शुक्रवार, 5 नवंबर 2010

काजल नहीं धुआं है ये

क्या कभी हमने इस बात पर गौर किया है कि हम बच्चों की आंखों में जो काजल डाल रहे हैं, वह काजल बच्चों की आंखों के लिए सुखदायी है या दुखदायी ? अपने पारंपरिक रिवाज के तहत दिवाली के अगले दिन कई घरों में सुबह-सुबह बच्चे हों या बड़े सभी आंखों में ढेर सारा काजल भर लेते हैं । लेकिन आज की परिस्थितियों के हिसाब से यह किसी मायने में हितकारी नहीं है। सबकी आंखों पर यह काजल बुरा प्रभाव डाल रहा है । यह आंखों की रोशनी बढ़ाने की बजाय उनकी रोशनी को ही खत्म करने का काम कर रहा है।
पुरानी चली आ रही परंपरा के अनुसार दिवाली पूजन के बाद काजल बनाया जाता है । रात भर जलते दीपक के ऊपर एक मिट्टी का दीपक रख दिया जाता है । फलतः रात भर उस दीए की लौ से निकला धुंआ ऊपर रखे दीए में जम जाता है, जिसे हम ताजा काजल का नाम देकर आंखों में लगाते हैं । अब इस काजल बनाने और लगाने के पीछे क्या उद्देश्य रहा होगा, अच्छी तरह पता नहीं है। मगर कुछ लोगों का कहना है कि इस बारे में उन्होंने जो सुना है उसके अनुसार इस दिन यह काजल न लगाने से अगले जन्म में चूहा बनना पड़ता है । यही वजह है कि कुछ भ्रांतियों की चपेट में आकर इस पुरानी परंपरा को गले लगाए हुए हैं । मगए वे इस बात से अनभिज्ञ हैं कि यह काजल आंखों को बहुत नुकसान पहुंचाता है । गुरुनानक आई इंस्टीट्यूट की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. ऊषा यादव ने बताया कि यह काजल किसी मायने में शुद्धता की कसौटी पर खरा नहीं उतरता । समझ में नहीं आता कि तेल की जलती बाती से निकलता धुंआ काजल कैसे हो गया ? माता-पिता को यह जान लेना चाहिए कि वह काजल के नाम पर धूल-धुंआ बच्चों की आंखों में डालकर उन्हें अंधा बनाने या आंखों के रोग से पीड़ित बना रहे हैं । डॉ. यादव ने बताया कि दिवाली के बाद हमारे पास नेत्र रोग से त्रस्त से बच्चों और बड़ों आते हैं जिनकी आंखें उस धुंआ रूपी काजल की शिकार हो गई होती हैं जिसका किसी को अंदाजा भी नहीं होता। उन्होंने जोर देकर कहा कि दिवाली के अवसर पर बच्चों को अकेले पटाखे नहीं छोड़ने देने चाहिए । माता-पिता में से किसी एक को अवश्य ही बच्चे के साथ रहना चाहिए । बच्चों को तेज रोशनी वाले पटाखों से भी दूर रखना चाहिए क्योंकि पटाखों की तेज रोशनी भी आंखों पर बुरा असर डालती है । बच्चे हों या बड़े सभी को पटाखे चलाते वक्त सूती कपड़े ही पहनने चाहिए (शशि सिंघल,मेट्रो रंग,नई दुनिया,दिल्ली,4.11.2010)

2 टिप्‍पणियां:

  1. अच्छी जानकारी. आभार.

    इस ज्योति पर्व का उजास
    जगमगाता रहे आप में जीवन भर
    दीपमालिका की अनगिन पांती
    आलोकित करे पथ आपका पल पल
    मंगलमय कल्याणकारी हो आगामी वर्ष
    सुख समृद्धि शांति उल्लास की
    आशीष वृष्टि करे आप पर, आपके प्रियजनों पर

    आपको सपरिवार दीपावली की बहुत बहुत शुभकामनाएं.
    सादर
    डोरोथी.

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  2. अच्छी पोस्ट है। चित्र भी।

    चिरागों से चिरागों में रोशनी भर दो,
    हरेक के जीवन में हंसी-ख़ुशी भर दो।
    अबके दीवाली पर हो रौशन जहां सारा
    प्रेम-सद्भाव से सबकी ज़िन्दगी भर दो॥
    दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!
    सादर,
    मनोज कुमार

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