शुक्रवार, 6 जनवरी 2012

बच्चों को भी करना चाहिए योग

तुम सोचते होगे कि योग तो बड़ों का काम है। हम बच्चों को इससे क्या फायदा होगा, कौन करेगा ये बोरिंग काम, तुम्हारी इसी सोच को बदलने के लिए आज ममता सिंह तुम्हें बता रही हैं कि योग बच्चों के लिए कितना अधिक फायदेमंद है। योग के इन फायदों के साथ-साथ यह भी जानो कि कौन से योगासन तुम्हारे लिए ही बने हैं। 

योग करना उतना ही जरूरी है, जितना रोज स्कूल जाना। इसका कारण यह है कि इससे तुम्हें शारीरिक फिटनेस मिलती है, यह कई बीमारियों से तुम्हारा बचाव करता है और तुम्हारे शरीर को चुस्त-दुरुस्त व सुंदर रखता है। आज से ही योग करना शुरू कर दोगे तो आगे जाकर जल्दी बुढ़ापा नहीं आएगा, याददाश्त अच्छी रहेगी, दिमाग भी तेज चलेगा। इसके अलावा तुम डिप्रेशन जैसी बीमारियों से भी बचे रहोगे। 

योग करने से शरीर की मांसपेशियां खिंचती हैं, जिससे शरीर को आराम मिलता है और अंगों की मसाज होती है, पाचन तंत्र अच्छा रहता है, आत्मविश्वास बढ़ता है। बच्चे पांच साल की उम्र से योग सीख सकते हैं। योग को बोझ न बनाओ, इसे खेल-खेल में सीखो और रुचिकर बनाकर करो। ऐसा जरूरी नहीं कि कठिन योग के ही फायदे होते हैं, बल्कि आसान योग भी फायदेमंद होते हैं। तुम्हारे लिए ये योगासन अच्छे रहेंगे- 

ताड़ासन : 
सीधे खड़े हो जाओ। दोनों हाथों की अंगुलियों को लॉक कर लो और ऊपर की ओर खींचो। धीरे-धीरे पंजों पर खड़े हो जाओ और शरीर को ऊपर की ओर खींचो। फायदे : इसे करने से लंबाई बढ़ती है। इससे रीड़ की हड्डी को आराम मिलता है। 

त्रिकोणासन : 
दोनों पैर खोलकर खड़े हो जाओ। फिर धीरे-धीरे नीचे मुड़ो और सीधे हाथ से उल्टे पैर को छुओ और फिर उल्टे हाथ से सीधे पैर को छुओ, इस तरह 15-20 बार करना चाहिए। फायदे : इसे करने से सारे शरीर में कसाव आता है और कब्ज भी दूर होती है। 

पद्मासन : 
यह बैठकर आलती-पालती मारकर हाथों को गोद में रखकर जैसे बुद्ध भगवान बैठते हैं, आंखें बंद करके सांस पर ध्यान दो। फायदे : इससे एकाग्रता बढ़ती है और दिमाग भी बढ़ता है। 

पवन मुक्तासन : 
सीधे लेट जाओ। पैरों को 45 डिग्री पर पैर ले जाओ और घुटना मोड़कर छाती पर लगाओ। मुंह को घुटने पर ले जाओ, अंगुलियों को लॉक करके घुटनों पर रखो। फायदा : इससे गैस और कब्ज दूर होता है। कमर और नीचे के हिस्से में आराम मिलता है। 

योग करते हुए इन बातों का रखना ध्यान 
-योग हमेशा पूरी जानकारी एवं बड़ों की देख-रेख में करो। 
 -ज्यादा जोर से किसी भी आसन को मत करो। इससे चोट लग सकती है। 
-हमेशा सांस लेने की प्रक्रिया को ध्यान में रखो। हर योग में सांस अलग तरह से लेते हैं। 
-6 साल तक के बच्चों को एक योगासन 1 मिनट से अधिक नहीं करना चाहिए। 15 मिनट से अधिक योग न करें। 
-योग करने से 2-3 घंटे पहले कुछ नहीं खाना चाहिए। 
-हो सके सुबह योग करो, स्कूल में योग जरूर सीखो। 
-योग करने के बाद पानी खूब पिओ। 
-आरामदायक या ढीले वस्त्र पहनकर ही हमेशा योग करो(हिंदुस्तान,दिल्ली,27.12.11)।

4 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत बढ़िया...
    बस मना लिया जाये बच्चों को, इसे अमल करने के लिए..
    धन्यवाद.

    उत्तर देंहटाएं
  2. अगर मेरा बस चलता तो सारे स्कूल, कॉलेजों में शिक्षा के साथ साथ
    योग और ध्यान के क्लासेस लगा देती ! सच में शिक्षा संस्थाओं को इस बात पर
    सोचना चाहिए ! बच्चों में आजकल आत्महत्या की जो प्रवृत्ति बढ़ी है
    योग से नियंत्रण हो सकता है ! सुंदर पोस्ट है आभार !

    उत्तर देंहटाएं
  3. बहुत सुंदर पोस्ट !
    बच्चों का मन सरल होनेसे बहुत जल्दी योग, ध्यान सिख सकते
    है !

    उत्तर देंहटाएं
  4. बच्चे लोग अमल करें तो बहुत अच्छा है ...

    उत्तर देंहटाएं

एक से अधिक ब्लॉगों के स्वामी कृपया अपनी नई पोस्ट का लिंक छोड़ें।