बुधवार, 1 सितंबर 2010

शादी की उम्र क्या हो

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष गिरिजा व्यास ने कहा है कि देश में शादी की उम्र और लड़के एवं लड़िकयों के निर्णय लेने की उम्र से जुड़े मुद्दों पर गौर करने जरूरत है क्योंकि परिवार की इच्छा के खिलाफ शादी करने वाली कुछ कम उम्र की लड़कियां आत्महत्या करने को मजबूर हो रही हैं या वह अन्य ज्यादतियों का सामना करती हैं। व्यास ने कल संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘‘राष्ट्रीय महिला आयोग ने लड़कियों की शादी की उम्र 18 साल से कम करने और लड़कों की शादी की उम्र 21 साल से कम करने का हमेशा ही पक्ष लिया है। लेकिन इसमें बहुत कमी करना बाल विवाह का मुद्दा बन सकता है क्योंकि एक किशोरी गर्भवती होने के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ नहीं हो सकती है।’’ उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर गौर करने की जरूरत है और हाल ही में प्रकाश में आए मामलों को हल करने के लिए चर्चा करने की जरूरत है। व्यास ने कहा कि आयोग के पास ऐसे 52 मामले आए हैं, जहां कम उम्र के लड़के और लड़कियों ने घर से भाग कर शादी की। कुछ मामलों में हमने पाया कि अपने माता पिता की इच्छा के खिलाफ शादी करने वाली कुछ लड़कियों को बाद में उनके संरक्षण में या नारी निकेतन में रखा गया। उन्होंने बताया कि इस तरह की कुछ लड़कियां अपने परिवार के लोगों द्वारा आत्महत्या करने को मजबूर कर दी गईं या वह अपने परिवार और समाज की प्रताड़ना से त्रस्त होकर यह कठोर कदम उठाने पर मजबूर हो गईं।

2 टिप्‍पणियां:

  1. इसका निर्णय तो उन कंधो पर छोड़ देना चाहिए जो शादी जैसे पाक रिश्ते का बोझ उठा सके .....
    http://thodamuskurakardekho.blogspot.com

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  2. मेरे विचार से ऐसे हालात में विवाह योग्य आयु के निर्धारण के लिए लड़कियों की निम्नतम आयु को घटा कर सौलह वर्ष और लड़कों की उम्र बीस वर्ष कर देनी चाहिए.

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