रविवार, 28 नवंबर 2010

शादियों के इस मौसम में मधुमेहरोगियों के लिए आहार

अक्सर शादियों के मौसम में डायबीटीज वाले लोगों के सामने यह समस्या आ जाती है कि क्या खाएं और क्या नहीं। सामान्य दिनों में भी उनके सामने अक्सर यही सवाल रहता है। डॉ. रीतिका समाधार के अनुसार,इस बारे में कुछ सुझाव हैं, जिन्हें अपनाकर खाने-पीने का भरपूर मजा ले सकते हैं। आप अपनी डिश ऐसी रख सकते हैं:

- किशमिश के साथ सेंका हुआ सेब
- लो फैट दूध और स्वीटनर से बना गाजर का हलवा
- लो फैट दूध व स्वीटनर के साथ कैरेमल कस्टर्ड
- साबुत गेहूं के आटे और कम घी से बनी पूरन पोली
- जई और पोहा चिड़वा
- लो फैट दही के साथ फल मिश्रित श्रीखंड

आहार में इन्हें जरूर शामिल करें
आहार में कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ होते हैं, जिन्हें अवश्य शामिल करना चाहिए। जैसे:
ओट्स: ओट्स या ओट्स मील में एक विशेष प्रकार का फाइबर पाया जाता है, जिसे वीटा ग्लूकोज कहते हैं। यह घुलने वाला फाइबर होता है और शरीर को बुरे कोलेस्ट्रोल एलडीएल से लड़ने में मदद करता है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि यह केवल खराब कोलेस्ट्रोल को ही कम करता है और अच्छा कोलेस्ट्रोल एचडीएल शरीर में बरकरार रहता है, जिससे शरीर में कोलेस्ट्रोल और एचडीएल के बीच बेहतर रेश्यो बना रहता है।

सोयाबीन: सोयाबीन शरीर को हाइपर कोलेस्ट्रोमिया से बचाता है और शरीर में बुरे कोलेस्ट्रोल एलडीएल को घटाता है।

हरी चाय: कई शोधों से यह सिद्ध हुआ है कि काली या हरी चाय पीने से शरीर में कोलेस्ट्रोल का जमाव, रक्तचाप आदि नियंत्रित होते हैं। चाय में फोलिक एसिड होता है, जो इंसान को हृदय रोग और कैंसर से बचाता है।

जौ: जौ में स्वास्थ्यवर्धक प्रभाव पाए जाते हैं। जौ शरीर में से 15 प्रतिशत तक बुरे कोलेस्ट्रोल को निकाल सकता है। जौ में भी बीटा ग्लूकोज पाया जाता है, जो कि घुलने वाला फाइबर है।

ईसबगोल: ईसबगोल भी बेहद फायदेमंद होता है। यह भी शरीर का कोलेस्ट्रोल कम करता है। पेट ठीक रखने में भी मददगार होता है(प्रस्तुति: राजेंद्र कुमार राय,नवभारत टाइम्स,दिल्ली,26.11.2010)

1 टिप्पणी:

  1. ऐसे लोगों को शादी में या समारोहों में जाने में बहुत परेशानी होती
    है |क्या खाएं क्या न खाएं |आपने बहुत अच्छी जानकारी दी है
    आशा

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