सोमवार, 23 जनवरी 2012

बालों की मेंहदी की भी होती है एक्सपायरी डेट

प्रौढावस्था की शुरुआत से ही बालों में सफेदी आना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। इससे पहले यदि बाल सफेद होने लगते हैं तो इसे एक समस्या मानना चाहिए। असमय सफेदी के कई कारण हो सकते हैं - शरीर में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी, स्त्रियों में मुख्य रूप से रक्तल्पता, कोई बीमारी जो लंबे समय तक रही हो, कुछ ऐलोपैथी दवाइयाँ भी असमय सफेदी का कारण हो सकती हैं। प्रायः लोग असमय सफेदी की स्थिति में बालों में मेहँदी लगाते हैं। मेहँदी कौन-सी लें एवं इसमें कौन सी जड़ी-बूटियाँ डालें, इस बारे में कोई जानकारी नहीं होती। मेहँदी का मिश्रण यदि संतुलित न हो तो बालों में रुखापन आ सकता है अथवा सफेदी बढ़ भी सकती है। अक्सर लोग विभिन्न जड़ी बूटियाँ उचित मात्रा का ध्यान रखे बिना अंदाज़ से मेंहदी में डाल देते हैं। यह भी याद रखना ज़रूरी है कि जो जड़ी-बूटियां बाज़ार से ली जा रहीहैं,वे अधिक पुरानी न हों। जड़ी बूटियों की भी एक्सपायरी डेट होती है लेकिन अभी हमारे देश में इस दिशा में अधिक शोध नहीं हुए हैं। बाज़ार में किराने की दुकानों में जड़ी-बूटियां कब से हैं,इसकी कोई जानकारी नहीं मिलती। इसी तरह,घर में भी अधिक समय तक इन्हें नहीं रखा जा सकता(सेहत,नई दुनिया,जनवरी द्वितीयांक 2012)।

10 टिप्‍पणियां:

  1. अधिक पुरानी तो नहीं लेनी चाहिये.

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  2. और यदि बाल ही एक्सपाइर हो जाएँ तो । :)

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  3. अच्छी जानकारी है !

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  4. हमने पहली बार सुना कि मेंहदी कि एक्सपायरी डेट होती है । धन्यवाद जानकारी देने के लिए ।

    http://हिंदी दुनिया

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  5. सही में पहली बार सुना है...

    आभार.

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  6. अच्छा चेताया है आपने ...

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  7. thougtful
    here everyone everything has the expiry date

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