शनिवार, 16 अक्तूबर 2010

कई दवाइयां हुईं सस्ती

देश में दवाओं की कीमतों पर नजर रखने वाले नियामक ने सिप्ला, सन फार्मा और यूनिकेम जैसी अग्रणी दवा कंपनियों की 8 दवाओं की कीमते 85 फीसदी तक घटा दी हैं। पिछले कुछ सालों में यह कीमतों में सबसे बड़ी कटौती है। नैशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (एनपीपीए) ने कुछ दिनों पहले इन 8 दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमत में कटौती की थी। इससे पहले एनपीपीए ने एक बाजार सर्वेक्षण किया था, जिसमें पता चला कि कंपनियां इन दवाओं को जिस दाम पर बेच रही हैं, वह इनकी मैन्युफैक्चरिंग और बिक्री की लागत से बहुत अधिक है। एनपीपीए उन दवाओं की कीमत की सीमा तय करता है, जिनमें मूल्य नियंत्रण के दायरे में आने वाले 74 रसायनों में से किसी एक का उपयोग किया गया हो। इन 8 दवाओं में से 7 की कीमत एनपीपीए ने पहली बार तय की है। सिप्ला की कॉम्बिनेशन एंटीबायोटिक सिप्लॉक्स टीजेड की 10 टैबलेट का दाम 74 फीसदी घटाकर 100.73 रुपए से 25.30 रुपए कर दिया गया है। ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए के विश्लेषक हेमंत बाखरू ने कहा कि सिप्लॉक्स टीजेड के दाम में इस कमी से सिप्ला के ऑपरेटिंग प्रॉफिट को तगड़ा झटका लगेगा और उसकी प्रति शेयर आमदनी एक फीसदी घट जाएगी। उन्होंने कहा, 'इस वित्त वर्ष के अंत से असर महसूस होगा।' दवा उद्योग के अनुमान के मुताबिक, सिप्ला के लिए सिप्लॉक्स टीजेड और इसका मूल ब्रांड सिप्लॉक्स करीब 100 करोड़ रुपए का इंतजाम करते हैं। हालांकि, सिप्ला के ज्यादा बिक्री वाले ब्रैंडों में शामिल सिप्लॉक्स की इस 100 करोड़ रुपए में हिस्सेदारी आधे से अधिक है। जलने से हुए घाव पर लगाए जाने वाले रेक्सिन फार्मास्युटिकल्स के मलहम सिल्वरेक्स एवी की 20 ग्राम की ट्यूब का दाम करीब 85 फीसदी घटाकर 25 रुपए कर दिया गया है। ब्लड प्रेशर के लिए सन फार्मा की दवा स्पाइरोनोलैक्टोन का दाम (10 टैबलेट) 50 फीसदी घटाकर 21 रुपए और इसी बीमारी में उपयोग की जाने वाली यूनिकेम की दवा टॉसेर्माइड की कीमत (10 टैबलेट) भी 50 फीसदी घटाकर 24 रुपए कर दी गई है। हालांकि सन फार्मा की प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी पर इसका कोई असर नहीं होगा क्योंकि इससे काफी कम आमदनी होती है। एनपीपीए ने कॉस्मो लाइफ साइंसेज के विटामिन कैप्सूल लाइकोबाल फोर्ट के 10 कैप्सूल का दाम 88.7 फीसदी घटाकर 8.90 रुपए (कर रहित) कर दिया है। जेबी रेमेडीज की नॉर-टीजेड टैबलेट और ओकासा फार्मा की बर्न हील क्रीम का दाम भी घटाया गया है। जिन दवाओं के दाम घटाए गए हैं, उनमें से अधिकतर एक से अधिक मॉलिक्यूल का मिश्रण (कॉम्बिनेशन ड्रग) हैं। भारतीय कानूनों के मुताबिक, मूल्य नियंत्रण के तहत आने वाले किसी रसायन से लैस कॉम्बिनेशन ड्रग का दाम एनपीपीए की ओर से तय सीमा के दायरे में स्वत: रखा जाना चाहिए। हालांकि कंपनियां ऐसे कॉम्बिनेशन ब्रैंड को अधिक कीमत पर पेश करती रही हैं। सोमवार को जारी एनपीपीए की एक अधिसूचना के तहत कीमतों में बदलाव किया गया है। कंपनियों को अधिसूचना जारी होने के 15 दिनों में दाम बदलने होंगे और अगर ऐसा नहीं किया गया तो उन्हें दंडित किया जाएगा(खोंबा सिंह,नवभारत टाइम्स,दिल्ली,15.10.2010)।

1 टिप्पणी:

  1. बहुत अच्छी प्रस्तुति।
    सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते।
    भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोsस्तु ते॥
    महानवमी के पावन अवसर पर आपको और आपके परिवार के सभी सदस्यों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई!

    चिठियाना-टिपियाना संवाद

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