शुक्रवार, 18 फ़रवरी 2011

पायरिया में करें सरसों तेल की मालिश

पायरिया रोग मुख में होने वाला बहुत ही कष्टदायक रोग है। दांतों की ठीक प्रकार से सफाई न रखने के कारण यह रोग होता है जिसमें रोगी के दांत सड़ने लगते हें और मुख से दुर्गध आने लगती है। यदि इस रोग की शुरुआत हुई हो तो आयुर्वेद के कुछ घरेलू उपचार से बहुत लाभ मिलता है। सुबह दातुन या ब्रश करने के बाद राई का तेल और नमक मिलाकर उंगली से दांत व मसूड़ों पर धीरे-धीरे मालिश करें। इससे पायरिया में बहुत लाभ मिलेगा। पायरिया होने पर यदि मसूड़ों से खून आता हो तो नींबू के रस को मसूड़ों पर मलने से बहुत फायदा होता है। देशी घी में कपूर मिलाकर दांतों पर मालिश करें और लार गिराते रहें, ऐसा करने से इस रोग में आराम मिलता है। रेड़ी का तेल दो सौ मिली ग्राम, बांस कपूर का चूर्ण पांच ग्राम और सौ मिली ग्राम शहद मिलाकर उंगली से दांतों पर मले। इससे रोग में काफी फायदा होगा। इसके अलावा सेंधा नमक मैदे की तरह बारीक पीसकर कपड़े से छान लें। ऐसा नमक दो ग्राम लेकर चार गुना सरसों के तेल में मिला लें और फिर उंगली से मसूड़ों की रोजाना मालिश करें। इसके बाद गुनगुने पानी से कुल्ला कर लें। इस विधि को कुछ दिनों तक लगातार करने से पायरिया में बहुत लाभ होता है और दांत साफ व मजबूत होते हैं। साथ ही दांतों के कीड़े नष्ट हो जाते हैं। रात को नमक के पानी से गरारे करने और सुबह नीम की दातुन नियमित करते रहने से दांतों का कोई रोग नहीं होता। पायरिया से बचने के लिए दांतों की सफाई रखनी चाहिए और अधिक गर्म व ठंडे पदार्थो का सेवन करने से बचना चाहिए। गर्म खाना खाने के बाद ठंडा पानी न पिएं। आयुर्वेद में पंचकर्म के अंतर्गत नस्य कर्म इसमें बहुत लाभकारी है(डॉ. सर्वाश मालवीय,दैनिक जागरण,लखनऊ,18.2.11)

4 टिप्‍पणियां:

  1. बचपन में सरसों तेल और नमक से दाँत साफ करते थे.. आज आपने भी बता दिया और कॉलगेट तो वैसे भी नमक वाला टूथ्पेस्ट लेकर आ चुके हैं बाज़ार में!!

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  2. उत्तम काम की जानकारी..

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  3. मालिश दांतों की
    फिर आंतें रहेंगी सुरक्षित
    पर ब्‍लॉगिंग की स्‍वस्‍थता के लिए
    भी बतलाइये कोई तेल
    राधारमण जी।

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