मंगलवार, 18 अक्तूबर 2011

क्या आप भी परेशान हैं गर्दन के दर्द से?

गर्दन दर्द की समस्या को हल्के में न लें। अगर आपको गर्दन में तकलीफ महसूस हो रही है तो उस पर अच्छी तरह ध्यान दें। क्या वह कम्प्यूटर पर लगातार ज्यादा देर काम करने से हो रही है या सोने के तरीके में कोई गड़बड़ी है। तुरंत समाधान ढूंढें। अगर समस्या बढ़ गई है और आपको इस कारण चक्कर आने लगे हैं, उल्टियां आने लगी हैं तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। 

दिनभर की भागदौड़ और ऑफिस का ढेरों काम। कंप्यूटर के सामने ज्यादा देर तक बैठे रहने से कई तरह की बीमारियां घर कर जाती हैं। इनमें गर्दन का दर्द यानी सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस एक आम बीमारी है, जो आजकल युवाओं में ज्यादा देखने को मिल रही है। क्या आप भी ऐसी ही परेशानी से जूझ रहे हैं? तो कुछ बातों पर ध्यान दें और समझों कि आखिर इस दर्द का कारण क्या है। डॉ. मोनिका पुरी बता रही हैं कि गर्दन में दर्द या सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइसिस जैसी बीमारी से आप कैसे अपना बचाव कर सकते हैं। 

दरअसल, ऑफिस में बढ़ते काम के बीच घंटों कंप्यूटर पर आंख गड़ाए रखने से हमारी गर्दन की मांसपेशियों में तनाव आ जाता है, जिससे गर्दन में दर्द होने के साथ-साथ सिर चकराने और अनिद्रा की शिकायतें बढ़ती हैं। सर्वेक्षणों की मानें तो हर दस में से चार व्यक्ति इस परेशानी से जूझ रहे हैं। 

 डॉ. पुरी ने बताया कि कुर्सी पर बैठकर काम करने वाले ज्यादातर लोगों को ऐसी समस्या हो जाती है। सिर झुका कर काम करना, जैसे लिखना-पढ़ना, सिलाई-बुनाई करते समय भी ऐसा हो जाता है। वैसे लोग इसकी पकड़ में जल्दी आ जाते हैं, जो घंटों लगातार कंप्यूटर पर काम करते हैं या टीवी देखते हैं। चिपकू किस्म के इस रोग ने एक बार जकड़ लिया तो आपको आराम से बैठने-खाने-सोने नहीं देगा। 

पोस्चरल समस्या है यह 
डॉ. पुरी के मुताबिक, ये समस्या एक तरह से पोस्चरल समस्या है, जो आमतौर पर ज्यातर हिन्दुस्तानियों में देखने को मिलती है। हमारे चलने और बैठने का तरीका हमारी गर्दन और कमर के बीच की हड्डी पर असर डालता है। बहुत देर तक सिर को एक ही पोजीशन में रखने के चलते गर्दन में अकड़न आ जाती है। दरअसल, हड्डियों के बीच का गैप कम हो जाता है और वहां से गुजरने वाली नसें तन जाती हैं। जिन क्षेत्रों की नसें दबती हैं, उन जगहों पर दर्द होने लग जाता है। गर्दन का यह दर्द धीरे-धीरे कंधे और बांह तक फैल जाता है। 

होने वाली दिक्कतें 
गर्दन, कंधों और बांह में दर्द सिर में भारीपन रहने लगता है समस्या बढ़ी तो चक्कर आने लगते हैं खड़े-खड़े आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है। चलते हुए गिरने की आशंका बढ़ जाती है उल्टियां होने लगती हैं रीढ़ की हड्डियों में दर्द बना रहता है ।

इन बातों का रखें ध्यान 
-लंबे समय तक गाड़ी न चलाएं। 

-यदि पढ़ने-लिखने का शौक है तो बीच में कुछ काम बदल कर करें। 

-डेस्क का काम है तो हर 30 से 40 मिनट के अंतराल पर थोड़ा घूम आएं या मांसपेशियों को ढीला छोड़ दें। 

-टीवी लेटकर न देखें। 

-पेट के बल सोने से भी गर्दन और कंधे में जकड़न आ जाती है। 

-कोशिश करें कि सीधा सोएं। सोने के लिए तकिए का प्रयोग न करें। अगर करें तो तकिया पतला और नरम हो। 

-गर्दन का व्यायाम करें। व्यायाम की जानकारी किसी फिजियोथेरेपिस्ट से लें। 

-तौलिए का कॉलर बनाकर अपनी गर्दन पर कुछ देर लपेटे रखें। इससे सिर को सहारा मिलेगा। 

-गर्म पानी में तौलिया या कोई कपड़ा भिगोकर, निचोड़ लें और उसे अपनी गर्दन के पीछे रखें। इससे गर्दन के दर्द से आराम मिलता है(मृत्युंजय भारती,हिंदुस्तान,दिल्ली,12.10.11)।

14 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत बहुत धन्यवाद आपका गर्दन के दर्द के बारे में बहुत अच्छी जानकारी देने के लिए /उसके निदान के लिए भी जो आपने उपाय बताये हैं वो भी बहुत बदिया है /इतने अच्छे लेख के लिए बहुत बहुत बधाई /
    /मेरे ब्लॉग पर आने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद /आशा है आगे भी आपका आशीर्वाद मेरी रचनाओं को मिलता रहेगा /आभार /

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  2. बहुत बढिया जानकारी उपलब्ध करवाई…………आभार्।

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  3. बहुत बढ़िया जानकारी आभार.....

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  4. इस प्रविष्टी की चर्चा कल बुधवार के चर्चा मंच पर भी की जा रही है!
    यदि किसी रचनाधर्मी की पोस्ट या उसके लिंक की चर्चा कहीं पर की जा रही होती है, तो उस पत्रिका के व्यवस्थापक का यह कर्तव्य होता है कि वो उसको इस बारे में सूचित कर दे। आपको यह सूचना केवल इसी उद्देश्य से दी जा रही है! अधिक से अधिक लोग आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

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  5. aapka blog bahut hi gajab ka laga ,,. jivan ki tamam prob ko solv karne ka jakhira hai yahan....
    ab to ana jana laga hi rahega....
    jai hind jai bharat

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  6. कल 20/10/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  7. समस्या और निदान...बहुत अच्छी लगी यह पोस्ट|

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  8. बहुत ही अच्‍छी जानकारी ।

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  9. आपका बहुत-२ शुक्रिया इतनी महत्वपूर्ण जानकारी के लिए. इस समस्या से खुद मैं गुज़र चुकी हूँ. दरअसल एक दिन यूं हुआ की मुझे अचानक चक्कर आने लगे. मैंने कुछ ऐसा वैसा खाया भी नहीं था लेकिन मैं अपने को उठा पाने में असमर्थ पा रही थी. servical spondolosis के बारे में तो सुना तक नहीं था लेकिन डॉक्टर को दिखाने पर यही समस्या निकली. मैंने रात को सोते समय तकिये का प्रयोग एकदम बंद कर दिया तो अब कुछ राहत है.

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  10. @indianrj
    आपका प्रोफाइल नहीं दिख रहा है। ठीक करें।

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