसलिएएक और ताजा प्रयास करें।एक सर्वे के मुताबिक हर दिन एक करोड़ से भी अधिक लोग धूम्रपान छोड़ने की कोशिश करते हैं।इनमें से ३ प्रतिशत सफल हो जाते हैं। आप इस विश्वास के साथ प्रयास करें कि आप भी इन्हीं तीन प्रतिशत सफल लोगों में से एक हैं।
दूसरा कदम : छोड़ने की तैयारी
तंबाकू छोड़ने की योजना और तैयारी में ही इसकी सफलता का राज छिपा है। वास्तविक रूप से तंबाकू छोड़ने से पहले मस्तिष्क और शरीर को तैयार करना जरूरी है। अपने व्यक्तिगत लक्ष्य तय करें। लत हमेशा पीछा करती रहती है। तंबाकू की चाहत का मुकाबला करें। निकोटिन में लत पैदा करने वाला रसायन होता है। इस लत को छोड़ना भले ही मुश्किल हो, लेकिन असंभव बिलकुल नहीं है। धूम्रपान मुक्ति के क्षेत्र में काम कर रहे चिकित्सकों की टिप्स पर ध्यान दें। उन्हें समझें और अमल करें।
तीसरा कदम : छोड़ने हेतु टिप्स
भले ही आपको यह पता न हो कि तंबाकू छोड़ने की शुरुआत कहाँ से करें, लेकिन अगर आप प्रतिबद्ध हैं तो निश्चित ही ऐसा कर सकेंगे। सबसे पहले अपनी जीवनशैली में आवश्यक परिवर्तन ले आएँ। नशामुक्ति केंद्र के चिकित्सकों से संपर्क करें। ऐसे दोस्तों के बीच रहें, जो धूम्रपान से परहेज करते हों। परिवारजनों के आग्रह का सम्मान करें।
चौथा कदम : औषधियों का लें सहारा
धूम्रपान छोड़ने के लिए निकोटिन रिप्लेसमेंट थैरेपी, साइकोलॉजिकल थैरेपी, निकोटिन नैजल स्प्रे, निकोटिन की चूसने की गोलियाँ, निकोटिन गम और धूम्रपान छुड़ाने की गोलियाँ चिकित्सक की सलाह से लें। अपनी मर्जी से या फिर किसी दोस्त अथवा रिश्तेदार के सुझाव पर औषधि का सेवन करने में जोखिम हो सकता है।
पाँचवाँ कदम : हमेशा के लिए त्याग करें
निकोटिन की चाहत रह-रहकर पीछा करती है। इसलिएयदि एक बार छोड़ दें तो हमेशा के लिएतंबाकू मुक्त रहें। कई लोग छोड़ने के बाद "केवल एक कश" पीने का लालच कर लेते हैं। कुछ लोग पूरी तरह छोड़ कर फिर से पीने लगते हैं। छोड़ने के बाद तीन महीने जोखिम भरे होते हैं।
निकोटिन की चाहत रह-रहकर पीछा करती है। इसलिए,यदि एक बार छोड़ दें तो हमेशा के लिएतंबाकू मुक्त रहें। कई लोग छोड़ने के बाद "केवल एक कश" पीने का लालच कर लेते हैं। कुछ लोग पूरी तरह छोड़ कर फिर से पीने लगते हैं। छोड़ने के बाद तीन महीने जोखिम भरे होते हैं।धूम्रपान छोड़ने के लिए निकोटिन रिप्लेसमेंट थैरेपी, साइकोलॉजिकल थैरेपी, निकोटिन नैजल स्प्रे, निकोटिन की चूसने की गोलियाँ, निकोटिन गम और धूम्रपान छुड़ाने की गोलियाँ चिकित्सक की सलाह से लें। अपनी मर्जी से या फिर किसी दोस्त अथवा रिश्तेदार के सुझाव पर औषधि का सेवन करने में जोखिम हो सकता है।भले ही आपको यह पता न हो कि तंबाकू छोड़ने की शुरुआत कहाँ से करें, लेकिन अगर आप प्रतिबद्ध हैं तो निश्चित ही ऐसा कर सकेंगे। सबसे पहले अपनी जीवनशैली में आवश्यक परिवर्तन ले आएँ। नशामुक्ति केंद्र के चिकित्सकों से संपर्क करें। ऐसे दोस्तों के बीच रहें, जो धूम्रपान से परहेज करते हों। परिवारजनों के आग्रह का सम्मान करें।तंबाकू छोड़ने की योजना और तैयारी में ही इसकी सफलता का राज छिपा है। वास्तविक रूप से तंबाकू छोड़ने से पहले मस्तिष्क और शरीर को तैयार करना जरूरी है। अपने व्यक्तिगत लक्ष्य तय करें। लत हमेशा पीछा करती रहती है। तंबाकू की चाहत का मुकाबला करें। निकोटिन में लत पैदा करने वाला रसायन होता है। इस लत को छोड़ना भले ही मुश्किल हो, लेकिन असंभव बिलकुल नहीं है। धूम्रपान मुक्ति के क्षेत्र में काम कर रहे चिकित्सकों की टिप्स पर ध्यान दें। उन्हें समझें और अमल करें।यदि आप पहले भी सिगरेट या बीड़ी छोड़ने के कई असफल प्रयास कर चुके हैं तब भी तंबाकू मुक्त जीवन की ओर एक और कदम उठाया जा सकता है। इसलिएएक और ताजा प्रयास करें। एक सर्वे के मुताबिक हर दिन एक करोड़ से भी अधिक लोग धूम्रपान छोड़ने की कोशिश करते हैं।इनमें से ३ प्रतिशत सफल हो जाते हैं। आप इस विश्वास के साथ प्रयास करें कि आप भी इन्हीं तीन प्रतिशत सफल लोगों में से एक हैं।तंबाकू के प्रभावों पर सालों तक किएगएअध्ययनों से सामने आया है कि इसके कारणलोग बीमार होकर मर जाते हैं। धूम्रपान न सिर्फ आप पर, बल्कि पूरे परिवार पर हमला करता है। परिवार के जो सदस्य आपके आसपास रहते हैं, वे भी आपके धूम्रपान के कारण परोक्ष रूप से इससे होने वाले नुकसान के भागीदार बन जाते हैं। धूम्रपान के कारण चेहरे का नूर समाप्त हो जाता है। दाँत खराब होने लगते हैं। तंबाकू के दुष्प्रभावों को जानने से इसके प्रति विरक्ति का भाव पैदा होगा। कुछ समय पहले खबर आई थी कि सरकार 1 जून से सिगरेट के पैकेट पर मुख कैंसर के भयावह चित्र लगाने जा रही है। तस्वीर कैसी होगी,यह तो दो दिन बाद ही पता चल पाएगा मगर कल्पना मात्र से ही सिहरन पैदा होती है। क्या आप चाहेंगे कि आपका मुख वैसा दिखे?

3 टिप्‍पणियां:

  1. सार्थकता को साकार करती पोस्ट ,सच्ची ब्लोगिंग *****

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  2. ऐसी सार्थक पोस्ट लिखने के लिए आभार..

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  3. aapki bato me tho bahot dam hai.
    in batho se aur aapke batay 6 karan
    ka palan karna hai aur sigret chodna hai

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