रविवार, 9 जनवरी 2011

दिल्लीःगर्भवती महिलाओं की मधुमेह जांच जरूरी

गर्भवती महिलाओं में डायबीटीज की जांच को जरूरी बनाया जाएगा। इस बीमारी के बारे में जागरूकता लाने के लिए दिल्ली सरकार विशेष अभियान चलाएगी। बड़े पैमाने पर डायबीटीज एजुकेटर तैयार किए जाएंगे। डायबीटीज से पीडि़त गरीब बच्चों के लिए निशुल्क इंसुलिन का इंतजाम किया जाएगा और बीमारी को 100 पर्सेंट ठीक करने के दावे वाले विज्ञापनों पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई की जाएगी। यह घोषणा दिल्ली की स्वास्थ्य मंत्री किरण वालिया ने शनिवार को की।
वालिया ने बताया कि ऐसे मामले बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं जब गर्भवती महिलाओं से उनके बच्चों में डायबीटीज पहुंचती है। जागरूकता न होने की वजह से ज्यादातर महिलाएं गर्भावस्था में यह जांच नहीं कराती हैं। ऐसे में सभी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की डायबीटीज जांच जरूरी की जाएगी। महिलाओं को डायबीटीज के बारे में जागरूक करने के लिए आशा, आंगनवाड़ी वर्कर्स और अस्पतालों के कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। ये लोग घर-घर जाकर महिलाओं को बीमारी के बारे में बताएंगे और गर्भवती महिलाओं को जांच कराने के लिए अस्पताल तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि इन दिनों ऐसे विज्ञापनों की भरमार देखी जा रही है जिसमें डायबीटीज को 100 पर्सेंट ठीक करने का दावा किया जाता है। ऐसे दावे पूरी तरह से गलत होते हैं, लेकिन परेशान लोग इन पर भरोसा करके दिक्कतें और बढ़ा लेते हैं। ऐसे में विज्ञापनदाताओं के खिलाफ अभियान शुरू कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जेजे कॉलोनियों में रहने वाले बच्चों में डायबीटीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इन्हें निःशुल्क इंसुलिन किसी तरह से मुहैया कराई जा सकती है इस पर चर्चा के लिए जल्द ही सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाएगी(नवभारत टाइम्स,दिल्ली,9.1.11)

दैनिक जागरण की रिपोर्टः
जल्द ही राजधानी के सभी सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की मधुमेह की जांच अनिवार्य कर दी जाएगी। यह घोषणा दिल्ली की स्वास्थ्य मंत्री डॉ. किरण वालिया ने दैनिक जागरण पहल की ओर से आयोजित वर्कशॉप के दौरान की। इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में शनिवार को आयोजित गर्भवती महिलाओं में डायबिटीज प्रबंधन विषय पर आयोजित वर्कशॉप के दौरान उन्होंने भरोसा दिलाया कि लोगों को भ्रमित करने वाले ऐसे विज्ञापनों से सख्ती से निपटा जाएगा, जो सौ फीसदी मधुमेह से छुटकारा दिलाने का दावा करते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को भी ऐसे विज्ञापनों से सजग रहना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक करने के लिए दिल्ली सरकार जल्द ही अपने आशा वर्कर को मधुमेह बचाव का प्रशिक्षण देगी, जो आम लोगों में जागरूकता लाने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि हम अपने अस्पतालों में कार्यरत लोगों को भी मधुमेह जांच के प्रति प्रशिक्षित करेंगे। वह जेजे कलस्टर में रह रहे बच्चों में बढ़ते मधुमेह के मरीजों के मद्देनजर निजी अस्पतालों के साथ बैठक करने जा रही हैं, ताकि न केवल उन्हें जागरूक किया जा सके बल्कि इससे पीडि़त बच्चों तक मुफ्त में इंसुलिन भी मुहैया कराई जा सके। सरकार ने अर्बन स्लम क्षेत्र में मधुमेह और रक्तचाप की जांच के लिए विशेषज्ञों की 70 ऐसी टीमें बनाई हैं, जो 1180 जेजे कलस्टर में जाकर जांच की सुविधा मुहैया कराएंगी। उन्होंने कहा कि जागरण पहल की ओर से जागरूकता की जो सीडी तैयार की गई है, उसे भी सरकारी अस्पतालों में टीवी स्क्रीन पर दिखाया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत में पहल के प्रमुख आनंद माधव ने कहा कि हमारा मकसद लोगों को मधुमेह के प्रति जागरूक करना है, ताकि लोग जांच के लिए आगे आएं और दो जान बचाई जा सके। उन्होंने पहल के अभियान के बारे में भी विस्तार से लोगों को बताया। वर्कशॉप में शामिल डॉक्टर अमरीश मित्तल ने कहा कि यह एक ऐसी बीमारी है, जो मां के साथ बच्चों में भी हो जाती है। इस दौरान मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए आईएमए के डॉक्टर अनिल बंसल ने कहा कि जो विज्ञापन लोगों को भ्रमित करे, उसका प्रकाशन न हो तो समाज के लिए अच्छा रहेगा। 


नोटःविचार,मनोज और राजभाषा हिंदी ब्लॉगों के स्वामी श्री मनोज जी ने 9 जनवरी के चर्चामंच पर इस पोस्ट की चर्चा की है जिसका संदर्भ यहां लिया जा सकता है।

4 टिप्‍पणियां:

  1. अच्छी जानकारी दी आपने शुभकामनायें !

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  2. राधारमण जी, बहुत ही अच्छी जानकारी देती हुई पोस्ट.....

    क्या कोई ऐसी पोस्ट है यहाँ जो वज़न घटाने या कंट्रोल करने पर हो , अगर नहीं तो कृपया उसपर भी कुछ जानकारी दें..... धन्यवाद.

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