मंगलवार, 7 सितंबर 2010

आपको ऐसी कोई समस्या तो नहीं?

मेरे बच्चे की उम्र 10 है। उसे सांस की बीमारी है। कभी-कभी सांस का अटैक पड़ता है जिससे बहुत अधिक परेशान हो जाता है। इसके चलते बहुत आंखे लाल हो जाती हैं। डॉक्टर के परामर्श पर इन्हेलर चलता है लेकिन वह नियमित नहीं चल पाता है। - मंजू गुप्ता, गोमती नगर, लखनऊ डॉक्टर की सलाह पर अगर इन्हेलर चल रहा है तो उसे नियमित रूप से दें। इसमें जरा सी कोताही बच्चे की तकलीफ को बढ़ा सकती है। इसके अलावा इसमें कई जांचे होती है जिनको आप डॉक्टर के परामर्श पर बच्चे को दें। मौसम बदलने के साथ खासकर बारिश के दिनों में जिन्हें सांस की किसी प्रकार की परेशानी है वह जांच अवश्य करायें। अस्थमा के रोगियों को काफी संभलकर रहना चाहिए। मुझे काफी समय से सांस फूलने की परेशानी है। सर्दी-जुकाम भी बना रहता है और नाक बहती है। इन्हेलर लेता हूं पर नियमित नहीं। स्प्रे भी लेता हूं लेकिन परेशानी बनी रहती है। - बजरंगी लाल गुप्ता, सिद्धार्थ नगर मौसम बदलने के साथ सांस के मरीजों को काफी दिक्कते होने लगती हैं। सांस के मरीज को हमेशा सर्दी-जुकाम को ठीक रखना चाहिए। स्वयं कोई उपचार न करें। इन्हेलर और स्प्रे बराबर लेते रहें। मेरी उम्र 20 है। हमेशा बलगम आने की समस्या बनी रहती है। सांस भी फूलती है और गला भी खराब रहता है। जिस वक्त सांस फूलती है तभी सीने में दर्द भी होने लगता है। क्या करें। - अजय कुमार सिंह, गोण्डा आप जिस प्रकार से परेशानी बता रहे है उससे लग रहा है आपको एलर्जी की शिकायत है। इसके लिए आप डॉक्टर की सलाह पर पीएफटी (पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट) करायें। साथ ही सीने और कुछ अन्य जांचे भी करानी होंगी। इसके अलावा बचाव में आप धूल, धुएं से खासकर बचें। गर्मियों में लाल चकत्ते पड़ जाते हैं जिसमें काफी खुजली होती है। - कमरुद्दीन अंसारी, सीतापुर आपको त्वचा की एलर्जी है। इसके लिए आप किसी चर्म रोग विशेषज्ञ से सम्पर्क करें । खांसी और अस्थमा की कई वर्षो से शिकायत है। चलते समय भी सांस फूलने लगती है और सीने में दर्द होने लगता है। पंखा तक बर्दाश्त नहीं होता है। डॉक्टर के परामर्श पर पूरी दवा ले रहा हूं। अक्सर इन्हेलर और भाप भी लेता हूं। इसके बाद कुछ देर आराम होता है फिर स्थिति पहले जैसी हो जाती है। - बलबीर सिंह कोहली, चन्दरनगर, लखनऊ मौसम बदलते ही सांस के मरीजों को दिक्कतें बढ़ने लगती हैं। इसके लिए उन्हें बारिश, नमी, सीलन, सेमल की रूई, धूल और धुएं से खासकर बचना चाहिए। अगर किसी चीज से एलर्जी है तो उससे भी दूर रहना चाहिए। इसके अलावा बारिश के दिनों में सांस के रोगियों को जांच अवश्य करानी चाहिए। नियमित इन्हेलर लेते रहें। कभी-कभी सांस फूलने लगती है। खासकर यह उस समय होता है जब अगरबत्ती की खुशबू आती है। यह परेशानी दो-तीन महीनों से हो रही है। डॉक्टर को दिखाया लेकिन फायदा नहीं हुआ। - नदीम, हजरतगंज, लखनऊ कुछ लोगों को तेज खुशबू से एलर्जी होती है। इसके लिए आप डॉक्टर के परामर्श पर कुछ जांच करायें। उसके बाद ही पता चल सकता है आपको किन-किन चीजों से एलर्जी है और उसी के बाद कोई उपचार करना ठीक होगा। बारिश के दिनों और सर्दी में सांस की तकलीफ हो जाती है। इस वक्त चलने में भी सांस फूलने लगती है। - सुधा सिंह, मोहम्मदी, सीतापुर सांस के रोगियों को बारिश के दिनों में इस प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है। आपको एलर्जी की शिकायत है। इसके लिए