रविवार, 6 नवंबर 2011

कसरत कितनी करें और क्या बरतें सावधानी

यह प्रश्न अक्सर पूछा जाता है कि कसरत कितनी देर तक करना ठीक होता है। कई विशेषज्ञों की इस बाबद राय अलग-अलग है। बहुत देर तक कसरत करने से शरीर को बहुत फायदा नहीं होता, बल्कि कुछ मामलों में नुकसान अधिक होता है। इस भागमभाग वाले युग में किसी के पास इतना वक्त नहीं है कि जिम में घंटों व्यतीत करें। नए शोधों के नतीजों के आधार पर कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि हफ्ते में पाँच दिन सिर्फ २० मिनट तक की गई कार्डियोवैस्क्युलर कसरत ही पर्याप्त होती है। 

तीव्रता के साथ की गई एरोबिक्स कसरत के २० मिनट भी पर्याप्त होते हैं। तीव्रता का पैमाना हर व्यक्ति के लिए अलग होता है।कार्डियोवैस्क्युलर एक्सरसाइज का मकसद दिल की धड़कन की गति को एक निश्चित सीमा तक बढ़ाना होता है। यह टारगेट हार्ट रेट २२० में से उम्र घटाने में से हासिल होता है। उदाहरण के तौर पर यदि आपकी उम्र ४० साल तो टारगेट हार्ट रेट १८० होगा। तेज़ गति से २० मिनट तक सतत किए गए कार्डियो सेशन से दिल की धड़कन की गति आवश्यक स्तर तक पहुँच जाती है। दूसरी ओर ४० मिनट या इससे भी अधिक देर तक धीमी गति से की गई कसरत से यह लक्ष्य हासिल नहीं होता।

कैसे करें शुरुआत... 
कसरत शुरू करने से पहले यह तय कर लें कि आपको किस गतिविधि में मज़ा आता है। सबसे अच्छी कसरत वही होती है, जिसे आप वाक़ई मन लगाकर करते हैं। पैदल चलना एक ऐसी कसरत है, जिसे शुरू करने के लिए आपको किसी उपकरण की ज़रूरत नहीं है। पैदल चलना कहीं से भी शुरू किया जा सकता है। एक ऐसी कसरत चुनें, जिसमें लगातार शारीरिक मेहनत करना पड़ती हो, मसलन साइकल चलाना, तैरना, दौड़ना, एरोबिक्स करना, रोइंग करना या सीढ़ियांँ चढ़ना। हफ्ते में दो या तीन दिन ५ से १० मिनट के वार्म अप से शुरुआत करें। दिल की धड़कन की गति धीमे-धीमे बढ़ाएँ। हार्ट रेट को मॉनिटर भी करें ताकि आपको अपने शरीर की स्थिति पता रहे। कभी भी किसी अविश्वसनीय लक्ष्य को हासिल करने की चेष्ठा न करें, क्योंकि इससे आपका नुकसान भी हो सकता है। 

शुरुआती दिनों में आप चंद मिनट की कसरत कर पाएँगे, लेकिन रा़ेज करने पर आपका स्टेमिना बढ़ने लगेगा। कसरत के हर सैशन के बाद कूल डाउन और मांसपेशियों के शिथिलीकरण की प्रक्रिया पूरी करें। मांसपेशियों का लचीलापन बरकरार रखें। हर हफ्ते कसरत के समय में चंद मिनट का इज़ाफा करें। कसरत की गति और अवधि की बहुत चिंता न करें। शुरुआत के कुछ हफ्तों में वर्कआउट पर ध्यान केंद्रित करें। एक बार स्टेमिना बन जाने के बाद स्पीड और अवधि बढ़ाई जा सकती है। ४ से ६ हफ्तों तक नियमित कसरत करने के बाद अवधि में इज़ाफा किया जा सकता है। मसलन हफ्ते में तीन दिन के स्थान पर चार दिन कसरत के लिए दिए जा सकते हैं। इस तरह आप कसरत में नई गतिविधियों को शामिल करते हुए एकरूपता को भी दूर कर सकते हैं। 

हेल्थ टिप्सः 
-अच्छे जूतों का चयन करें, क्योंकि पूरे शरीर का वज़न इन्हीं पर होता है।

-धीमी किंतु ठोस शुरुआत करें। जल्दबाज़ी न करें, क्योंकि इसमें चोंट लगने का अंदेशा अधिक रहता है।

-नियमित रूप से कसरत करने के लिए प्रेरणा तभी मिलेगी जब शरीर इसके लिए तैयार रहेगा। शरीर को नियमित रूप से पोषक पेय और खाद्य पदार्थों के दम पर चलायमान रखें।

-यदि आप कसरत करने के अगले दिन थकान महसूस कर रहे हैं तो एक दिन विश्राम करें, ताकि शरीर पूरी तरह से अगली कसरत के लिए तैयार हो सके। 

सावधानी रखें 
-इस तरह की कसरत करने वालों को यह ध्यान रखना चाहिए कि उन्हें रोज़मर्रा के जीवन में गतिविधियाँ बढ़ानी होंगी।

-कार्डियो सेशन हमेशा किसी प्रशिक्षित ट्रेनर की देखरेख में होना चाहिए।

-किसी भी भारी कसरत को शुरू करने से पहले पारिवारिक चिकित्सक से इस बाबत सलाह ज़रूर लेना चाहिए।

-२० मिनट की गहन तीव्रता वाली कसरतें एकाएक शुरू नहीं करना चाहिए। इसके लिए धीरे-धीरे आगे बढ़ना ठ इस तरह की कसरत करने वालों को यह ध्यान रखना चाहिए कि उन्हें रोज़मर्रा के जीवन में गतिविधियाँ बढ़ानी होंगी। 

 -कार्डियो वैस्कुलर कसरत नियमित रूप से करने पर ही फायदा होता है। 

 -20 मिनट की कार्डियोवैस्कुलर कसरत हफ्ते में पांच बार करना ही पर्याप्त होता है। 

 -कार्डियो सेशन के दौरान यदि चक्कर आए अथवा आंखों के आगे अंधेरा छा जाए,तो तत्काल कसरत बंद कर चिकित्सक की सलाह लें(डॉ. अनिल कुमार भदौरिया,सेहत,नई दुनिया,अक्टूबर चतुर्थांक 2011)।

शाम सात बजे जानिएः 


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9 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही काम की जानकारी दी आपने पुन: । राधारमण जी मेरे मेल पते पर कृपया अपना फ़ोन नं दें । मुझसे भूलवश कहीं खो गया है

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  2. mere kaam ki chij batayi hai sir....
    dhanyawaad..
    jai hind jai bharat

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  3. बहुत अच्छी जानकारी !
    आभार आपका .....

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  4. आपकी पोस्टों में न सिर्फ़ गहन जानकारी होती है बल्कि छोटी-छोटी किन्तु महत्वपूर्ण बातों का भी समावेश रहता है।

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  5. बहुत अच्छी जानकारी ... कभी कभी लोग जोश में आ कर एक दम से ज्यादा कसरत शुरू कर देते हैं जो लाभ की जगह हानि पहुंचती है

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  6. रमण जी
    बहुत हि कामकी जानकारी परोसी है आपने दिल कि बिमारी के लिए

    http://herbo-life.blogspot.com

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