सोमवार, 13 जून 2011

सूखे मेवों को सुरक्षित रखना है तो तुलसी रस मसलें

घर में रखे सूखे मेवों को फंगस और कीड़ों से बचाना है तो काली तुलसी रस का प्रयोग करें। लखनऊ विविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में किए गए एक शोध में पाया गया है कि सूखे मेवे को काली तुसली के रस में मसलकर रखने पर लगभग एक साल तक उसमें न तो फंगस लगते हैं और नहीं कीड़ें। मेवों के स्वाद में भी कोई अंतर नहीं आता है। वनस्पति विज्ञान विभाग की प्रोफेसर नीता शर्मा ने बताया कि अक्सर देखा गया है कि घर में रखे अखरोट, काजू, बादाम, पिस्ता और किशमिश जैसे कीमती मेवे रखे-रखे खराब होने लगते हैं। इनमें एस्परजिलस फ्लेवस और एस्परजिलस ओकरेशियस फंगस और कीड़े लग जाते हैं। मेवे खराब हो जाते हैं। तुलसी में औषधि गुण देखते हुए मेवों को सुरक्षित रखने के लिए शोध किया गया। शोध में पाया गया कि श्यामा या काली तुलसी का रस मसलकर रखने पर मेवे काफी दिनों तक सुरक्षित रखा जा सक सकता है। तुलसी में से सिट्राल नामक रसायन पाया जाता है जो एंटी फंगल और एंटी बैक्ट्रीरियल होता है। सिट्राल तुलसी के पत्ते में सबसे अधिक पाया जाता है। डा. नीता ने बताया कि इस विधि का प्रयोग कोई भी अपने घर में भी कर सकता है इसके लिए सबसे पहले तुलसी के पत्तों को निचोड़कर रस निकालते हैं। रस को हल्का गुनगुना गरम कर उसे मेवों डालकर मसल देतें हैं। फिर मेवों को सुखाकर डिब्बे में बंदकर रख देते हैं। उन्होंने बताया कि एक साल तक मेवे सुरक्षित रहते हैं। न तो मेवे के स्वाद में कोई अंतर आता है और न ही उसके गुणवत्ता में कोई कमी आती है(राष्ट्रीय सहारा,लखनऊ,12.6.11)।

3 टिप्‍पणियां:

  1. अच्छी शोध परक जानकारी के लिए आपका आभार .वैसे मेवे आप फ्रीज़र में भी रख सकतें हैं .बिस्किट्स आदि फ्रिज (फ्रीज़र नहीं ) में रखने से सीलतेनहीं हैं कुरकुरे रहतें हैं .नमी नहीं पकड़तें हैं .

    उत्तर देंहटाएं
  2. आभार इस जानकारी का.

    उत्तर देंहटाएं

एक से अधिक ब्लॉगों के स्वामी कृपया अपनी नई पोस्ट का लिंक छोड़ें।