बुधवार, 20 जून 2012

आँख है तो जहान है

आंखें स्वस्थ न हों तो संसार की सारी खूबसूरती बेमानी लगती हैं। फिर भी हम अपनी आंखों का पर्याप्त खयाल नहीं रख पाते। आइए,जानते हैं कि मौसम के साथ आंखों का खयाल कैसे रखें, ताकि वह हमेशा साथ दें- 

अगर कोई आपसे एक मिनट के लिए आंखें बंद करने के लिए कहता है तो आप कितनी बेचैनी महसूस करते हैं। जैसे दुनिया के सारे नजारे इसी एक मिनट में आपकी नजरों के सामने से गुजर जाएंगे और आप उन्हें देखने से चूक जाएंगे। यही आंखें उम्र और अन्य बीमारियों की वजह से धीरे-धीरे कमजोर होती चली जाती हैं तो दुनिया को साफ-साफ नहीं देख पाना कितना दुखद हो जाता है। तो फिर अपनी अनमोल आंखों के लिए थोड़ा समय निकालिए न! आपकी आंखें हमेशा आपका साथ देंगी। 

रखें आंखों का खयाल 
आंखों की देखभाल की शुरुआत बचपन से ही की जानी चाहिए। किसी भी बच्चे की आंखों की पहली बार जांच पांच साल के होने तक हो जानी चाहिए। इस उम्र में अगर बच्चे की आंखों में किसी प्रकार का बहंगापन, आंखों का छोटी-बड़ी होना या और भी कोई परेशानी रहती है तो वह इसी अवस्था में ठीक हो जाती हैं। इसी तरह किशोरावस्था में भी आंखों की नियमित जांच जरूरी है। इस अवस्था में आंखों की कम रोशनी पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर किशोर के जीवन को प्रभावित कर सकती है। 

आम तौर पर 15 से 40 साल तक के स्वस्थ इंसान में आंखों की समस्या नहीं होती। इस दौरान कोई खास बीमारी ही आंखों की समस्या के लिए जिम्मेदार हो सकती हैं। लेकिन 40 साल की उम्र के बाद से आंखों में समस्याएं आनी शुरू हो जाती हैं। अगर आप 60 साल से ऊपर के हैं तो कम समय के अंतराल पर नियमित रूप से आंखों की जांच कराएं और डॉक्टरों के निर्देशानुसार चश्मे का लेंस बदलवाएं। 

आंखों के दुश्मन हैं ये गैजेट्स 
आंखों की समस्या से आज की युवा पीढ़ी ज्यादा परेशान हैं, क्योंकि वे अपना काफी समय कंप्यूटर, मोबाइल फोन, टीवी, वीडियो गेम और टैबलेट पर बिताते हैं। काफी दुखद है कि आउटडोर गेम्स की जगह इनडोर गेम्स लेते जा रहे हैं। इस कारण जरूरी शारीरिक मूवमेंट हो नहीं पाते। इससे आंखों की समस्या जल्द होने की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए आधुनिक गैजेट्स का कम से कम इस्तेमाल करें। दिल्ली में आंखों में खुश्की (ड्राई आई), एलर्जी और नजदीक का कम दिखने की समस्या बढ़ती जा रही है। समय रहते सावधानी बरती जाए तो आंखें पूरा साथ देंगी। डॉक्टर सलाह देते हैं कि अगर कंप्यूटर पर लगातार काम करना ही पड़े तो हर 20 मिनट पर सीट से उठकर 20 फीट दूर किसी चीज को 20 सेकेंड के लिए देखें। इससे आंखों को थोड़ी राहत मिल जाती है। अपनी आंखों की खातिर इसे नियम बना लें। देर रात तक कृत्रिम रोशनी में काम करना भी आंखों के लिए ठीक नहीं। 

कैसा हो खानपान 
संतुलित खानपान आंखों के लिए बहुत जरूरी है। एक बार डॉक्टर से अपनी आंखों के लिए जरूरी आहार की जानकारी लें। अपने आहार में विटमिन ए प्रचुर मात्र में लें। यह दूध और दूध से बने पदार्थों, मछली, अंडे, रंगीन फलों और हरी सब्जियों में पाया जाता है। 

