गुरुवार, 16 सितंबर 2010

जुकाम

गरमी के बाद बरसात होने पर जहां अचानक तापमान गिरता है, वहीं बरसात में भीग जाने की वजह से भी कई बार जुकाम और छींकों के साथ भी कई तरह की शारीरिक परेशानियां और बीमारियां हमें घेर लेती हैं। कुछ सावधानियां अपना कर ऐसे सर्दी-जुकाम से आसानी से बचा जा सकता है।

जुकाम क्यों होता है सामान्य जुकाम नाक और श्वास तंत्र में होने वाला संक्रमण है। राइनो, एडेनो और कोराना जैसे वायरस नाक के बहने या बंद नाक का कारण बन सकते हैं। कई बार आपको शारीरिक पीड़ा और सूखी खांसी की शिकायत भी हो सकती है। ये लक्षण प्राय: 4 से 9 दिन तक रहते हैं। इसमें सामान्यत: लोग दवा नहीं लेते, जबकि यह रवैया बीमारी को और भी बढ़ा सकता है। हालांकि सर्दियों में जुकाम ज्यादा होता है क्योंकि बदलते मौसम में हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है।

इसी तरह अचानक कम तापमान में आने से भी जुकाम पकड़ सकता है जैसा आमतौर पर गर्मियों के बाद की बरसात में होता है। इसीलिए अक्सर डॉक्टर एयर कंडीशनर से धूप में या धूप से एसी में प्रवेश के बारे में हिदायतें देते हैं, क्योंकि शारीरिक तापमान अचानक गिर जाने से हमारा शरीर होने वाले संक्रमणों से लड़ने के लिए अकसर तुरंत तैयार नहीं हो पाता।

इसके अलावा, जुकाम और इन्फ्लूएन्जा (फ्लू) के अंतर को भी समझना जरूरी है। अक्सर जुकाम को फ्लू समझने की भूल की जाती है। फ्लू इन्फ्लूएन्जा के वायरस से होता है, जबकि जुकाम अन्य कारणों से। दोनों बीमारियां एक दूसरे से मिलती जरूर हैं। फ्लू के दौरान तेज बुखार से सिरदर्द, अंग दर्द, सूखी खांसी और बेहद कमजोरी भी महसूस होती है।

जुकाम को कैसे रोका जा सकता है? इस बारे में कुछ सावधानियां बरत कर अपना बचाव किया जा सकता है :- - अचानक ठंडे से गरम और गरम से ठंडे वातावरण में न जाएं। - पसीने के दौरान/खेलने के तुरंत बाद ठंडा पानी न पीएं। - गरम भोजन के साथ ठंडी चीजें न खाएं। मौसम के मुताबिक कपड़े पहनें। - धूल भरे वातावरण से बचें या नाक पर कपड़ा रखें। अपनी स्वच्छता का ख्याल रखें। - अपने हाथ बराबर धोते रहें क्योंकि ज्यादातर कोल्ड और फ़्लू वायरस अशुद्ध हाथों से ही फैलते हैं। - सार्वजनिक वस्तुओं जैसे - बैंक में पैन, पेपर आदि के इस्तेमाल से बचें। - घर से निकलते समय अपने साथ रुमाल/नैपकिन लेकर निकलें। - दिन का कुछ समय ताजी हवा या धूप में अवश्य बिताएं। - भीड़ भरी जगहों और धूल से बचें। - पर्याप्त मात्र में पोषक भोजन करें, जिसमें फल व हरी पत्तेदार सब्जियां पर्याप्त मात्र में हों। - रोग प्रतिरोधक विटामिन व खनिज तत्व प्रचुर मात्र में होते हैं। - प्रचुर मात्र में तरल पदार्थ लें/रेशेदार फल, सब्जियों का प्रयोग करें। - संक्रमित लोगों से दूरी बनाकर रखें।

ज्यादा प्रतिरोधक लेकर लड़ सकते हैं जुकाम से ? एंटी एलर्जिक दवाइयां व पैरासिटामोल जैसी दर्द निवारक दवाएं सहायक हो सकती हैं, बेहतर यही होगा कि इनके इस्तेमाल से पहले डॉक्टर की सलाह ले ली जाए। अगर जुकाम की वजह से आपकी नींद और दिनचर्या में कोई दिक्कत नहीं है तो दवा लेने की जरूरत नहीं होती। आमतौर पर जुकाम के लिए सबसे प्रभावशाली उपाय दवा के बगैर भी हो सकते हैं। जैसे, नाक में डालने वाले ड्रॉप/स्प्रे/इन्हेलर/भाप/प्राणायाम, बहुत से तरल पदार्थो को खानपान में प्रयोग करना/विटामिन सी युक्त फल/खाद्य लेना।

इन दिनों आहार क्या लें - तापमान में गिरावट के साथ ही विशेषज्ञ विटामिन सी को खाने में प्रमुखता की सलाह देते हैं, जिसके लिए आंवला व नीबू के साथ ही विटामिन सी की दवाओं को भी शामिल किया जा सकता है। - बारिश के साथ मौसम में आद्रता के बने रहने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, इसके लिए फलों के ताजे जूस को भोजन में शामिल किया जाना जरूरी है। - साधारण भोजन के अलावा मानसून में 200 से 300 कैलोरी इंटेक किया जा सकता है, हालांकि इसके साथ ही शारीरिक श्रम को अनुपात बनाए रखना भी जरूरी है। -हरी सब्जियों के अलावा, न्यूट्रिशियन व पाइथोन्यूट्रिट को शामिल किया जा सकता है। डॉ. रितिका समदर, डायटिशियन, मैक्स अस्पताल

(हिंदुस्तान,दिल्ली,14.9.2010)

3 टिप्‍पणियां:

  1. सबे कामन बीमारी पर जानकारी और उपयोगी टिप्स

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  2. बढ़िया जानकारी, आज कल इसका मौसम भी चल रहा है ....

    इसे भी पढ़े :-
    (आप क्या चाहते है - गोल्ड मेडल या ज्ञान ? )
    http://oshotheone.blogspot.com/2010/09/blog-post_16.html

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