गुरुवार, 26 मई 2011

निजी अस्पतालों को टांगनी होगी रेट लिस्ट,टीकाकरण होगा सख्त,तम्बाकू चेतावनी अधिसूचना शीघ्र

निजी अस्पताल इलाज के नाम पर मनमाना खर्च नहीं वसूल सकेंगे। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नवी आजाद ने कहा है कि निजी अस्पताल आपरेशन का खर्च सरकार अस्पतालों की तुलना में 10 गुना तक वसूल रहे हैं और सरकार इसे हरगिज बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों को इलाज की दर जाहिर करने के लिए बाध्य किया जाएगा और उन्हें इलाज की दर संबंधी लिस्ट अस्पताल में लगाकर भी रखनी होगी। आजाद ने बताया कि एक साल के भीतर सभी छोटे-बड़े अस्पतालों और डाक्टरों का रजिस्ट्रेशन भी सुनिश्चित बनाया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि टीकाकरण को ठीक से करने के लिए अब स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से उन घरों का टेलीफोन नम्बर भी लेकर आने को कहा जाएगा जहां टीकाकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि इन टेलीफोन नम्बरों पर स्वास्थ्य मंत्रालय के स्थापित किए जानेवाले कॉल सेंटर द्वारा फोन करके वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाएगा। आजाद ने कहा कि टीकाकरण की राज्यों से सही जानकारी नहीं मिलने की वजह से सरकार यह कदम उठाने जा रही है। परिवार नियोजन के लिए सख्ती नहीं बरतने का वादा करते हुए कहा कि परिवार नियोजित करने के गर्भ निरोधकों के जरिए ही आबादी पर काबू पाया जाएगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं और पुरुषों को गर्भ निरोधक बांटने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नवी आजाद ने तंबाकू को भारतीयों की सेहत के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए इस मामले में सख्ती बरतने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही तंबाकू उत्पादों के लिए नई चित्रमय चेतावनियों के संबंध में अधिसूचना जारी करेगी और चबाने वाले तंबाकू के संदर्भ में ये चेतावनी अधिक सख्त होंगी क्योंकि इसे धूम्रपान की तुलना में अधिक हानिकारक पाया गया है। आजाद ने कहा कि चित्रमय चेतावनियां अधिसूचना की प्रक्रिया में हैं और किसी भी दिन अधिसूचना जारी की जा सकती है। दृश्य प्रसार निदेशालय (डीएवीपी) ने कुछ चित्रों का चयन किया है। दो तरह की चेतावनी होंगी। एक सिगरेट पीने वालों के लिए और दूसरी धूम्ररहित या चबाने वाले तंबाकू के लिए होगी। उन्होंने बताया कि ‘ग्लोबल एडल्ट टोबेको सव्रे इंडिया’ में पता चला कि 35 प्रतिशत वयस्क लोग किसी न किसी प्रकार से तंबाकू का उपयोग करते हैं। इनमें से 26 प्रतिशत बालिग लोग चबाने वाले तंबाकू उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं और 9 प्रतिशत धूम्रपान करते हैं। मुख कैंसर के 80 प्रतिशत मामलों के लिए धूम्ररहित तंबाकू जिम्मेदार है वहीं 20 प्रतिशत मुख कैंसर के मामले धूम्रपान के कारण हो रहे हैं। चबाने वाले तंबाकू उत्पाद जैसे गुटखा का इस्तेमाल व्यापक तौर पर किया जाता है और इनसे मुख कैंसर की अधिक आशंका रहती है। इन परिणामों के आधार पर सरकार एक नई नीति ला रही है। आजाद ने कहा कि इसके तहत गुटखा आदि के लिए अधिक कड़ी चित्रमय चेतावनियां जारी की जाएंगी(राष्ट्रीय सहारा,दिल्ली,26.5.11)।

1 टिप्पणी:

  1. बहुत हथकंडे हैं उनके पास जनता को लूटने के लिए ।
    धूम्रपान रोकने के लिए अभियान में और तेजी लानी होगी ।

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