गुरुवार, 2 दिसंबर 2010

सुंदर और चमकीले दांतों के लिए

चमकते खूबसूरत दांत केवल चेहरे की खूबसूरती ही नहीं बढ़ाते, बल्कि इन पर टिका होता है हमारी पूरी बॉडी की सेहत का जिम्मा। तुम से कभी न कभी किसी ने जरूर कहा होगा कि ठीक से चबाओ, नहीं तो यह काम आंतों को करना होगा। वास्तव में यह बात बिल्कुल ठीक है। दांत ठीक से काम न करें तो खाना ठीक से नहीं पचता। पर दूसरी ओर यह भी सही है कि खाना ठीक न हो तो दांत स्वस्थ नहीं रहते। खासतौर से तुम बच्चों की खान-पान की खराब आदतों का तो दांतों से एक खास रिश्ता है। बच्चों की मीठा अधिक खाने की आदतों के चलते दांतों में कैरीज अर्थात कीड़ा लग जाता है और दांत खराब होकर गिर जाते हैं।

अपोलो अस्पताल, बैंगलोर के पूर्व डेंटल सलाहकार और एमडीएस डेंटिस्ट डॉ. स्वप्निल सिंह के अनुसार, कैरीज को आम भाषा में दांत में कीड़ा लगना कहते हैं। यह वास्तव में कीड़ा नहीं होता, बल्कि दांतों के मैल को काफी समय तक साफ न करने के कारण बैक्टीरिया उत्पन्न होकर दांतों में सड़न पैदा करते हैं। यह सड़न दांतों की नसों तक पहुंच कर दांतों को खोखला कर दर्द पैदा करती है। दरअसल कैरीज ज्यादातर मीठा अधिक खाने और दांतों की सफाई ठीक प्रकार से नहीं करने के कारण होती है। यह अधिकतर चिपचिपा पदार्थ खाने से भी होती है, जिनमें बर्गर, पित्जा, चॉकलेट, टॉफी आदि शामिल हैं। खाने वाले पदार्थों की तुलना में मीठे पेय पदार्थ इतने नुकसानदेय नहीं होते, क्योंकि ये दांतों से चिपके बगैर सीधे पेट में चले जाते है। अधिक मात्र में कोल्ड ड्रिंक्स के सेवन से भी दांतों का रंग पीला पड़ जाता है और वे अपनी स्वाभाविक चमक खो बैठते हैं।

डॉ. सिंह का सुझाव है कि बच्चों को मैदे से बने फास्ट फूड और मीठी चीजों से परहेज या उनका सेवन कम मात्र में ही करना चाहिए, क्योंकि मैदे से बनी चीजें पेट के लिए भी लाभप्रद नहीं मानी जातीं। गन्ना दांतों के लिए नेचुरल बूस्टर माना जाता है। इसे साबुत खाने से दांतों की कसरत के साथ-साथ पाचन क्रिया को भी दुरुस्त रखने में मदद मिलती है। रॉ फूड खाने से मसूड़ों की मसाज व दांतों की सफाई होती है और उन्हें न्यूट्रीशियन भी मिलता है। इनमें गाजर, चुकंदर, खीरा, मूली, संतरा, मौसमी, सेब, नाशपाती व तरबूज जैसे फल हैं। खाने के बाद फल खाने से दांतों में छिपी गंदगी हट जाती है। मेवे कैल्शियम, मैग्नेशियम और फॉस्फोरस से युक्त होते हैं, इसलिए दांतों के लिए फायदेमंद होते हैं। खास तौर पर काजू, बादाम, मूंगफली और अखरोट। फल, वेजिटेबल्स और साबुत अनाज के साथ सीरियल्स खाना फायदेमंद होता है, साथ ही कैल्शियम रिच फूड, जैसे दही, दूध और चीज भी अच्छे रहते हैं।

दांत की सफाई और पाचन क्रिया का गहरा संबंध है। जिनके दांत साफ नहीं होते, उन बच्चों को कब्ज की शिकायत बनी रहती है, इसलिए दिन में दो बार सुबह और सोते समय ब्रश करना चाहिए और सोने से पहले मीठा खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे सांस में बदबू पैदा होती है। हर छह माह के अंतराल पर अपने दंत चिकित्सक से अवश्य मिलना चाहिए।

टिप्स
*पानी खूब पीएं।
*हर फूड ग्रुप से चुन कर पांच हैल्दी चीजें प्रतिदिन खाएं।
*दिन में दो बार ब्रश करें। सुबह उठ कर व सोने से पहले।
*ऐसे खाने-पीने की चीजों से परहेज करें, जिनमें मीठा ज्यादा हो।
*दो खानों के बीच दो से तीन घंटे का गैप रखें।
*डेंटिस्ट के पास नियमित विजिट करें।
*किसी कठोर चीज को दांतों से न चबाएं। कोल्ड ड्रिंक की बोतल का ढक्कन दांतों से खोलने जैसी गलती न करें।
*नॉनवेज खाने वालों को अपने दांतों की सफाई का खास ध्यान रखना होगा, क्योंकि यदि रात को उसके रेशे दांतों में फंसे रह गए तो बैक्टीरिया पैदा हो जाएंगे।
*ज्यादा चाय या कॉफी पीने से भी दांतों को नुकसान पहुंचता है(अनिल कुमार,हिंदुस्तान,दिल्ली,1.12.2010)।

5 टिप्‍पणियां:

एक से अधिक ब्लॉगों के स्वामी कृपया अपनी नई पोस्ट का लिंक छोड़ें।