प्रौढावस्था की शुरुआत से ही बालों में सफेदी आना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। इससे पहले यदि बाल सफेद होने लगते हैं तो इसे एक समस्या मानना चाहिए। असमय सफेदी के कई कारण हो सकते हैं - शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी, स्त्रियों में मुख्य रूप से रक्तल्पता, कोई बीमारी जो लंबे समय तक रही हो, कुछ ऐलोपैथी दवाइयाँ भी असमय सफेदी का कारण हो सकती हैं। प्रायः लोग असमय सफेदी की स्थिति में बालों में मेहँदी लगाते हैं। मेहँदी कौन-सी लें एवं इसमें कौन सी जड़ी-बूटियाँ डालें, इस बारे में कोई जानकारी नहीं होती। मेहँदी का मिश्रण यदि संतुलित न हो तो बालों में रुखापन आ सकता है अथवा सफेदी बढ़ भी सकती है। अक्सर लोग विभिन्न जड़ी बूटियाँ उचित मात्रा का ध्यान रखे बिना अंदाज़ से मेंहदी में डाल देते हैं। यह भी याद रखना ज़रूरी है कि जो जड़ी-बूटियां बाज़ार से ली जा रहीहैं,वे अधिक पुरानी न हों। जड़ी बूटियों की भी एक्सपायरी डेट होती है लेकिन अभी हमारे देश में इस दिशा में अधिक शोध नहीं हुए हैं। बाज़ार में किराने की दुकानों में जड़ी-बूटियां कब से हैं,इसकी कोई जानकारी नहीं मिलती। इसी तरह,घर में भी अधिक समय तक इन्हें नहीं रखा जा सकता(सेहत,नई दुनिया,जनवरी द्वितीयांक 2012)।

अधिक पुरानी तो नहीं लेनी चाहिये.
प्रत्युत्तर देंहटाएंachchi jankari.
प्रत्युत्तर देंहटाएंऔर यदि बाल ही एक्सपाइर हो जाएँ तो । :)
प्रत्युत्तर देंहटाएंअच्छी जानकारी है !
प्रत्युत्तर देंहटाएंlaabhkari post.
प्रत्युत्तर देंहटाएंहमने पहली बार सुना कि मेंहदी कि एक्सपायरी डेट होती है । धन्यवाद जानकारी देने के लिए ।
प्रत्युत्तर देंहटाएंhttp://हिंदी दुनिया
सही में पहली बार सुना है...
प्रत्युत्तर देंहटाएंआभार.
अच्छा चेताया है आपने ...
प्रत्युत्तर देंहटाएंअच्छी सलाह दी है ..
प्रत्युत्तर देंहटाएंthougtful
प्रत्युत्तर देंहटाएंhere everyone everything has the expiry date