शोध में कहा गया है कि ग्रीन टी (हरी चाय) आंखों के लिए फायदेमंद है। इसमें केटेचिन्स नामक एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो आंखों की रक्षा करते हैं। 

खाने में विटामिन सी, डी और ई से युक्त चीजें भी शामिल करें। 

ओमेगा 3 भी आंखों के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है। 

आंखों की एक्सरसाइज 
आंखों की मांसपेशियों में कमजोरी आने पर डॉक्टर की देख-रेख में आंखों से संबंधित एक्सरसाइज भी कराए जाते हैं। इसमें कागज पर बने चित्र या कार्ड पर बने चित्र और पेंसिल की मदद से एक्सरसाइज कराए जाते हैं। जब इस तरह के प्रयास से फायदा नहीं पहुंचता है, तो एक खास तरह की मशीन के जरिए आंखों की एक्सरसाइज कराई जाती है। 

आंखों में तकलीफ के लक्षण 
आंखों एवं सिर में भारीपन, धुंधला दिखना, आंखें लाल होना, आंखों से पानी आना, आंखों में जलन महसूस होना, आंखों में खुजली महसूस होना, आंखों में ड्राईनेस, रंगों का साफ न दिखना आदि में से कुछ भी महसूस होता है तो तनिक भी देर न करें, तुरंत आंखों के डॉक्टर से मिलें। 

दिलचस्प तथ्य 
-अगर इंसान के पास एक आंख होती तो चीजें तीन आयामी प्रतीत होतीं। -आंखों में पाई जाने वाली मांसपेशी जो आंखों के झपकने के लिए जिम्मेदार होती है, शरीर की सबसे तेज मांसपेशी कहलाती है। 

-जब भी आपकों छींक आती है, आंखें खुली नहीं रह सकतीं। 

-आंखों का महत्वपूर्ण कॉर्निया शरीर का एक मात्र हिस्सा है जहां रक्त की आपूर्ति नहीं होती 

-आठ सप्ताह से कम उम्र के बच्चों की आंखों में आंसू का निर्माण नहीं होता ।

मेकअप में सावधानी 
महिलाओं को सजने-संवरने का शौक होता है, लेकिन आंखों के मामले में काफी सावधानी की जरूरत होती है। सजने-संवरने के दौरान आंखों का खास खयाल रखा जाना चाहिए। आंखों पर मेकअप के लिए तरह-तरह के कॉस्मेटिक्स के इस्तेमाल किए जाते हैं। उच्च गुणवत्ता वाले ब्रांडेड कॉस्मेटिक्स का इस्तेमाल आंखों पर खास बुरा असर नहीं डालता, लेकिन साधारण कॉस्मेटिक्स का इस्तेमाल नुकसानदेह साबित हो सकता है। इसलिए अपनी खूबसूरत आंखों को और खूबसूरत बनाने से पहले इस बात का पूरा ध्यान रखें कि इस्तेमाल किया जाने वाला कॉस्मेटिक्स आपकी आंखों को नुकसान न पहुंचाए। 

हर मौसम में रखें खयाल 

गर्मी 
-बढ़ती गर्मी अपने साथ आंखों की कई समस्याएं भी लाती है। इस दौरान सूर्य की तेज रोशनी में मौजूद अल्ट्रावायलेट किरणों और धूल से आंखों को बचा कर रखना बहुत जरूरी होता है 

-जब आप किसी सार्वजनिक जगहों पर या स्विमिंग पूल में होते हैं या फिर किसी से बात कर रहे होते हैं तो संक्रमण की आशंका रहती है। इसमें आंखों का लाल होना, आंखों में चिड़चिड़ापन या फिर आंख आना जैसी समस्या आती हैं। इनसे बचने के लिए जब भी कभी बाहर निकलनें, गहरे रंग के सनग्लास का इस्तेमाल करें। यह आपकी आंखों को सूर्य से आने वाली अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाता है। डॉक्टर की सलाह से हमेशा ब्रांडेड सनग्लास ही पहनें। 

