बुधवार, 23 फ़रवरी 2011

बदलते मौसम की सावधानियां

नई दिल्ली के सफदरजंग, आऱएम़एल और पटेल चेस्ट हॉस्पिटल में काफी समय तक कार्यरत रहे छाती रोग विषेशज्ञ डॉ़ आऱएन कपूर के मुताबिक, ‘मौसम में बार-बार हो रहे इन बदलावों की वजह से से वायरल बुखार तेजी से फैलता है। यही वजह है कि इन दिनों इसके मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।’

घबराएं नहीं
जरूरी सावधानियां बरतने के बावजूद यदि आप वायरल के शिकार हो चुके हैं तो घबराएं नहीं। अपने पारिवारिक डॉक्टर से संपर्क करें या फिर नजदीकी अस्पताल जाकर जरूरी जांच कराएं। जरूरी हो तो आप दवा भी ले सकते हैं। डॉ़ कपूर कहते हैं कि यदि आप खुद को अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं तो तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर अपना ब्लड टेस्ट यानी खून की जांच करवाएं। जरूरत पड़ने पर संबंधित विषेशज्ञ आपको अन्य जांच की सलाह भी दे सकते हैं।

यदि आपको पीलिया का खतरा है तो डॉक्टर लिवर फंक्शन टेस्ट के लिए कहेंगे। यदि छाती का संक्रमण हो तो छाती का एक्सरे करने के लिए, टायफॉइड का खतरा हो तो वाइरल टेस्ट के लिए, मलेरिया का डर हो तो पीएच टेस्ट, वायरल के लिए यूरोग्राम और आंत या पेट में जलन की शिकायत हो तो स्टूल टेस्ट के लिए कहा जा सकता है।

कहां करवाएं जांच
ये सभी जांचें बेहद सामान्य, सस्ती और हर जगह आसानी से उपलब्ध हैं। इसलिए जरूरत पड़ने पर आप नजदीकी अस्पताल से ये सभी जांच करवा सकते हैं। इनमें से ज्यादातर जांच सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क किए जाते हैं। हालांकि निजी अस्पतालों में भी इनके लिए आपको लगभग 100 से 500 रुपये के बीच ही खर्च करने पड़ेंगे।

दौड़भाग और हर काम में जल्दबाजी करने की आदत ने लोगों को झटपट दवाएं लेकर बीमारी दूर भगाने की बुरी आदत का शिकार बना लिया है। नतीजतन, आज की पीढ़ी में बीमारियों से लड़ने की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती जा रही है। सामान्य से सामान्य बीमारियों से ऊबरने के लिए भी उन्हें दवाएं लेनी पड़ती है। इनसे बचने के लिए जरूरी है कि डॉक्टर के परामर्श से ही दवाएं ली जाएं। यदि डॉक्टर दवाएं लेना जरूरी न बताएं तो उनकी बात पर अमल करें। यह जरूरी सलाह है डॉ. आरएन कपूर की। इसके बावजूद यदि वायरल की वजह से आपको परेशानी ज्यादा हो रही हो तो डॉक्टरी सलाह पर आप पारासिटामोल की गोलियां ले सकते हैं।

सावधानियां
- बाहर का खाना बिल्कुल भी न खाएं। जहां तक हो सके, घर का ताजा पका खाना ही खाएं। संतुलित आहार लें
- अच्छी तरह से बॉयल या फिल्टर किया गया पानी ही पिएं
- सुबह की सैर यानी मार्निंग वॉक या जॉगिंग अवष्य करें। सुबह की ठंड से बचना चाहते हैं तो घर पर ही घड़ी देखकर कम से कम आधा घंटा रोज तेज-तेज कदमों से चलें।
- जिम जाएं।चाहें तो योग, ध्यान या एरोबिक्स का लाभ भी उठा सकते हैं।
- वायरल छूने से फैलने वाली बीमारी है इसलिए इसके मरीजों से जहां तक संभव हो, निश्चित दूरी बनाए रखें। घर या ऑफिस में किसी को वायरल हुआ हो तो उसे रूमाल का इस्तेमाल करने की सलाह दें।

नियमित व्यायाम से बढ़ाएं ‘इम्यूनिटी पावर’
एम्स के जयप्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर की फिजियोथेरेपिस्ट पूनम मिश्रा के अनुसार बदलते मौसम की वजह से अक्सर लोग वायरल की गिरफ्त में आ जाते हैं, लेकिन कुछ खास बातों का ध्यान रखा जाए तो ऐसी मौसमी बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है। वह कहती हैं कि नियमित रूप से व्यायाम करके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी पावर को बढ़ाया जा सकता है। कुछ ऐसे व्यायाम भी हैं जो हमें वायरल बुखार से बचा सकते हैं।

शोध बताते हैं कि नियमित रूप से लंबे समय तक व्यायाम करते रहने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है जो बीमार बनाने वाले बैक्टीरिया और वायरस को हराकर हमें स्वस्थ रखने में मदद करता है। व्यायाम शुरू करने के कुछ दिनों बाद तक शरीर में इस क्षमता का पूरी तरह से विकास नहीं हो पाता, लेकिन धीरे-धीरे यह शरीर को अंदर से मजबूत बना देता है। परिणामस्वरूप बीमारियां आसानी से आप पर हावी नहीं हो पातीं। शोध बताते हैं कि लगातार व्यायाम करते रहने वाले लोगों में कभी व्यायाम न करने या कभी-कभार व्यायाम करने वालों के मुकाबले 40 प्रतिशत तक रोग से लड़ने की क्षमता अधिक होती है।

फिजियोथेरेपिस्ट पूनम मिश्रा के अनुसार शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आप नियमित रूप से कम से कम 45 मिनट तक सुबह-सवेरे दौड़ना यानी जॉगिंग करना, तेज-तेज चलना या ट्रेडमिल पर चलना, साइक्लिंग करना, स्वीमिंग, रस्सी कूदना, नौका चलाना, ऊंची चढ़ाई चढ़ना, टेनिस या बैडमिंटन खेलना जैसे व्यायाम शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास करते हैं। इसके अलावा मांसपेशियों और जोड़ों को फिट रखने के लिए स्ट्रेचिंग यानी खींचने व लचीलापन बढ़ाए रखने वाले व्यायाम करना भी फायदेमंद रहेगा। इसके अलावा वजन कम करने से संबंधित कुछ व्यायाम भी कर सकते हैं। इस तरह आप इस बदलते मौसम में भी स्वस्थ रह सकते हैं।
(सुषमा कुमारी,हिंदुस्तान,दिल्ली,22.2.11)

2 टिप्‍पणियां:

  1. जाग्रति प्रेरक आलेख!!

    राधारमण जी आभार इस प्रस्तुति के लिये!!

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