मंगलवार, 14 अगस्त 2012

एलर्जी में सफाई का रखें ख़ास ध्यान

एलर्जी एक ऐसी बीमारी है, जिसका कारण आमतौर पर समझ में नहीं आता। लेकिन कुछ ऐसे लक्षण तो हैं ही, जो ये बता देते हैं कि आप एलर्जी से पीड़ित हैं। इसके बाद एक ब्लड टेस्ट आपकी मुश्किलें आसान कर सकता है। आइए जानें, क्या है एलर्जी, कैसे पाएं राहत।

रश्मि शर्मा आजकल ऑफिस में बड़े आराम से काम करती हैं और समय पर घर भी चली जाती हैं। लेकिन 10-15 दिन पहले तक ऑफिस में आते ही न केवल वह, बल्कि उनके साथी भी उनसे परेशान होने लगे थे। कभी छींक तो कभी नाक पर रुमाल रखना और फिर बार-बार टॉयलेट जाना। उनकी एक सीनियर ने उन्हें सलाह दी कि तुम्हें एलर्जी हो गई है, डॉक्टर से मिल लो। रश्मि को लगा कि भला इसमें डॉक्टर क्या करेगा, जुकाम लगता है, खुद ही ठीक हो जाएगा। लेकिन आखिरकार उसे अपनी सीनियर की बात माननी पड़ी थी और डॉक्टर के पास जाना पड़ा था। डॉक्टर ने एक ब्लड टेस्ट के बाद कुछ दवाएं दीं, जिसके एक सप्ताह सेवन के बाद ही रश्मि की तबियत तेजी से ठीक होने लगी।

प्रशांत को तो समझ ही नहीं आ रहा था कि उन्हें क्या हुआ। उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी थी और अक्सर दम फूलने लगता था। उन्होंने तो एक बार डॉक्टर को भी अपनी समस्या दिखा ली थी, लेकिन कोई खास लाभ नहीं हो रहा था। एक दिन उनके घर एक अतिथि आए, जिन्हें उनकी समस्या का कारण उनके घर में धमा-चौकड़ी मचा रहे दो पालतू कुत्ते लगे। प्रशांत अपने अतिथि की बात मानने को तैयार नहीं थे, क्योंकि वे लगभग तीन महीने ही पहले घर लाए उन कुत्तों से काफी प्यार करने लगे थे। फिर जब वे डॉक्टर के पास गए तो उन्होंने इस बात की पुष्टि कर दी कि उन्हें कुत्तों की वजह से ही एलर्जी है। डॉक्टर की सलाह पर उन्होंने कुत्तों को घर से बाहर निकाला और देखते-देखते उन्हें तेजी से स्वास्थ्य लाभ होने लगा।

एलर्जी बीमारी ही ऐसी है, जो बीमारी लगती नहीं, लेकिन एक बार लग जाए तो परेशान कर देती है। हर व्यक्ति के शरीर की अपनी क्षमता होती है और उसी के अनुरूप वह बाहरी चीजों के साथ तालमेल बिठा पाता है। लेकिन कुछ तत्व ऐसे होते हैं, जिसके साथ शरीर तालमेल नहीं बिठा पाता। ऐसे तत्वों को एलर्जेट कहते हैं, जो एलर्जी का कारण बनते हैं। अगर आपको खुशबू पसंद नहीं है तो फूल से भी एलर्जी हो सकती है। धूल-मिट्टी पसंद नहीं है तो धूल-मिट्टी भी आपकी एलर्जी का कारण बन सकती है। यहां तक कि आपका पालतू जानवर भी आपको एलर्जी की तकलीफ देकर सता सकता है। लेकिन समय पर इसकी पहचान हो जाए तो आप इससे राहत पा सकते हैं।


जैरथ एलर्जी टेस्टिंग एंड ट्रीटमेंट सेंटर के प्रमुख डॉ. प्रशांत जैरथ कहते हैं, ‘अगर एलर्जी की पहचान समय पर हो जाए तो इसका इलाज संभव है।’ वे कहते हैं कि अब तो इसकी पहचान भी काफी आसान हो गई है। केवल एक ब्लड टेस्ट से यह पता लग जाता है कि एलर्जी से पीड़ित व्यक्ति को किस कारण एलर्जी है। यह पता लग जाने के बाद इलाज काफी आसान हो जाता है। इस इलाज के तहत पीड़ित व्यक्ति को कुछ समय के लिए दवा खानी पड़ती है, जिससे उनके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो जाती है और रोगी की एलर्जी की समस्या भी ठीक हो जाती है। डॉ. जैरथ खास सलाह देते हैं कि एलर्जी के रोगी को लापरवाही बिल्कुल नहीं बरतनी चाहिए। 