डॉक्टर की सलाह पर कुछ जांचे करायें। घबराये नहीं आप की बीमारी पर नियंत्रण हो जाएगा। पांच-छह वर्षो से अस्थमा की शिकायत है। डॉक्टर के परामर्श पर दवा और इन्हेलर ले रही हूं लेकिन इन्हेलर नियमित रूप से नहीं लेती हूं जिस वक्त परेशानी होती है तभी इन्हेलर का प्रयोग करती हूं। -नीरा, विजय नगर, लखनऊ अस्थमा के रोगियों को लगातार इन्हेलर लेना चाहिए। इससे परेशानी नहीं होती है। इसके अलावा आप चिकित्सा विश्र्वविद्यालय में मंगलवार को ओपीडी में दिखाकर पीएफटी जांच करायें। सांस लेने में सीने में दर्द होता है और नाक में भी परेशानी रहती है। - सुरेश मौर्या, सआदतगंज, लखनऊ आपको नाक और सांस में एलर्जी की शिकायत है। इसके लिए आप किसी अच्छे डॉक्टर के पास जाकर इस परेशानी से सम्बन्धित सभी जांचे करवायें। एक साल से परफ्यूम, खुशबू, सीलन से बहुत अधिक परेशानी होती है। यहां तक कि हल्की सी खुशबू से भी परेशानी हो जाती है। गले में भी परेशानी है। - संदीप कुमार, ठाकुरगंज, लखनऊ आपको एलर्जी की शिकायत हो सकती है। इसके लिए आप नाक और गले की एलर्जी की जांच करायें। यह परेशानी कभी जड़ से खत्म नहीं होती है। लगातार उपचार ही इसका निदान है। इन दिनों स्वाइन फ्लू बहुत फैला है। व्यक्ति में किस प्रकार के लक्षणों से इस बीमारी को पहचाना जा सकता है। - अजय, डालीगंज, लखनऊ इस समय लगातार स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हैं जिससे काफी लोग डरे हुए हैं जबकि इससे डरने की आवश्यकता नहीं है। आवश्यकता है तो बस सही समय पर पहचानने की। सामान्यतया एच1एन1 फ्लू मौसमी फ्लू की तरह ही होता है। इसमें पुरानी बीमारी बिगड़ जाती हैं। साथ ही इसमें बुखार, छींके, खांसी, गले में तकलीफ, बलगम या फिर इसमें खून, कंपकपी, तेज बुखार, सिर दर्द, टूटन व शरीर में तेज दर्द खासकर पीठ, पैर और बांहों में, शरीर में थकान व कमजोरी लगना, खड़े होने व चलने फिरने में चक्कर आना, सांस लेने में तकलीफ, सांस लेने में आवाज, भूख न लगाना, दस्त व झटके आना इसके प्रमुख लक्षण हैं। इसके गम्भीर लक्षण में नाखून, होंठ, जीभ भी नीली पड़ना और निमोनिया भी हो जाता है। यदि किसी व्यक्ति में यह लक्षण हैं तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और फौरन डॉक्टर को दिखाना चाहिए। सही समय पर उपचार से स्वाइन फ्लू से बचा जा सकता है। इन दिनों स्वाइन फ्लू काफी फैला हुआ है। इससे बचने के क्या उपाय हैं। - भावना, इन्दिरा नगर, लखनऊ स्वाइन फ्लू के फैलने की सम्भावना नमी और सर्दी में अधिक हो जाती है। इसलिए ऐसे में मौसम में लोगों को खास ध्यान देना चाहिए। खासकर उस समय जब यह बीमारी फैली हुई हो। ऐसे समय व्यक्ति को बहुत सी सावधानियां रखनी चाहिए। इनमें मॉल या ऐसे स्थानों पर जाने से बचें, जहां बहुत अधिक भीड़ हो, अस्पताल में मुंह पर कपड़ा रखे, छींकते समय अपने नाक और मुंह को कपड़े से ढक कर रखे, हाथ बार-बार धोयें, अगर किसी स्वाइन फ्लू के मरीज से मिलने जा रहे हैं तो मॉस्क पहन कर ही जायें। बीमार व्यक्ति से काफी दूरी बनाये रखें। बच्चों और बूढ़े व्यक्तियों में प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उन्हें ऐसे स्थानों से दूर रखें, फ्लू से पीडि़त हों तो घर पर ही रहें, बिना हाथ धोयें मुंह के किसी हिस्से को न छुएं जैसी सावधानियां रखकर इस बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है। साइनुसाइटिस की परेशानी है। डॉक्टर के परामर्श पर दवा ले रहा हूं लेकिन बीच-बीच