बुधवार, 28 नवंबर 2012

मधुमेह से मुक्ति के पांच अनुभवसिद्ध प्रयोग-1

1.बड़े आकार का पांच सेर करेला लें। उन्हें लम्बे दावसे बीचोबीच काटकर एक के दो-दो टुकड़े कर लें। फिर,किसी कपड़े पर उन्हें सूखने के लिए बिछा दिया जाए। ध्यान रहे कि उन्हें छाया में सुखाना है। धूप बिल्कुल नहीं लगने देनी चाहिए। इनमें से आधे सूख जाएंगे और दानेदार छिलका चाकू से रगडकर-उतारकर उसे पीसकर बारीक कर लिया जाए। यह बारीक चूर्ण एक तोला प्रातःकाल खाली पेट और एक तोला रात्रि को सोने पूर्व, पानी के साथ लेना चाहिए। 15 दिन या मास भर लेने से रोग नष्ट हो जाता है। 

नोटःयह अनुभव श्री मनोहरलाल अग्रवाल जी का है जिनसे जे.पी. रामशरणम,18वां मार्ग,चेम्बूर,मुंबई-71 पर पत्राचार किया जा सकता है। 

2. उड़हल(जशवन्ती,जाशीन) के फूल की कलिका सवेरे खाली पेट एक या दो चबाकर एक सप्ताह तक खाएं। यदि रोग अधिक पुराना हो तो एक महीने तक खाएं। इससे अधिक दिन खाने पर भी खराबी कोई नहीं होगी,केवल लाभ ही होगा। इससे पेशाब में शर्करा आना बिल्कुल बंद हो जाएगा। औषधि सेवन से पहले और बाद में,पेशाब की जांच करा लें। नतीज़ा अवश्य ही लाभकारी मिलेगा। इस दौरान परहेज यह रखें कि चीनी,चावल और आलू न खाएं।

नोटःयह अनुभव डॉ. रामलखन विश्वकर्मा जी का है जिनसे पोस्ट-अम्बा,ज़िला-गया(बिहार) के पते पर सम्पर्क किया जा सकता है। 

                                                                                                                                               जारी....

11 टिप्‍पणियां:

  1. बढ़िया उपाय -
    आभार भाई जी ||

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  2. सरल उपयोगी इलाज,बताने के लिए शुक्रिया,,,,,

    resent post : तड़प,,,

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  3. यह प्रयोग बहुतों को बताऊंगी -आभार आपका !

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  4. रोचक जानकारी। आजमाया जा सकता है।

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  5. हमेशा की तरह अति उपयोगी !
    आभार !

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  6. कुमार सहाब सादर नमस्कार
    वाह मजा आ गया सच आजकल लोग परेशान भी मधुमेह से ही हैं मैं अपने ब्लाग पर इसका लिंक लगा रहा हूँ।मधुमेह की और भी जानकारी पाठकों को वहाँ भी मिल सकेगी।कृपया वहाँ आकर भी देखें लिंक इस व्लाग का भी लगा रहा हूँ।

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  7. आपके उपाय सदा लाभ देते हैं। इस बार आपने अनुभवों को एकजुट करके विकल्प चुनने का अवसर बनाए रखा है। मित्रों को ये उपाय बताने में वैद्य वाली अनुभूति भी होगी।


    एक उपाय तो इतना अच्छा लगा की बाज़ार जाने की ज़रूरत नहीं है मुझको। संयोग से जामुन, बेल, मीठी नीम और तुलसी चारों ही मेरे गमलों में उगे हुए हैं।


    राधारमण जी, आपको बहुत बहुत आभार। मेरी कलाई का दर्द समय के साथ चला गया। आपके उपाय और सुझावों के लिए धन्यवाद।

    और इस बार भी मधुमेह वाले साथियों को इन उपायों को बताकर पुण्य लाभ लूँगा।


    एक बात पूछनी है :

    क्योंकि हर वनस्पति किसी न किसी रोग की ओषधि है। क्या इमली के पेड़ या पौधे के भी कुछ गुण हैं या फिर ये केवल जीभ के स्वाद को ही संतुष्ट करने निमित्त हैं?

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  8. मधुमेह रोगियो के लिए उपयुक्त जानकारी है

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