-आंखों को छूने या रगड़ने से बचें। 

-बीच-बीच में ठंढे पानी से आंखों को धोते रहें। 

बरसात 
-हमेशा अपने हाथों को साफ रखने की कोशिश करें। 

-बरसात में बाहर यात्रा पर जा रहे हों तो साथ में हैंड क्लीनर रखें। -संभव हो तो इस मौसम में स्विमिंग न करें। -आंखें लाल हैं तो कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल न करें। 

-तौलिया, नैपकीन आदि को शेयर न करें। 

-हम रहें, न रहें, आंखें रहेंगी 

-बॉलीवुड स्टार ऐश्वर्या राय बच्चन आंखों की अहमियत को इस कदर समझती हैं कि उन्होंने अपनी आंखें दान कर दी हैं। वह आई बैंक एसोसिएशन की ब्रांड एम्बेस्डर हैं और नेत्रदान के लिए जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। मिस वर्ल्ड के फाइनल राउंड में जब उनसे पूछा गया था कि इस दुनिया को क्या देकर जाना चाहेंगी तो उन्होंने कहा कि अपनी आखें, ताकि कोई और भी इस खूबसूरत दुनिया को देख सके। 

समय पर सोएं, जल्दी जागें 
-ताउम्र स्वस्थ आंखों के लिए रात में समय पर सोएं और सुबह जल्दी जागें। पेट की बीमारी से भी आंखों की तकलीफ पैदा हो सकती है। सुबह एक ग्लास गरम पानी में एक नीबू का रस निचोड़कर पिएं, पेट साफ रहेगा। 

-थकी हुई और लाल आंखों को ताजगी प्रदान करने के लिए खीरे के गोल टुकड़े काटकर आंखों पर दस मिनट तक रखें। फिर गुलाबजल में रुई भिगोकर आंखों पर लगाएं। एक मिनट बाद ठंडे पानी से छींटे मारकर आंखें साफ करें। 

-आंखों के नीचे काले घेरे हैं तो एक कच्चे आलू को थोड़ी देर काले घेरों पर लगाएं। आधे घंटे बाद ठंडे पानी से आंखें धो लें और मॉयस्चराइजर लगा लें। 

-अगर आंखों के आस-पास झुर्रियां नजर आने लगी हैं तो प्रतिदिन सलाद और हरी सब्जियों में एक टी स्पून वेजिटेबल ऑयल डालकर खाएं। 

-दिल्ली में एक तिहाई लोग आंखों की किसी न किसी समस्या से प्रभावित हैं। यह प्रतिशत तेजी से बढ़ रहा है। इसका बड़ा कारण है कम्प्यूटर पर काम और वायु प्रदूषण। कम्प्यूटर पर काम करने से आंखों में पानी आने, सूखने, मांशपेशियों में दर्द की तकलीफ होती है। वायु प्रदूषण के कारण आंखों में जलन, एलर्जी और पानी आने की शिकायत होती है-डॉ. संजीव लहरी(डॉ. ऋषि मोहन,हिंदुस्तान,दिल्ली,14.6.12)।

14 टिप्‍पणियां:

  1. बेनामीजून 20, 2012

    बड़ी अच्छी जानकारी दी आपने राधारमण जी

    हिन्दी दुनिया ब्लॉग (नया ब्लॉग)

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  2. बहुत ही उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक जानकारी ...आभार

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  3. बेहतरीन जानकारी आभार ...

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  4. आँखों का ध्यान रखने पर अच्छी जानकारी

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  5. बहुत ही उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक जानकारी

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  6. ध्यान देने योग्य उपयोगी संम्प्रेषण,,,,

    MY RECENT POST:...काव्यान्जलि ...: यह स्वर्ण पंछी था कभी...

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  7. correct aankhen hain to jahan hai very intresting and useful post thanks a lot.

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  8. विस्तृत जानकारी मिली।

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  9. बहुत उपयोगी जानकारी मिली -आभार!

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  10. बेनामीजून 21, 2012

    thanks for sharing such a wonderful information

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  11. खुबसूरत आँखें और उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक जानकारी ...आभार

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