में बीमारी उखड़ आती है। नाक का एक्सरे कराया तो नेजेल पॉलिप निकला। क्या स्थायी निदान बतायें। - आनन्द उपाध्याय, राजाजीपुरम्, लखनऊ आप जो समस्या बता रहे है वह दवा से नियंत्रण में रहता है। अगर फिर भी दवा से न ठीक हो तो एक छोटे से आपरेशन के बाद यह समस्या बिल्कुल ठीक हो जाती है। आप चिकित्सा विश्र्वविद्यालय में आकर दिखायें। पांच महीने से नाक में परेशानी है। सर्दी-जुकाम भी बना रहता है और नाक लगातार बहती है। डॉक्टर को दिखाने पर उन्होंने नाक में एलर्जी बतायी। क्या उपचार करें? - बलजीत सिंह, लखीमपुर आपको एलर्जी की ही समस्या है। एलर्जी की समस्या में जांच के बाद ही कुछ बताया जा सकता है इसलिए डॉक्टर की सलाह पर जांच अवश्य कराये। किसी भी परेशानी को नजरअंदाज न करें। मेरी उम्र 62 है। सांस फूलने की समस्या से पीडि़त हूं। पैदल चलने पर और अधिक सांस फूलती है। इसके अलावा कोई भी मेहनत का काम करने पर सांस फूलने पर लगती है। एलर्जिक अटैक जैसा पड़ता है। सिटी-स्कैन से लेकर सभी जांचे करवा चुका हूं और डॉक्टर की सलाह पर दवा ले रहा हूं लेकिन पूरी तरह फायदा नहीं हो रहा है। बीड़ी-सिगरेट भी नहीं पीता हूं। - पंकज यादव, फैजाबाद बढ़ती उम्र के साथ लोगों में सांस सम्बन्धी दिक्कतें होने लगती हैं लेकिन आप जिस प्रकार से परेशानी बता रहे है उससे पता चल रहा है कि आपको बहुत अधिक परेशानी है। आपको एलर्जी और अस्थमा की अधिक समस्या है। इसके लिए आप पीएफटी (पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट) करायें। अधिक एंटीबॉयटिक दवा न लें। साथ ही आप जो दवा ले रहे हैं वह कहीं न कहीं गलत भी हो सकती है। इसीलिए फायदा नहीं हो रहा है। इसमें आपको एलर्जी के इलाज की आवश्यकता है। इसलिए किसी अच्छे डॉक्टर के पास जाकर एलर्जी का इलाज कराये। आपको शीघ्र लाभ होगा। सांस लेते समय सीने में दर्द होता है। गले में भी परेशानी होती है और पेट भी साफ नहीं रहता है। - पंकज, अलीगंज आप जिस तरह की परेशानी बता रहे हैं उससे लगता है आपको एलर्जी की शिकायत है। आप धूल और धुंए से हमेशा बचें। अगर कहीं ज्यादा जरूरी हो तो मुंह पर कपड़ा रख लें। इसके अलावा डॉक्टर के परामर्श पर कुछ जांचे करवायें या फिर चिकित्सा विश्र्वविद्यालय की ओपीडी में दिखायें। परेशान न हों आप की परेशानी ठीक हो जाएगी मेरी उम्र 21 है। सीने में जकड़न रहती है। सांस लेने में भी कठिनाई होती है और सूखी खांसी आती है। - जीत कुमार गुप्ता, फैजाबाद आप जो समस्या बता रहे हैं वह अस्थमा के लक्षण लग रहे हैं। इसके लिए डॉक्टर के परामर्श पर जांचे करवायें। उसके बाद नियमित उपचार चलेगा। आपकी परेशानी ठीक हो जाएगी। खाना बनाते समय स्टोप के धुएं से जुकाम हो जाता है और छींकें आने लगती हैं। नाक से पानी भी निकलता है। मैकेनिक का काम करता हूं। कुछ समस्या उससे भी होती है। - सरोज कुमार वर्मा, गोण्डा आपको नाक और गले में एलर्जी की शिकायत है। आप धूल और धुएं से बचें और किसी अच्छे चिकित्सक को दिखाकर कुछ जांचे करायें। इसके बाद नियमित दवा का सेवन करें। अगर अभी परेशानी को नजरअंदाज करेंगे तो यह समस्या और बढ़ सकती है। यहां तक कि आपको हमेशा धूल और धुएं से यह शिकायत बनी रहे। मेरी लड़की के कंधे पर सफेद धब्बे हैं जो सफेद दाग जैसा लगता है। क्या करें? - हरि प्रसाद शुक्ल, शुकुल बाजार, सुल्तानपुर आपकी बेटी को फंगल इन्फेक्शन हो सकता है। इसके लिए आप किसी चर्म रोग विशेषज्ञ के पास जायें।(दैनिक जागरण,लखनऊ,7.9.2010)

