गुरुवार, 30 जून 2011

जिम में नहीं,सड़कों पर चलिए

(सेहत,नई दुनिया,जून 2011 चतुर्थांक)

6 टिप्‍पणियां:

  1. बिल्कुल सही .... पैदल चलाने के अनगिनत फायदे हैं....

    उत्तर देंहटाएं
  2. वैसे बुजुर्ग लोग कहते हैं कि नंगे पैर घास पर चलना ज्‍यादा फायदेमंद होता है।

    ------
    ओझा उवाच: यानी जिंदगी की बात...।
    नाइट शिफ्ट की कीमत..

    उत्तर देंहटाएं
  3. पैदल चलने के फायदे तो हैं - पर सड़के कहां हैं पैदल चलने वालीं_प्रदूषणमुक्‍त, समय कहां है लोगों के पास-नोट कमाने से फुर्सत कहां है?
    शहर की धूलधुआंभीड़ भरी सड़कों पर पैदल चलना यानि‍ दमा, एलर्जी, दि‍ल के दौरों को नि‍मंत्रण देना .... औए कि‍ मैं झूठ बोल्‍या?

    उत्तर देंहटाएं
  4. जिम में शोर हवा गन्दी होती है .बाहर व्यक्ति प्रकृति से जुड़ता है .शरीर के साथ मन भी बदलता है सुकून पाता है .

    उत्तर देंहटाएं
  5. दिल्ली में कुछ पार्क तो हैं....अब आबोहवा भी कुछ साफ मिले तो कोई बात हो...

    उत्तर देंहटाएं

एक से अधिक ब्लॉगों के स्वामी कृपया अपनी नई पोस्ट का लिंक छोड़ें।