मंगलवार, 25 जनवरी 2011

सावधानी से चुनें अपना साबुन

शरीर की रोज-रोज की साफ-सफाई में सबसे महत्वपूर्ण होता है साबुन। सभी स्वच्छ रहना चाहते हैं। यह एहसास प्राकृतिक है। लोग हमेशा इस असमंजस में रहते हैं कि उन्हें कौन सा साबुन इस्तेमाल करना चाहिए। पुराने जमाने में जब साबुन नहीं थे तब जड़ी-बूटियाँ और बेसन आदि का इस्तेमाल किया जाता था। टेक्नोलॉजी की मेहरबानी से आज हमारे पास आला दर्जे के स्किन क्लीन्जर्स और सोप्स हैं। इनमें सोप, क्लिन्जर्स, फोम्स, जेल, स्प्रे, पावडर आदि शामिल हैं।

क्या आपने कभी इस तथ्य पर गौर किया है कि त्वचा पर हर दिन अरबों जीवाणुओं का हमला होता है। चूँकि ये इतने छोटे होते हैं कि दिखाई नहीं देते इसलिए इस ओर ध्यान भी नहीं जाता। इस पर इजाफा करते हुए प्रदूषण, धूल, मेकअप, कॉस्मेटिक्स, क्रीम्स आदि भी चेहरे की त्वचा को ठीक से "साँस" नहीं लेने देते। हमारी त्वचा लगातार तैलीय पदार्थ के साथ शरीर के विषैले पदार्थ बाहर निकालती रहती है। इस सब से छुटकारा पाने के लिए हमें अच्छे साबुन की जरूरत होती है ताकि त्वचा को साँस मिलती रहे।

साफ-सफाई त्वचा की देखभाल करने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका है। आदर्श स्थिति यह है कि शरीर की त्वचा की दिन में कम से कम तीन बार साफ- सफाई होना चाहिए। इतनी अधिक बार साफ-सफाई करने से त्वचा का तेल बाहर निकल जाता है इसलिए साबुन या क्लीन्जर ऐसा होना चाहिए जो धूल मैल को तो हटाए मगर नमी बरकरार रहने दें।

सोप, क्लीन्जर्स और स्क्रब में क्या फर्क है? क्या फेस सोप और बॉडी सोप्स के बीच कोई फर्क होता है। इसका उत्तर है हाँ। तकनीकी तौर पर फर्क होता है। सोप यानी साबुन क्लिन्जर्स और स्क्रब के फार्मूले जुदा होते हैं। मुख्य बड़ा फर्क यह है कि साबुन वनस्पतिक स्रोत से आता है जबकि क्लिन्जर्स सिंथेटिक होते हैं। जिन जगहों पर हार्ड वॉटर होता है वहाँ अधिक कारबोनेट होने की वजह से त्वचा में खुजली होती है। स्क्रब में आमतौर पर रगड़ पैदा करने के लिए एब्रेसिव एजेन्ट डाला जाता है। इसे रोज इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती। चेहरे और शरीर पर लगाने के लिए अलग-अलग साबुन होते हैं। चेहरे पर इस्तेमाल के लिए तैयार किए गए साबुन में कम रसायन होते हैं। यहां तक कि शरीर पर लगाने वाले लिक्विड क्लिंजर्स भी चेहरे पर इस्तेमाल किए जाने वाले क्लिंजर्स से अलग होते हैं।

कैसे धोएं चेहरा
साबुन का इस्तेमाल कैसे करें,इन प्रश्नों के उत्तर भी कई लोग नहीं जानते। किसी भी क्लीन्जर या साबुन का इस्तेमाल करने से पहले इसे हथेलियो में रगड़कर झाग पैदा करना चाहिए। झाग की हल्के से चेहरे पर मालिश करनी चाहिए। खूब सारे पानी से धो लेना चाहिए। इसके बाद थपथपाकर चेहरा सुखा लेना चाहिए। तौलिए से रगड़ने की कोशिश न करें क्यों कि इससे त्वचा में मौजूद नमी भी निकल जाएगी और चेहरा शुष्क हो जाएगा। इन दिनों बने-बनाए फोम भी प्रेशर कैन में मिलते हैं।
जानिए अपनी त्वचा की प्रकृति
स्टोर्स में इतनी तरह के साबुन और क्लिन्जर्स मिलते हैं कि सही उत्पाद का चुनाव करना मुश्किल हो जाता है। अतः अपनी त्वचा की प्रकृति के मुताबिक साबुन अथवा क्लिन्जर्स का चयन करें।

यदि आपकी त्वचा बहुत पतली और संवेदनशील है और इसके साथ आपको थॉयरॉयड की तरह हार्मोनल प्रॉबलम्स भी हैं तो आपको साबुन का इस्तेमाल बंद करना चाहिए। हल्की क्लिन्जिंग क्रीम का इस्तेमाल करना चाहिए।

यदि आपकी त्वचा ऑइली है और एक्ने वगैरह जल्दी हो जाते हैं, उस स्थिति में आपको एंटिबैक्टेरियल फेस वॉश का इस्तेमाल करना चाहिए।

एंटिबैक्टेरियल साबुन का इस्तेमाल चेहरे पर नहीं करना चाहिए। इसका प्रयोग केवल शरीर पर ही होना चाहिए। खासतौर पर उन परिस्थितियों में जब आपको बहुत पसीना आता हो या बाहर घूमने का काम अधिक हो।

किसी भी तरह के साबुन व क्लिन्जर्स का अधिक उपयोग त्वचा के लिए घातक हो सकता है। इससे बचना चाहिए। (डॉ. अप्रतिम गोयल,सेहत,नई दुनिया,जनवरी प्रथमांक 2011)

2 टिप्‍पणियां:

  1. nice..
    Happy Republic Day..गणतंत्र िदवस की हार्दिक बधाई..

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  2. पर साबुन की धांधलियों पर तो रोक लगा ही रहे हैं आप। किसी एक अच्‍छे से साफ सुथरी छवि वाले साबुन का नाम पता जानकारी तो दे ही दीजिए। हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग कार्यशाला के चित्र
    मीडियोकर्मियों को संबोधित करते हुए हिन्‍दी ब्‍लॉगिग कार्यशाला में अविनाश वाचस्‍पति ने जो कहा

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