3 टिप्‍पणियां:

  1. एक साथ एक्के जगह पर एतना अच्छा उपचार या साबधानी सम्बंधी बात देखने को मिला. जो एक आदमी का समस्या था उसको यहाँ पाकर केतना अऊर लोग भी लाभांवित हो सकते हैं.
    एक सुझावः पूरा पोस्ट एक ही अनुच्छेद में लिखने के जगह पर अगर सवाल खतम होने के बाद अगिला लाइन से जवाब अऊर फिर अगिला लाइन से दोसरा सवाल लिखा गया होता तो थोड़ा सहज हो जाता.
    आसा है अन्यथा नहीं लेंगे!

    उत्तर देंहटाएं
  2. मान्यवर सलिल साहब,कुछ अन्य शुभचिंतकों ने भी इस ओर ध्यानाकर्षण किया है। मैं स्वयं दुखी हूं क्योंकि कोई टेम्पलेट पसंद नहीं आता और मैं अपने ब्लॉग का फॉर्मेट बदलना नहीं चाहता। देखता हूं क्या किया जा सकता है।

    उत्तर देंहटाएं
  3. स्वास्थ्य रक्षा के लिए आपके आलेख का बड़ा महत्व है.............

    बहुत काम की बातें बतायीं आपने

    आभार !

    उत्तर देंहटाएं

एक से अधिक ब्लॉगों के स्वामी कृपया अपनी नई पोस्ट का लिंक छोड़ें।