सोमवार, 27 सितंबर 2010

चीन की 'एक संतान' नीति के 30 वर्ष पूरे

चीन में शनिवार को, 'एक संतान नीति' की 30वीं वर्षगांठ मनाई गई। चीनी नागरिकों में इस नीति को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं हैं। कुछ का मत है कि यह नीति उस समय के लिए ठीक थी, जब जनसंख्या बहुत ज्यादा थी और नियंत्रण से बाहर हो गई थी, जबकि अन्य की सोच है कि एक बच्चे को बहुत-सी सामाजिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। देश की परिवार नियोजन नीति के तहत 30 वर्ष पहले नारा दिया गया था- 'कम बच्चे, उत्तम जीवन।' चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति ने 25 सितम्बर, 1980 को एक पत्र जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि जीवन स्तर में सुधार के लिए परिवार में केवल एक बच्चा होना चाहिए। पत्र में कहा गया कि अधिक बच्चे होने से धन और खाद्यान्न का खर्च बढ़ेगा तथा जीवन स्तर को सुधारने में अड़चन आएगी। साथ ही देश के आधुनिकीकरण के लिए 'संचित कोष' पर इसका प्रभाव पड़ेगा। इस नीति को हालांकि उन धार्मिक अल्पसंख्यकों एवं किसानों ने नहीं माना, जिनकी पहली संतान लड़की हुई। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में जिन दम्पतियों का केवल एक बच्चा हुआ, उन्होंने भी इस नीति का उल्लंघन किया। नान्जिंग विश्वविद्यालय के जनसंख्या अनुसंधान संस्थान के निदेशक झिया हैयोंग ने कहा कि नीति पर अमल होने के बाद लगभग 40 करोड़ बच्चों के जन्म को रोका जा सका। इससे देश के कुल घरेलू उत्पाद को बढ़ाने में मदद मिली। अधिकारियों का कहना है कि जनसंख्या कम होने से शिक्षा के बेहतर अवसर भी मिलते हैं(राजस्थान पत्रिका,26.9.2010)।

3 टिप्‍पणियां:

  1. जाने यहाँ कब लागु होगी यह योजना ।

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  2. भारत में भी ऐसे कानून की जरूरत है !!

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  3. भारत का क्या होगा। आधे निरक्षर, आधे धर्म के आगे अंधे, आधे लड़की के कोख में ही हत्या करने वाले....जाने कब आंख खूलेगी।

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