गुरुवार, 18 मार्च 2010

व्रत तोड़ते समय सावधानी बरतें

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में "खाते-पीते जय माता दी" करने वाले भक्त अच्छी-खासी संख्या में मौजूद हैं। जाहिर है, ढेरों तरह के काम करते हुए और आज की तेज रफ्तार जिंदगी को देखते हुए बहुत ही कम लोग पूरे नौ दिन भूखे रह कर व्रत रखने की हिम्मत कर पाते हैं। लेकिन यह भी जरूरी है कि इन नौ दिनों के उपवास में अपने खाने-पीने का पूरा ध्यान रखना चाहिए। अकसर व्रत रखने वाले भक्त पूरे दिन तो भूखे रहते हैं पर रात में जैसे ही व्रत खोलने का समय आता है, वे खाने पर टूट पड़ते हैं। खूब घी में तली कुटू की पकौड़ियां और कुटू की पूड़ी खाते हैं। फिर व्रत पूरे होने के बाद पेट दर्द या वजन बढ़ने संबंधी परेशानियों का सामना करते हैं इसलिए जरूरी है कि व्रत के दौरान भी अपने खाने-पीने का पूरा ध्यान रखा जाए। कैसा हो व्रत में आपका खान-पान.... इस बारे में और अधिक जानकारी दे रही हैं कंसल्टेंट डायटीशियन और न्यूट्रीश्यनिस्ट डॉ. प्रोमिला सेठ (डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल की पूर्व चीफ डायटीशियन भी रह चुकी हैं)....
न सबसे पहले यह जान लेना चाहिए कि पूरे दिन भूखे रहने के बाद एकदम से पेट भर कर खाना सेहत पर बहुत गलत प्रभाव डालता है। इससे बचना चाहिए।
न आप चाहें तो व्रत के दिनों में सुबह के वक्त ताजा फलों का रस या एक गिलास दूध पी सकते हैं।
न अगर वजन बढ़ने की समस्या से परेशान हैं तो दिन में आलू या आलू के चिप्स खाने की बजाए ताजे फल-सब्जियों की सलाद खा सकते हैं। सलाद में खीरा, टमाटर, मूली आदि ले सकते हैं।
न इसके बाद शाम को व्रत खोलते समय एकदम से तला-भुना खाने की जगह पहले कुछ फल या दही की लस्सी पिएं। चाहें तो टमाटर सूप आदि भी ले सकते हैं। इससे हाजमा अच्छा हो जाता है।
न अगर ज्यादा तला-भुना नहीं खाना चाहते तो कुटू के आटे की पूरियां बनाने की जगह नॉन स्टिक तवे पर हल्का घी लगा कर कुटू की रोटियां बना सकते हैं। अगर भरवां रोटी खाना चाहते हैं तो आलू भरने की बजाए आप मूली के पत्ते, मूली आदि की भरवां रोटी बना सकते हैं।
न आप चाहें तो कुटू की तली -भुनी पकौड़ियां बनाने की जगह माइक्रोवेव में कुटू और आलू की बिना घी वाली टिक्की भी बना सकते हैं।
न खाने में वेरायटी लाने के लिए आलू की सब्जी की जगह सीताफल की सब्जी भी बना सकते हैं।
न रोज-रोज कुटू के पकवान बनाने की जगह सामक के चावल की खिचड़ी आदि भी बना सकते हैं। इसे दही के साथ खाया जा सकता है।
न आप चाहें तो सादे पानी की जगह बीच-बीच में नींबू पानी या नारियल पानी भी पी सकते हैं।  (कोमिका भारद्वाज,मेट्रो रंग,नई दुनिया,दिल्ली,18.3.2010)

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