एक शोध कहता है कि अपने देश में सबसे अधिक लोग डस्ट एलर्जी से परेशान हैं। यानी उन्हें डस्ट से एलर्जी होती है। आखिर रश्मि के साथ भी ऐसा ही तो था। एलर्जी से परेशान कुल लोगों में ऐसे लोग 80 प्रतिशत हैं। इसके बाद पालतू जानवरों से लोगों को काफी एलर्जी होती है। ऐसे लोग लगभग 15 प्रतिशत बताए जाते हैं। खाने-पीने की चीजों से बच्चों को एलर्जी की समस्या अधिक होती है। फूड एलर्जी से 6 से 8 प्रतिशत बच्चों परेशान रहते हैं। इसके अलावा हेयर डाई से भी एलर्जी होती है। मौसमी एलर्जी भी किसी व्यक्ति को खास मौसम में परेशान कर सकती है। इसलिए आपको एलर्जी हो तो उसके कारणों को पहचानने की कोशिश करें और समय रहते डॉक्टर से मिलें, ताकि आप इस बीमारी से राहत पा सकें। 



इनसे हो सकती है एलर्जी 

- खाद्य पदार्थ : डेयरी उत्पाद, मूंगफली, मक्का, अंडा, मछली, सोयाबीन, नट्स आदि। 

- दवाएं : टेट्रा साइक्लीन, पेंन्सिलीन, डिलानटिन, सल्फोनामाइड्स। 

- पर्यावरणीय कारण : पराग कण, फफूंद, धूल, आर्द्रता आदि। 

- पालतू जानवर : कुत्ते, बिल्ली आदि। 

- रसायन : कोबाल्ट, निकिल, क्रोमियम आदि। 

क्या करें 
- जिन लोगों को धूल से एलर्जी है, वे कार में सफर के समय खिड़कियां बंद रखें और एयर कंडीशन का उपयोग करें। यह हवा को फिल्टर कर ठंडी और सूखी बनाता है। 

- बरसात में घर में और उसके आसपास गंदगी न पनपने दें। 

- ताजा और स्वच्छ भोजन करें। 

- घर में हवा आने दें। 

- अगर एयर कंडीशन का प्रयोग करें तो यह सुनिश्चित करें कि कमरे में आद्र्रता कम हो। फिल्टर थोड़े-थोड़े समय बाद बदलते रहें। 

- सफाई का विशेष ख्याल रखें। घर में कहीं भी धूल इकट्ठी न होने दें। 

- किताबों की आलमारियों की समय-समय पर सफाई करते रहें। 

- घर में लकड़ी का फर्नीचर हो तो उसकी सफाई का विशेष ख्याल रखें। उसमें दीमक न लगने दें। 

- घर में कूड़ा-कचरा न इकट्ठा करें। 

- घर के अंदर नमी न पनपने दें(हिंदुस्तान,दिल्ली,26.7.12)। 

अद्यतनःयह आलेख दैनिक भास्कर भूमि में दिनांक 17.8.12 को प्रकाशित किया गया है जिसे इस लिंक पर देखा जा सकता है।

13 टिप्‍पणियां:

  1. वास्तव में बहुत परेशान करती देती है एलर्जी .
    एलर्जी टेस्टिंग में रक्त जाँच कौन सी है , कृपया बताने का कष्ट करें .

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    1. किसी और ने पूछा होता तो आपसे पूछते। अब आपही ने पूछ लिया तो किससे पूछें!

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    2. लगता है डॉक्टर साहब इम्तेहान ले रहे हैं....
      :-)

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  2. बहुत बढ़िया जानकारी राधारमण जी...हमारे एक परिचित को आम के बोर से एलर्जी थी....
    शुक्रिया.
    अनु

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  3. बढ़िया |
    स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनायें |

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  4. ये बीमारी ही ऐसी है की खून जांच से ही मालुम पडता है,,,

    वे क़त्ल होकर कर गये देश को आजाद,
    अब कर्म आपका अपने देश को बचाइए!

    स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाए,,,,
    RECENT POST...: शहीदों की याद में,,

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  5. बढ़िया जानकारी ....संभलकर रहना भी ज़रूरी है

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  6. एलर्जी टेस्टिंग में रक्त जाँच कौन सी है , कृपया बताने का कष्ट करें .

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  7. वाह एलर्जी के बारे में इतनी जानकारी, धन्यवाद

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  8. राधारमण जी नमस्कार...
    आपके ब्लॉग 'स्वास्थ्य सबके लिए' से लेख भास्कर भूमि में प्रकाशित किए जा रहे है। आज 17 अगस्त को 'एलर्र्र्जी में सफाई का रखें खास ख्याल' शीर्षक के लेख को प्रकाशित किया गया है। इसे पढऩे के लिए bhaskarbhumi.com में जाकर ई पेपर में पेज नं. 8 ब्लॉगरी में देख सकते है।
    धन्यवाद
    फीचर प्रभारी
    नीति श्रीवास्तव

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    1. आभार। पोस्ट में भी लिंक दिया गया है।

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