बुधवार, 4 अगस्त 2010

हार्ट पर मंडरा रहे अनजान खतरों की घंटी है मच्छर

देश में अचानक होने वाली हार्ट अटैक की घटनाओं में तेजी से हुई वृद्धि से हार्ट विशेषज्ञों को दिल पर अनजान खतरों के मंडराने की आशंका हो रही है। मुंबई में मलेरिया से आधे दर्जन से अधिक लोगों को हार्ट अटैक होने की घटना ने इस आशंका को गहरा दिया है। उन्होंने इन अनजान कारकों की पहचान की जरूरत पर बल दिया है। गुड़गांव स्थिति मेडांटा मेडिसिटी के प्रमुख एवं जाने माने हार्ट सर्जन डॉ. नरेश त्रेहान पहले तो मच्छरों के काटने से हार्ट अटैक होने की बात सुनकर हैरान रह गए। उन्होंने मंगलवार को "नईदुनिया" से कहा, "मच्छरों के काटने से हार्ट अटैक, कहां, कब !" मुंबई की घटना की जानकारी देने पर उन्होंने कहा कि कोई पहले से हार्ट का मरीज हो और उसकी दिल की नलियों में ब्लॉक हो तो मलेरिया के तेज बुखार से हार्ट अटैक हो जाए तो आश्चर्य की बात नहीं है। अगर किसी सामान्य आदमी को मलेरिया से ऐसा हो गया है तो यह शोध का विषय है। मेट्रो अस्पताल प्रमुख एवं एंजियोप्लास्टी विशेषज्ञ डॉ. पुरुषोत्तम लाल ने कहा कि मुंबई की घटना को हमें "वेक अप कॉल" (खतरे की घंटी) के रूप में लेना चाहिए। अचानक होने वाली हार्ट अटैक की घटनाओं में वृद्धि को देखते हुए पहले से यह आशंका रही है कि दिल पर कुछ ऐसे खतरे मंडराने लगे हैं जिनकी हमें जानकारी ही नहीं है। अब तक हम स्मोकिंग, उच्च रक्चाप, मोटापा, कोलेस्ट्रॉल, खराब जीवन शैली, तनाव और पारिवारिक इतिहास को दिल के लिए जोखिम कारक मानते रहे हैं। अब संक्रमण भी दिल की नली के लिए घातक साबित हो रहा है। इन अनजान कारकों की पहचान के लिए ही हाल ही में मेट्रो अस्पताल ने न्यूयार्क के आइंस्टीन कालेज ऑफ मेडिसिन के साथ करार किया है। एस्कॉर्ट अस्पताल के डॉ. अशोक सेठ ने कहा कि मलेरिया में दिल की नली में सूजन (मायोकार्डिटस) होने की बात तो आम है। खतरनाक फेलसिपेरम मलेरिया से हार्ट अटैक भी हो जाए तो आश्चर्य नहीं। कोई भी बीमारी हो, हार्ट की क्रिया प्रभावित होती है। नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट के सीईओ एवं हार्ट सर्जन डॉ. ओपी यादव ने कहा, "मलेरिया से हार्ट अटैक पहली घटना नहीं है। बीस साल पहले जब मैं पुणे के सीटीसी आर्मी अस्पताल में नियुक्त था तो ऐसा एक मामला सामने आया था। मरीज का पोस्टमार्टम भी किया गया था, लेकिन अगर इतनी संख्या में ऐसे मामले आए हैं तो चिंता की बात है।"(धनंजय,नई दुनिया,दिल्ली,4.8.2010)

3 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही चिंतनीय समस्या है....सरकार को शीघ्र ही इस ओर ध्यान देना चाहिए।

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