मंगलवार, 22 दिसंबर 2009

जब बच्चों के दांत निकल रहे हों......

छो टे-छोटे बच्चे जब पहली बार कुछ भी करते है, तो उनके माता पिता में गजब का उत्साह दिखता है। लेकिन जब बच्चों के दांत निकलने लगते हैं, तो ये एक ऐसा समय है जब आपको उनका खास ख्याल रखने की जरूरत होती है। शिशु रोग विशेषज्ञ डाक्टर आमेंद्र ने जागरण सिटी से हुई बातचीत में बताया कि इस दौरान बच्चे क्या प्राब्लम फेस करते है और उस दौरान आप क्या करें। वैसे तो इस बात का कोई निश्चित समय नहीं होता कि कब बच्चों के दांत निकलने लगेंगे न ही इसका कि दूध के दांत कैसे दिखेंगे। कुछ बच्चों में दांत निकलने कि प्रक्रिया की शुरुआत तीन महीने में ही हो जाती है, तो कुछ में चार या सात महीने में। ये प्रक्रिया दो से तीन साल तक चल सकती है। वैसे यह हर के लिए अलग हो सकती है। कैसे पता चले डाक्टर आमेंद्र ने कहा कि ये सब दादी नानी के ढकोसले है कि जब बच्चों में दांत निकलता है तो दस्त, बुखार आदि लक्षण दिखने लगते है। ऐसी कोई बात नहीं है। इस दौरान ये हो सकता है कि दांत निकलने कि वजह से बच्चे इरिटेशन फील करें। क्योंकि जब नए दांत अपने लिए जगह बनाने के लिए मसूड़ो को पीछे की ओर धकेलते है, तो इससे कुछ बच्चों को इरिटेशन तो कुछ को गुदगुदी सी महसूस होने लगती है। जिस वजह से वे चबाना या काटना शुरू कर देते है। क्योंकि इससे उस क्षेत्र में काउंटर प्रेशर पैदा होता है। जो उन्हें आराम पहुंचाता है। इसी लिए उस दौरान बच्चों को जो कुछ भी मिलता है, वे उसे मुंह में डाल कर काटते है। इसी लिए कई बच्चे ब्रेस्ट फीडिंग के दौरान मां को काटते है। मसूड़ों में सूजन जब दांत निकलते है, तो वे मसूड़ों को पीछे की ओर धक्का देते है। जिसकी वजह से कभी-कभी मसूड़े लाल हो जाते है, उनमें सूजन हो जाती है या वे कट जाते है। लेकिन आप परेशान न हो जैसे ही दांत आ जाऐंगे ये परेशानियां भी दूर हो जाएंगी। रात में चिड़चिड़ाना और परेशान करना यह अक्सर देखा गया है कि इस दौरान बच्चों को च्यादातर डिस्कम्फर्ट रात के दौरान ही होता है। क्योंकि ये जो प्रक्रिया है दांतों की हड्डियों और मसूड़ों के बीच से निकलने की प्रक्रिया है ये रात के दौरान बढ़ जाती है। मुंह में सलाइवा का ज्यादा बनना वैसे तो ये बच्चों के मंुह मे सलाइवा या थूक का बनना एक आम बात है। लेकिन अगर अचानक से इसकी मात्रा में वृद्धि आ जाए तो ये बच्चों में दांत निकलने का पहला लक्षण भी हो सकता है। लेकिन से जरूरी नहीं हर नवजात शिशु जिसे ये हो रहा हो, उसे दांत ही निकलने वाले हो। कुछ बच्चों में ये समस्या इतनी च्यादा बढ़ जाती है कि उन्हें इसकी वजह से गाल, गले या सीने में रैशेज भी हो जाते है। अगर आप इनसे अपने बच्चे को निजात देना चाहती हैं तो उनकी त्वचा को सूखा रखें या उन्हें पेट्रोलियम जेली की लेयर लगा दें। खानपान में बदलाव दांत निकलने के दौरान बच्चों के खान पान में कोई बदलाव नहीं आता है अगर कुछ होता है तो वह यह है कि जब वे चम्मच से दूध पीते हैं तो मसूड़ो में सूजन की वजह से उन्हें दर्द हो सकता है। जिसकी वजह से ये ब्रेस्टफीडिंग या बाटलफीडिंग च्यादा चाहते हैं। तो कहीं कुछ को ठोस चीजें चबाना भी अच्छा लगता है। आप क्या करें चूंकि जब बच्चों को दांत निकलता है, तो उस समय उन्हें जो कुछ मिलता है उसे वे मुंह में डाल लेते है। ऐसे में आप कोशिश करें की बच्चाजिस भी चीज को छूएं वो साफ हो। जिससे वो किसी भी प्रकार के इंफेक्शन से बच सके। (दैनिक जागरण,पटना,22 दिसम्बर,2009 के अंक में पारुल पाण्डेय)

1 टिप्पणी:

  1. नवजात शिशुओं के मामले में यह ज़्यादा गंभीर हो जाती है। चाहे पेट की गैस के समस्या हो या दाँत निकलने की वजह से होने वाला बुखार. www.momcuddle.com

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