शनिवार, 30 अक्तूबर 2010

फरीदाबादःनिजी अस्पताल में भी गरीबों का फ्री इलाज

अब प्राइवेट अस्पतालों में भी गरीब परिवारों का फ्री इलाज होगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) के तहत 28 हजार स्मार्ट कार्ड परिवार इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इस योजना के तहत फरीदाबाद के 25 सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों के साथ टाईअप किया गया है। इनमें से किसी भी अस्पताल में स्मार्ट कार्ड धारक अपना और परिवार के चार सदस्यों का इलाज करा सकेंगे। चयनित अस्पतालों में 30 हजार रुपए तक का इलाज निशुल्क होगा। क्या है लक्ष्यः आरएसबीआई का लक्ष्य गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों को हेल्थ इंश्योरेंस करना है। इसके तहत बीपीएल परिवार को स्मार्ट कार्ड दिए जा रहे हैं। इस कार्ड से एक परिवार के पांच सदस्य अपना इलाज निशुल्क किसी भी सरकारी और गैर सरकारी अस्पताल में करा सकते हैं। एक कार्ड पर परिवार 30 हजार रुपए तक का इलाज एक साल में करा सकता है। पिछले साल इस योजना के तहत सिर्फ ५५ फीसदी ही लोगों को यह सुविधा मिल पाई थी। इस बार यह टारगेट 75 प्रतिशत का है। अभी तक 28 हजार परिवार लाभान्वितः सरकारी आंकड़ों के अनुसार जिले में 56858 बीपीएल कार्डधारक हैं। इनमें से फरीदाबाद रूरल में 6749 और बल्लभगढ़ में 4660 बीपीएल परिवार हैं। जबकि अर्बन क्षेत्र में 45449 परिवार गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले हैं। अभी तक स्कीम के तहत 28 हजार परिवार लाभान्वित हुए हैं। इन्हें स्मार्ट कार्ड दिया जा चुका है। आंकड़ों की तुलना में अभी यह लक्ष्य काफी कम है। आज हो रही है मीटिंगः स्कीम के तहत जिले के 25 सरकारी व गैर सरकारी अस्पतालों के साथ टाईअप हुआ है। यहां से कार्डधारक किसी भी अस्पताल में जाकर अपना इलाज करा सकता है। अभी इन अस्पतालों की सूची जारी नहीं की गई। आज इन अस्पतालों के प्रमुख अधिकारी व स्कीम के नोडल अधिकारी के बीच मीटिंग हो रही है। इसमें इन अस्पतालों को स्कीम के बारे में जानकारी दी जाएगी। उन्हें बताया जाएगा कि स्मार्ट कार्ड का कैसे और किस तरह प्रयोग किया जाएगा। क्या कहते हैं अधिकारीः आरबीएसवाई के नोडल अधिकारी डॉ. रवि विमल के अनुसार लक्ष्य अधिक से अधिक बीपीएल परिवारों को सुविधा का लाभ देना है। इसमें पार्षदों के सहयोग से काफी हद तक कामयाब भी हुए हैं। अभी तक 28 हजार परिवारों के स्मार्ट कार्ड बनाए गए हैं। उन्होंने कहा वार्ड वाइज कार्ड बनाने का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन सरकारी आंकड़ों की तुलना अभी काफी परिवार इस सुविधा से महरूम हैं। ऐसे परिवारों के लिए फिर से टीमों को स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए भेजा जा रहा है(दैनिक भास्कर,फरीदाबाद,29.10.2010)।

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