सोमवार, 20 अगस्त 2012

बैकपेन से निज़ात

बाहर की ओर खुलने वाली घर की खिड़की जब आप खोलते हैं तो शायद ही इस ओर ध्यान जाता है कि आप किस हद तक शरीर को झुका रहे हैं और इसका प्रभाव आपकी रीढ़ की हड्डी और पीठ पर कितना पड़ता है। बैक पेन की बात हो या फिर गर्दन या कंधों का दर्द- अधिकतर लोग परेशान रहते हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक दस में से सात लोगों को गर्दन का दर्द रहता है। 90 फीसद मामलों में इस कारण सिरदर्द होता है। इससे राहत पाने के लिए वे जहां ऑलिव ऑयल से मसाज करते हैं, वहीं बर्फ के टुकड़े भी रगड़ते हैं या फिर गर्म पानी से सेंक देते हैं। इस तरह के दर्द से बचने के लिए अच्छा उपाय है कि आपका सिर गर्दन पर संतुलित हो और किसी ओर झुका न हो। खाना बनाने खासकर रोटी बनाने के दौरान झुक कर काम करने, सोफे पर बैठने या फिर लैपटॉप यूज करने के दौरान, पीठ झुकाना आम बात है। यही कारण है कि हम में लाखों लोग काम के दौरान कूबड़ बने रहते हैं। हालांकि हर दिन हमारे सिर पर इतना काम रहता है कि हम थोड़ी देर के लिए भी इस बारे में गंभीरता से नहीं सोचते, जो बाद में शरीर के इन भागों में दिक्कतें पैदा करती है। शरीर कार की तरह है। यह तुरंत ब्रेकडाउन नहीं होता है। कार के कलपुर्जे जब घिस जाते हैं,तभी ब्रेकडाउन होता है। 

निजात 
हममें से अधिकतर लोग जो सामान्य तौर पर गलती करते हैं, वह है अधिक भारी सामान उठाना। इससे पीठ पर काफी बल पड़ता है। फर्श से भारी सामान उठाने के दौरान शरीर को काफी क्षति पहुंचती है। भारी वजन उठाते समय शायद ही किसी का ध्यान इस ओर जाता है कि आपके घुटनों पर इसका क्या बुरा प्रभाव पड़ता है। ब्रिटिश ओस्टेपैथिक एसोसिएशन के टिम अलरडिक के मुताबिक, जब आप सामान उठाने के लिए झुकते हैं तो रीढ़ की हड्डी के डिस्क पर दबाव पड़ता है और वह बाद में समस्या के तौर पर सामने आती है। जब भी आप कोई सामान उठाएं खुद को सीधे रखें और भार को अपने शरीर के नजदीक रखें। इससे आपकी रीढ़ की हड्डी में दर्द नहीं उठेगा। हील वाले सैंडल न पहनें। यह भी पीठ दर्द का कारण होता है। 

बच्चों के साथ लांग ड्राइव पर जाना और बार-बार उनसे बात करने के लिए मुड़ना आपके गले के लिए खतरनाक हो सकता है। बात करने के लिए पीछे की सीट पर मुड़ने से पीठ की मांसपेशियों प्रभावित होती हैं। कार की सीटें भी आपकी पीठ और गर्दन के लिए आफत बन सकती हैं क्योंकि अधिकतर कार की सीटें या तो बाउल के आकार की होती है और स्लो प बैक होता है। यह हमारे शरीर को बुरी तरह प्रभावित करती हैं। इन सीटों के कारण पीठ की डिस्क क्षतिग्रस्त होती है। इससे मांसपेशियों, नसों आदि में खिंचाव आता है। इसलिए कार चलाते वक्त अपने पोश्चर का ख्याल रखें। हमेशा सीधी बैठें। जब भी आप लंबी यात्रा पर जाएं तो बीच में रुकें और हर घंटे अपने पैरों को सीधा करें। 

