गुरुवार, 14 अप्रैल 2011

अरोचकःभोजन के प्रति अरुचि भी रोग है

अरोचक बीमारी का दूसरा नाम अग्रिमांद भी है। अरोचक का अर्थ है-भोजन के प्रति रुचि का पूरी तरह से समाप्त हो जाना। अरोचक की प्रारंभिक अवस्था में भूख की कमी और कमजोरी का अहसास होने लगता है। भोजन को ग्रहण करने में ही रुचि न हो या यों कहें कि भूख होते हुए भी व्यक्ति भोजन करने में असमर्थ हो, तो वह आरोचक या 'मन न करना' कहलाता है। आरोचक का अर्थ यह भी होता है कि भूख लगी हो और भोजन भी स्वादिष्ट हो, फि र भी भोजन अच्छा न लगे और गले के नीचे न उतरे। इस रोग से लगातार प्रभावित रहने से इंसान धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है और उसकी कार्यक्षमता भी खत्म होने लगती है।

किसे और क्यों होता है?

चाय-कॉफी का अधिक सेवन करना, विषम ज्वर (मलेरिया) के बाद, शोक या किसी प्रकार के तनाव का बना रहना, भय, बहुत लालच करना , गुस्सा व तेज गंध , छाती की जलन, पेट साफ न रहना यानी कब्ज होना, बुखार होना, लीवर तथा आमाशय की खराबी आदि।

ऐसे पहचाने-

खून की कमी, हृदय के समीप अतिशय जलन एवं प्यास की अधिकता, गले से नीचे आहार के उतरने में असमर्थता, मुख में गरमी एवं दुर्गंध की उपस्थिति, चेहरा मलिन एवं चमकहीन, किसी कार्य की इच्छा नहीं, थोडी से श्रम से थकान आना, सूखी डकारें आना, मानसिक विषमता से ग्रस्त होना, शरीर के वजन में दिन-ब-दिन कमी होते जाना, कम खाने पर भी पेट भरा प्रतीत होना।

आयुर्वेदिक व घरेलू नुस्खे-

आयुर्वेद में इंसानी शरीर व मन से जुड़ी अधिकांश बीमारियों का प्रामाणिक व शर्तिया उपाया बताया जाता है। आइये देखते हैं ऐसे ही कुछ आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खे-

1. भोजन के एक घंटा पहले पंचसकार चूर्ण को एक चम्मच गरम पानी के साथ लेने से भूख खुलकर लगती है।


2. रात में सोते समय आँवला 3 भाग, हरड़ 2 भाग तथा बहेड़ा 1 भाग-को बारीक चूर्ण करके एक चम्मच गुनगुने पानी के साथ लेने से सुबह दस्त साफ आता है एवं भूख खुलकर लगती है।

3. भोजन में पतले एवं हलके व्यंजनों का प्रयोग करने से खाया हुआ जल्दी पच जाता है, जिससे जल्दी ही भूख लग जाती है।

4. खाना खाने के बाद अजवायन का चूर्ण थोड़े से गुड़ के साथ खाकर गुनगुना पानी पीने से खाया हुआ पचेगा, भूख लगेगी और खाने में रुचि पैदा होगी।

5. भोजन के बाद हिंग्वष्टक चूर्ण एक चम्मच खाने से पाचन-क्रिया ठीक होगी।

6. भोजन के बाद सुबह-शाम दो-दो चम्मच झंडु पंचासव सीरप लें, इससे खाया-पिया जल्दी पच जाएगा और खाने के प्रति रुचि जाग्रत् होगी।

7. हरे धनिए में हरी मिर्च, टमाटर, अदरक, हरा पुदीना, जीरा, हींग, नमक, काला नमक डालकर सिलबट्टे पर पीसकर बनाई चटनी खाने से भोजन की इच्छा फिर से उत्पन्न होती है।

8. भोजन करने के बाद थोड़ा सा अनारदाना या उसके बीज के चूर्ण में काला नमक एवं थोड़ी सी मिश्री पीसकर मिलाने के बाद पानी के साथ एक चम्मच खाने से भूख बढ़ती है।

9. एक गिलास छाछ में काला नमक, सादा नमक, पिसा जीरा मिलाकर पीने से पाचन-क्रिया तेज होकर आरोचकता दूर होती है।(दैनिक भास्कर,उज्जैन,14.4.11)

2 टिप्‍पणियां:

  1. इन सभी फार्मूलों को अपने पिता को अपनाते देखा है. बचपन से देखा है - उन्हें प्रतिदिन सिल-बट्टे पर चटनी पीसते हुए. बाक़ी सभी फार्मूलों को माँ को भी अपनाते देखा है.

    लेकिन अब ..... भी .. इन उपचारों को माँ-पिताजी याद दिलाया करते हैं.

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