*गैटिफ्लोक्सासिन और टेगासेराड के साइड इफेक्ट के मद्देनजर इनके निर्माण, बिक्री और वितरण पर 18 मार्च,2011 से रोक लगा दी गई है। *राजस्थान सरकार ने स्वाइन फ्लू की दवा आसाल्टामीविर को वैटमुक्त किया। *झारखंड में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व पिछड़ी जातियों के मरीजों को कल्याण विभाग की ओर से दी जाने वाली चिकित्सकीय सहायता अब मृतक के परिजनों को भी दी जाएगी। *चितरंजन नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट,कोलकाता की एक और शाखा कोलकाता के उत्तर-पूर्वी हिस्से राजरहाट में खुलेगी। *मनेर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में अंग्रेजी के साथ-साथ यूनानी, आयुर्वेद एवं होमियोपैथ चिकित्सा उपलब्ध है। हालांकि फिलहाल इन चिकित्सकों द्वारा जांच व दवा ही नुस्खे पर लिखे जायेंगे। शीघ्र ही मुफ्त दवा भी उपलब्ध होगी। *देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल में, गुर्दा रोगियों के लिए नेफ्रोडाइलिसिस की सुविधा अगस्त से शुरू। *पटना में ओरिएंटल कॉलेज के सामने अत्याधुनिक यूनानी रिसर्च सेंटर बनाने की क़वायद तेज़ हुई। *जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय परिसर में जल्द ही ५०० बिस्तरों वाला सुपर स्पेशलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा। * पटना में गुरु गोविंद सिंह अस्पताल में होम्योपैथिक इलाज की सुविधा शुरू। * यूपी में सीजीएचएस का हेल्पलाइन नम्बर है-155224 *उत्तराखण्ड में हल्द्वानी का सुशीला तिवारी अस्पताल और फारेस्ट हास्पीटल ट्रस्ट मेडिकल कालेज सरकारी अस्पताल बने। * उत्तर भारत का पहला डेंटल इम्प्लांट सेंटर पंजाब में मोहाली में खुला। * दिल्ली सरकार ने प्रति 50 हज़ार की आबादी पर एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने को मंजूरी दी। *उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा राज्य के अनुसूचित जाति और जनजाति बहुल इलाक़ों में 59 होम्योपैथी डिस्पेंसरी खोलने की घोषणा। स्थान अभी तय नहीं। *सम्पर्कः www.upchar.blogspot@gmail.com.

बुधवार, 1 फरवरी 2012

अपेंडिसाइटिसःकिसे और क्यों?

खुराक में मौजूद रेशों को पचाने के लिए अपेंडिक्स काफी महत्वपूर्ण होता है लेकिन इंसानों के शरीर में यह किसी काम का नहीं है और शरीर में इसके न होने पर भी सभी काम सुचारु रूप से चलते हैं। 

क्यों होता है? 
पेंडिक्स में किसी ची़ज़ का फँसना या उसमें संक्रमण होना अपेंडिसाइटिस का कारण बनता है। हालाँकि संक्रमण की वजह स्पष्ट नहीं है, माना जाता है कि रोग प्रतिरोधक क्षमता के कमज़ोर होने पर अंतड़ी में पाए जाने वाले बैक्टीरिया अपेंडिक्स तक जा पहुँचते हैं। यही अपेंडिसाइटिस या अपेंडिक्स में संक्रमण और सूजन का कारण बनते हैं।

किसे होता है? 
अपेंडिसाइटिस किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है लेकिन बच्चों में यह अधिक होता है।

लक्षण
*इससे प्रभावित बच्चे शुरुआत में पेट में बीच के हिस्से में तेज़ दर्द की शिकायत बार-बार करते हैं। फिर यह दर्द पेट में दाहिनी ओर उठने लगता है और असहनीय हो जाता है। 
* भूख कम हो जाना या उल्टियां होना। 
*कब्ज़ या डायरिया होना। 
*पेट दर्द के कारण सुस्ती आना,चेहरा लाल होना आदि। 
*इसका सबसे स्पष्ट लक्षण है-पेट दर्द होना-ख़ासकर दाहिने हिस्से में। इसलिए,यदि पेट में बार-बार तेज़ दर्द हो रहा हो,तो डाक्टर से जांच करवा लें। 

इलाज
मरीज़ को असहनीय दर्द होने पर जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। उसे कुछ भी खाने-पीने को न दें। स्थिति गंभीर होने पर अपेंडिक्स फूटने का डर रहता है इसलिए बिना देर किए ही सर्जरी करनी पड़ सकती है। यदि अपेंडिक्स फूट जाता है तो संक्रामक मवाद पूरे पेट में फैल जाता है और अंदरुनी सतह पर सूजन आ जाती है। इससे लंबे समय में बाँझपन जैसे गंभीर परिणाम भी हो सकते हैं। इलाज के दौरान एंटीबायटिक दवाएँ और कभी-कभी दर्दमारक दवाएँ भी दी जाती हैं। अपेंडिक्स को शरीर से निकालने के बाद ज़्यादातर मरीज़ कुछ दिनों ही में ठीक हो जाते हैं(डॉ. अनिल भदौरिया,सेहत,नई दुनिया,जनवरी तृतीयांक 2012)।

11 टिप्पणियाँ:

  1. सुंदर जानकारी देती उपयोगी प्रस्तुति, बहुत अच्छी लगी.,

    welcome to my post --काव्यान्जलि--हमको भी तडपाओगे....

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  2. अपेंडिसाइटिस एक इमरजेंसी है . तुरंत भर्ती होना ज़रूरी होता है . घर पर कोई दवा न ही लें तो बेहतर है .

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  3. अपेंडिसाइटिस के बारे में अच्छी जानकारी!! आभार

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  4. बहुत अच्छी जानकारी...
    हमेशा की तरह..
    शुक्रिया.

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  5. बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति ।

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  6. एक जरुरी सुझाव देती हुई सार्थक पोस्ट ..

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  7. अच्छी जानकारी. शायद कुछ देशों में तो बचपन में ही इसे हटा देते हैं...

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