बुधवार, 19 जनवरी 2011

भारत में पहली बारःलकवाग्रस्त पशु का स्टेम सेल से सफल इलाज़

भारतीय पशु चिकित्सा संस्थान के वैज्ञानिकों ने स्टेम सेल थेरेपी से लकवाग्रस्त पशुओं का इलाज संभव कर दिखाया है। भारत में पशु चिकित्सा क्षेत्र में अपने तरीके का यह पहला अनुसंधान है। इस अनुसंधान को पशुओं के इलाज की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साढ़े तीन साल के एक कुत्ते की रीढ़ गंभीर रूप से चोटिल होने से उसके पीछे के दोनों पांव लकवाग्रस्त हो गये थे। स्टेम सेल को पुनर्जीवित कर उसका उपचार किया गया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) से संबद्ध पशु चिकित्सा संस्थान के शल्य विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर तरु शर्मा और डॉक्टर अमर पाल इस अनुसंधान परियोजना पर काम कर रहे हैं। परियोजना को आईसीएआर व बायोटेक्नोलॉजी विभाग से वित्तीय मदद दी जा रही है। संस्थान के प्रबंधक डॉक्टर एमसी शर्मा ने बताया कि डेढ़ महीने के भीतर ही कुत्ता अपना भार पीछे के पांवों पर डालकर चलने लगा। जबकि इसी परियोजना के तहत दूसरा प्रयोग भी एक अन्य कुत्ते पर हो रहा था, जो पिछले साल भर से अधिक समय से कुल्हे की हड्डी टूटने से अधमरा सा हो गया था। इस पालतू कुत्ते के मालिक की सहमति से उस पर भी स्टेम सेल प्रौद्योगिकी का प्रयोग किया गया। लगातार 11 महीने के इलाज के बाद उसमें पर्याप्त सुधार देखा गया। अब वह चलने-फिरने लायक हो गया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक केएमएल पाठक ने बताया कि पशु चिकित्सा के क्षेत्र में कई महत्त्‍‌वपूर्ण परियोजनाएं चल रही हैं, जिनमें स्टेम सेल प्रौद्योगिकी से उपचार प्रमुख है। पशु चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में यह मील का पत्थर साबित होगा(सुरेन्द्र प्रसाद सिंह,दैनिक जागरण,राष्ट्रीय संस्करण,19.1.11)।

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