अमेरिकन जर्नल ऑफ मेडिसिन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, जो लोग धूम्रपान नहीं करते है, उनके मुकाबले ज्यादा पीने वाले लोगों को पीठ दर्द अधिक होता है। धूम्रपान के कारण रक्त संचरण में बाधा पहुंचती है और इस कारण रीढ़ और जोड़ों में दर्द उत्पन्न होता है। सिगरेट में मौजूद हानिकारक पदार्थ हड्डियों को कमजोर करते हैं, जो ऑस्टियोपोरोसिस को बढ़ाते है। इन दिनों काफी नीचे और गहरे सोफे बन रहे हैं। इस पर अधिक समय तक बैठने से रीढ़ की हड्डी अंग्रेजी के ‘सी’ आकार की हो जाती है। इससे पीठ की डिस्क, मांसपेशी और स्नायुबंधन में तनाव आता है।

बैठते वक्त अतिरिक्त तकिये का प्रयोग करें। इस बात का जरूर ध्यान रखें कि आपके बिछावन पर कितने तकिये हैं, गलत तरीके से सोने और झुककर चलने से भी हानि पहुंचती है। अधिक ऊंचा तकिया जहां आपके सिर को आगे करता है, वहीं कम ऊंचा तकिया पीछे धकेलता है। दोनों ही स्थितियों से गर्दन और रीढ़ की ऊपरी हड्डी पर असर पड़ता है। सोते समय ध्यान रखें कि आपकी गर्दन और रीढ़ की हड्डी सीधी हो।

लैपटॉप पर काम करने के दौरान माउस की अपेक्षा टचपैड गर्दन और कंधे के लिए अधिक हानिकारक है। जब आप टचपैड पर कार्य करते हैं तो आपको अपने हाथों को इधर-उधर करना पड़ता है और इससे आपके कंधे और गले में तनाव आता है। जबकि माउस का प्रयोग करते वक्त आपका शरीर सही पॉजिशन में रहता है। जब भी कंप्यूटर पर काम करें, अपने सिर और शरीर को संतुलित रखें। बाजार में छोटे आकार में मोबाइल फोन आ रहे हैं और उसके स्क्रीन को देखने के लिए हमें अधिक झुकना पड़ता है और आंखों पर अधिक जोर देना पड़ता है। इससे आपके दिमाग पर अधिक जोर पड़ता है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि जिस कान से आप फोन का अधिक इस्तेमाल करते हैं, शरीर के उस हिस्से में नर्वस सिस्टम प्रभावित होता है जबकि मांसपेशियों और डिस्क में तनाव आता है। मोबाइल या फोन से बात करते समय सिर को किसी ओर न झुकाएं। हेड सेट या स्पीकर फोन बेहतर ऑप्शन है। (आधी दुनिया,राष्ट्रीय सहारा,16.8.12 में विनीता की प्रस्तुति)

6 टिप्‍पणियां:

  1. पीठ दर्द से निजात पाने की जानकारी देने के लिए,,,आभार,,,
    RECENT POST ...: जिला अनुपपुर अपना,,,

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  2. बहुत बढ़िया जानकारी...वाकई जब टच पैड पर काम करती हूँ तो पीठ और गर्दन अकड़ती है...
    और सर और कंधे के बीच फोन फंसा कर बात करना भी दर्द का सबब बनता है...
    आपकी चेतावनियाँ ध्यान रखने योग्य.
    आभार
    अनु

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  3. पीठ दर्द के छिपे कारणों की बढ़िया पड़ताल की गई है इस आलेख में ,वर्चुअल दुनिया में ज्यादा तल्लीन रहने वालों के लिए अच्छी पोस्ट जो धूम्रपान के एक और घातक आयाम की और ध्यान दिलाती है -अश्थी -क्षय .शुक्रिया इस महत्वपूर्ण आलेख के लिए .कृपया यहाँ भी पधारें -
    ram ram bhai
    सोमवार, 20 अगस्त 2012
    सर्दी -जुकाम ,फ्ल्यू से बचाव के लिए भी काइरोप्रेक्टिक

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  4. आम समस्या है .... सचेत रहना ज़रूरी है सबके लिए

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  5. डनलप के गद्दे भी पीठ दर्द का कारण होते हैं...

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